राजवंशी, कामतापुरी, कुरूख भाषा को दी जायेगी मान्यता
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :06 Feb 2018 4:16 AM (IST)
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फिर किया स्पष्ट. राज्य का बंटवारा बरदाश्त नहीं, पहाड़ के विकास पर हो बात : ममता सिलीगुड़ी : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने प्रत्येक दौरे में उत्तर बंगालवासियों को कुछ न कुछ उपहार दिया है. सोमवार से शुरू हुए इस उत्तर बंगाल दौरे में उन्होंने राजवंशी, कामतापुरी व कुरूख भाषा को आधिकारिक भाषा का दर्जा […]
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फिर किया स्पष्ट. राज्य का बंटवारा बरदाश्त नहीं, पहाड़ के विकास पर हो बात : ममता
सिलीगुड़ी : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने प्रत्येक दौरे में उत्तर बंगालवासियों को कुछ न कुछ उपहार दिया है. सोमवार से शुरू हुए इस उत्तर बंगाल दौरे में उन्होंने राजवंशी, कामतापुरी व कुरूख भाषा को आधिकारिक भाषा का दर्जा देने का एलान किया है. दूसरी तरफ पंचायत चुनाव को लेकर पूरे राज्य में जनसभा, रैली व जन संपर्क अभियान शुरू करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को दिया है. माध्यमिक परीक्षा के पहले तक लगातार जनसभा व जनसंपर्क चलाया जायेगा. उच्च माध्यमिक की परीक्षा के बाद पंचायत चुनाव के समय को देखते हुए भावी रणनीति बनायी जायेगी. उन्होंने पहाड़ पर विभाजन की राजनीति को छोड़ कर विकास के लिए हर संभव प्रयास करने का भरोसा जताया है.
राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पांच दिवसीय उत्तर बंगाल दौरे पर हैं. सोमवार को मुख्यमंत्री छात्र-युवा कार्यशाला में शामिल हुईं. इस मंच से उन्होंने राजवंशी, कामतापुरी व कुरूख भाषा को आधिकारिक भाषा का दर्जा देने की घोषणा की. उनके इस घोषणा के साथ कूचबिहार, जलपाईगुड़ी व अलीपुरद्वार से आये राजवंशी व कामतापुरी समर्थकों के चेहरे खिल उठे. सभी में तालियों की गड़गड़ाहट के बीच इसका
स्वागत किया. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बंगाल का विभाजन कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे. बल्कि विकास के लिए सरकार हर संभव मदद करने को तैयार है. जीटीए ने फिर से अपना विकास कार्य शुरू किया है. वे स्वयं मंगलवार को पहाड़ का रूख करेंगी. यहां बता दें कि मंगलवार को रोहिणी में सड़क का उद्घाटन कर मुख्यमंत्री पहाड़ चढ़ेंगी. आठ को जीटीए प्रशासनिक बोर्ड के साथ बैठक कर वह कोलकाता रवाना होगीं.
पंचायत चुनाव को लेकर भावी नीति
आने वाले पंचायत चुनाव को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने एक भावी नीति तैयार की है. सिलीगुड़ी से मुख्यमंत्री ने प्रचार अभियान की पूरी नीति नेताओं को बतायी. उन्होंने कहा कि माध्यमिक परीक्षा से पहले तक का समय है. माध्यमिक व उच्च माध्यमिक की परीक्षा के बीच तीन दिन का समय मिलेगा. परीक्षा के दौरान बंद कमरों में बिना साउंड सिस्टम का उपयोग किये सभा करें. परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को परेशानी न हो इसका ध्यान रखना होगा. परीक्षार्थी देश के भविष्य हैं. 12 मार्च से माध्यमिक की परीक्षा शुरू होगी. 8 मार्च तक तूफानी रैली व सभा आयोजित करने का निर्देश उन्होंने दिया है. सुश्री बनर्जी ने कहा कि 6 व 7 मार्च को पूरे उत्तर बंगाल के प्रत्येक ब्लॉक में महिलाएं रैली निकालेंगी. दक्षिण बंगाल में भी रैली निकाली जायेगी. अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च को दक्षिण बंगाल में एक व उत्तर बंगाल में एक संयुक्त रैली निकाली जायेगी. उत्तर बंगाल में गंगा की तरह बह रही विकास कार्यो का जमकर प्रचार करना होगा. परीक्षा के बाद प्रत्येक जिला में सभा, समावेश व रैली करनी होगी.छात्र-युवा समावेश के मंच से राज्य की मुख्यमंत्री ने कहा कि जन्म से लेकर मृत्यु तक तृणमूल सरकार ने लोगों के लिए योजनाएं लागू की है. गर्भवती माताओं के लिए मुफ्त में चिकित्सा परिसेवा, उनकी अच्छी सेहत के लिए खाद्य व बच्चा जन्म लेने पर आर्थिक सहायता शामिल है. बच्ची होने पर कन्याश्री, शिक्षा, किताबों से लेकर विद्यालय वेश, स्वास्थ साथी, सबुजसाथी से लेकर मेधावियों के लिए छात्रवृत्ति व मरनोपरांत दाह संस्कार के लिए समवेती योजना तक सरकार ने जनहित में लागू किया है.
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