पहलlस्कूल परिवार की ओर से जीटीए चेयरमैन को सौंपा गया ज्ञापन, तीस्ता ब्रिज उच्चतर विद्यालय को मॉडल स्कूल बनाने की मांग

Published at :13 Dec 2017 9:59 AM (IST)
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पहलlस्कूल परिवार की ओर से जीटीए चेयरमैन को सौंपा गया ज्ञापन, तीस्ता ब्रिज उच्चतर विद्यालय को मॉडल स्कूल बनाने की मांग

कालिम्पोंग: तीस्ता ब्रिज उच्च्तर विद्यालय को एक मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने की मांग को लेकर तीस्ता स्कूल प्रबंधन ने जीटीए बोर्ड ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन के चेयरमैन विनय तमांग से दार्जिलिंग स्थित कार्यालय लालकोठी में भेंट कर उन्हें ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ ही दार्जिलिंग के तक्लिंग-सोरेंग इलाके के एकमात्र हायर […]

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कालिम्पोंग: तीस्ता ब्रिज उच्च्तर विद्यालय को एक मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने की मांग को लेकर तीस्ता स्कूल प्रबंधन ने जीटीए बोर्ड ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन के चेयरमैन विनय तमांग से दार्जिलिंग स्थित कार्यालय लालकोठी में भेंट कर उन्हें ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ ही दार्जिलिंग के तक्लिंग-सोरेंग इलाके के एकमात्र हायर सेकेंडरी स्कूल में समस्याओं के अम्बार की ओर ध्यान आकृष्ट किया गया है.

उल्लेखनीय है कि सन 1951 स्थापित यह स्कूल एनएच-10 के कालोझोड़ा से रम्फू समेत तक्लिंग, सोरेंग, मंगमाया आदि क्षेत्र के बच्चे पढ़ते हैं. सन 2002 में इस स्कूल को उच्चतर माध्यमिक का दर्जा मिलने के बाद भी यह आज भी समस्याओं से ग्रस्त है. इस स्कूल में सबसे बड़ी समस्या कमरों की है. कक्षा 6 से 9 तक कई सेक्शन में कक्षाएं बांटी गई हैं. हालांकि परन्तु कमरों की कमी के कारण सभी सेक्शन को एक ही कमरे में पढ़ाने की बाध्यता है.

स्कूल भवन भी पुराना होने के कारण बरसात के मौसम में कक्षाओं में छाता लेकर बैठने की नौबत आ जाती है. इन समस्याओं को लेकर जीटीए के स्थापना काल से ही कई दफे ज्ञापन दिये गये थे. लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ. स्कूल के शिक्षक विशाल राई ने बताया कि तीस्ता हाट के उद्घटान के मौके पर वहां पहुंचे जीटीए प्रमुख ने स्कूल के लिए 50 लाख रुपए के अनुदान की घोषणा भी की थी. हालांकि वह राशि स्कूल की जरूरतों के मुताबिक सीमित थी. इसीलिये स्कूल प्रबंधन ने समस्याओं को लेकर नए स्वरूप में गठित जीटीए बोर्ड जिसने शिक्षा को प्राथमिकता देने का लक्ष्य रखा है ज्ञापन सौंपा है.

जीटीए बोर्ड के चेयरमैन को ज्ञापन सौंपा गया. जिस स्कूल को मॉडल स्कूल बनाने का प्रस्ताव था उसकी तरफ आज किसी का ध्यान नहीं है. चूंकि आज इस स्कूल में ज्यादातर गरीब व कमजोर वर्ग के बच्चे पढ़ते हैं. स्कूल में आज विज्ञान लैब नहीं है और न ही पुस्तकालय ही है. एक दफे एक क्लास में 90 से ज़्यादा विद्यार्थी के होने पर छोटे से कमरे में चल रहे कंप्यूटर क्लास में एक पीरियड में महज 12 बच्चे ही पढ़ सकते है.


स्कूल के प्रभारी शिक्षक टीटी लेप्चा ने बताया कि जीटीए के चेयरमैन से भेंट सकारात्मक रही. जीटीए बोर्ड पहाड़ के शैक्षिक विकास को लेकर हाल में अनेक कार्य कर रहा है. कार्यवाहक चेयरमैन विनय तमांग ने स्कूल की समस्याओं को सुनने के बाद ज्ञापन शिक्षा विभाग के कार्यकारी निदेशक एवं स्पेशल इंजीनियरिंग विभाग के कार्यकारी इंजीनियर को फॉरवर्ड कर दिया. भेंट के दौरान स्कूल पक्ष से प्रभारी शिक्षक टीटी लेप्चा, शिक्षक सीके ब्लोन, विशाल राई एवं राजेन छेत्री की मौजूदगी रही.
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