नगर निगम : बोर्ड बैठक में जमकर हुआ हंगामा

Updated at : 31 Jul 2018 2:40 AM (IST)
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नगर निगम : बोर्ड बैठक में जमकर हुआ हंगामा

सिलीगुड़ी : हाउसिंग फॉर ऑल योजना को लेकर सिलीगुड़ी नगर निगम में फिर से अस्थिरता की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. इस कथित घोटाले को लेकर नगर निगम में जमकर हंगामा हुआ. हंगामे की स्थिति यह थी कि मेयर अशोक भट्टाचार्य सहित मेयर परिषद के अन्य सदस्य कुछ नहीं बोल पाने की स्थिति में नहीं […]

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सिलीगुड़ी : हाउसिंग फॉर ऑल योजना को लेकर सिलीगुड़ी नगर निगम में फिर से अस्थिरता की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. इस कथित घोटाले को लेकर नगर निगम में जमकर हंगामा हुआ. हंगामे की स्थिति यह थी कि मेयर अशोक भट्टाचार्य सहित मेयर परिषद के अन्य सदस्य कुछ नहीं बोल पाने की स्थिति में नहीं थे. आज की बैठक दिन में करीब 1:00 बजे शुरू हुई.
बैठक शुरू होते ही तृणमूल कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी पार्टियों ने वाममोर्चा बोर्ड पर हमला बोल दिया. इस कथित घोटाले के अलावा बोर्ड बैठक में और किसी बात को लेकर चर्चा तक नहीं की गई. 1:00 बजे से शुरू बोर्ड बैठक शाम 6:00 बजे तक चली.
लेकिन कोई फैसला नहीं हो सका. 37 नंबर वार्ड के तृणमूल पार्षद रंजन शील शर्मा ने कहा कि प्रथम चरण के लिए उन्होंने निगम के निर्देशानुसार 86 लोगों की तालिका दी थी. जबकि उस तालिका में 133 लोगों के नाम हैं. यह कैसे हुआ कुछ पता नहीं. उन्होंने आगे बताया कि प्रथम चरण की तालिका में अरूणा बसाक का नाम दर्ज है.
लेकिन वे स्वयं हाउसिंग फॉर ऑल योजना के रूपए से घर नहीं बनाना चाहती हैं. उन्होंने इसके लिए बैक खाता भी नहीं खुलवाया और न ही नियमानुसार 35 हजार रूपए जमा कराये. इसके बावजूद भी अरूणा बसाक के बैंक खाते में हाउसिंग फॉर ऑल के प्रथम चरण का 60 हजार रूपया जमा कराया जा चुका है. इसी तरह तालिका के बाहर 200 से अधिक लोगों के खाते में रूपये जमा कराये जा चुके हैं. जबकि अधिकांश लाभार्थी आवंटन के इंतजार में घर तोड़कर आस लगाये बैठे हैं.
श्री शर्मा ने कहा कि नीति के खिलाफ जाने को ही भ्रष्टाचार कहते हैं. हाउसिंग फॉर ऑल योजना को लेकर निगम की वाम बोर्ड भी नीति के खिलाफ चली गयी है. 16 नंबर वार्ड पार्षद कांग्रेस के सुजय घटक ने बताया कि उन्होंने प्रथम चरण के लिए कुल 8 लाभार्थियों का नाम दिया था. जिसमें से सात लोगों के बैंक खाते में 60 हजार रूपआ पहुंच गया है लेकिन एक सविता घोष के खाते में रूपया नहीं पहुंचा है, जबकि उसने नियमानुसार खाता खुलवाकर उसमें 35 हजार रूपया भी जमा कराया है.
विरोधी पक्षों ने इस गड़बड़ी के जिम्मेदार मेयर परिषद सदस्य का इस्तीफा मांगा है. बोर्ड के सभी विरोधी पक्ष ने यहां तक कि कांग्रेस ने भी परियोजना प्रभारी मेयर परिषद सदस्य सरदेंदू चक्रवर्ती के इस्तीफे की मांग रखी है. विरोधी दल नेता रंजन सरकार ने कहा कि माकपा बोर्ड हर मोर्चे पर विफल साबित हुयी है. शुरूआत में ही सर्वे वार्ड पार्षदों से कराना चाहिए. हर मसले को बोर्ड बैठक में रखकर परामर्श करना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार मेयर परिषद सदस्य व मेयर को इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने साफ कहा कि मेयर परिषद सदस्य को हटाये बगैर इस मामले को वापस सुधारना मुश्किल है.
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