गोजमुमो प्रमुख को पकड़ने के लिए छापेमारी

Published at :24 Aug 2017 9:39 AM (IST)
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गोजमुमो प्रमुख को पकड़ने के लिए छापेमारी

सिलीगुड़ी. गोरखा जनमुक्ति मोर्चा प्रमुख विमल गुरुंग को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने छापेमारी तेज कर दी है. बुधवार को दिन के करीब एक बजे बड़ी संख्या में सीआरपीएफ के जवानों को साथ लेकर पुलिस ने सोम चाय बागान पर धावा बोला. दार्जिलिंग शहर से दूर ग्रामीण इलाके में यह चाय बागान है. सूत्रों […]

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सिलीगुड़ी. गोरखा जनमुक्ति मोर्चा प्रमुख विमल गुरुंग को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने छापेमारी तेज कर दी है. बुधवार को दिन के करीब एक बजे बड़ी संख्या में सीआरपीएफ के जवानों को साथ लेकर पुलिस ने सोम चाय बागान पर धावा बोला. दार्जिलिंग शहर से दूर ग्रामीण इलाके में यह चाय बागान है. सूत्रों ने बताया कि मोर्चा प्रमुख तथा उनके कुछ करीबियों के यहीं डेरा जमाये होने की खबर मिलने के बाद ही पुलिस ने यह कार्रवाई की. हालांकि किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका.
पिछले तीन दिनों से पातलेवास तथा सिंगमारी इलाके में लगातार छापामारी की जा रही है. इस पूरे इलाके को किले में बदल दिया गया है. सिंगमारी में गोजमुमो का केंद्रीय कार्यालय है, जबकि पातलेवास में विमल गुरुंग का घर. सूत्रों के अनुसार, शीर्ष मोर्चा नेताओं की तलाश में हर संभावित ठिकाने पर छापामारी की जा रही है. इस बीच, विमल गुरुंग का पिछले 10 दिनों से कोई अता-पता नहीं है. हालांकि गोजमुमो के विभिन्न नेता इससे इनकार कर रहे हैं कि विमल गुरुंग छिपे हुए हैं. एक नेता का कहना है कि विमल गुरुंग छिपे नहीं हैं, बल्कि वह विभिन्न स्थानों पर जाकर पार्टी समर्थकों के साथ बैठक कर रहे हैं. हालांकि यह भी सही है कि वह पातलेवास में नहीं है.
पातलेवास से नीचे विमल गुरुंग द्वारा चलाये जा रहे एक स्कूल में उनके रहने की बात कही जा रही थी. अब उस स्कूल में एसएसबी का कैंप है. करीब एक सप्ताह पहले पुलिस ने छापामारी कर स्कूल खाली करा लिया था. स्थानीय लोगों की मानें तो दार्जिलिंग तथा उसके आसपास के इलाके में मोर्चा प्रमुख पिछले 10 दिनों से नहीं दिखे हैं.
हाल में गोजमुमो द्वारा पार्टी प्रमुख के नाम से जो प्रेस विज्ञप्तियां जारी हो रही हैं, उनमें भी विमल गुरुंग के हस्ताक्षर नहीं हैं. माना जा रहा है कि विमल गुरुंग की सलाह पर गोजमुमो के दूसरे नेता उनके नाम से प्रेस विज्ञप्तियां जारी करते हैं. पुलिस सूत्रों के अनुसार, मोर्चा प्रमुख के सिक्किम में होने की संभावना है. एक-दो दिनों के अंदर सिक्किम पुलिस से भी संपर्क किया जायेगा.
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहाड़ की समस्या को लेकर 29 अगस्त को कोलकाता में सर्वदलीय बैठक बुलायी है. इससे पहले ही पुलिस ने गोजमुमो के शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी के लिए दबिश बढ़ा दी है. विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री द्वारा बुलायी गयी बैठक से पहले पुलिस मोर्चा प्रमुख विमल गुरुंग तथा उनके करीबियों को दबोच लेना चाहती है. सरकार ने पुलिस को खुली कार्रवाई की छूट दे दी है. पुलिस सूत्रों ने बताया कि विमल गुरुंग के साथ ही उनके करीबियों दावा लेप्चा, बारूद थापा, सरोज थापा, प्रवीण सुब्बा सहित आधा दर्जन लोगों को पुलिस तलाश रही है.
बैठक को लेकर पहाड़ की पार्टियों में उत्साह कम: राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, राज्य सरकार विमल गुरुंग तथा उनके सहयोगियों को गिरफ्तार कर गोजमुमो तथा पहाड़ की अन्य राजनीतिक पार्टियों पर दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रही है. अब तक जो सूचना है उसके अनुसार, पहाड़ के राजनीतिक दलों ने मुख्यमंत्री द्वारा बुलायी गयी बैठक के प्रति कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखायी है. अधिकतर पार्टियों का कहना है कि राज्य सरकार की ओर से औपचारिक आमंत्रण मिलने के बाद ही बैठक में जाने को सोचेंगे. वहीं कुछ राजनीतिक दलों ने साफ कर दिया है कि यदि गोरखालैंड पर बातचीत होती है तभी वह लोग नवान्न में आयोजित बैठक में शामिल होंगे. राज्य खुफिया विभाग ने मुख्यमंत्री कार्यालय तक इस बात की जानकारी पहुंचा दी है. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि एक बार विमल गुरुंग तथा उनके करीबीयों की गिरफ्तारी हो जाती है तो 13 पार्टियों द्वारा बनायी गयी गोरखालैंड मूवमेंट को-ऑर्डिनेशन कमेटी में बिखराव हो जायेगा. इसके अलावा गिरफ्तारी के डर से गोजमुमो के भी कई बड़े नेता अंडरग्राउंड हो जायेंगे. ऐसी परिस्थिति में पहाड़ पर बेमियादी बंद अपने आप खत्म हो जाने की संभावना है.
कौन-कौन नेता निशाने पर
पुलिस सूत्रों के अनुसार, विमल गुरुंग के साथ उनके सबसे करीबी सहयोगी पुलिस की लिस्ट में है. इनमें प्रवीण सुब्बा, सरोज थापा, दावा लेप्चा तथा बारूद थापा शामिल हैं. सरोज थापा विमल के सलाहकार हैं, जबकि प्रवीण सुब्बा को उनका दाहिना हाथ माना जाता है. प्रवीण सुब्बा का घर भी विमल गुरुंग के घर के निकट है. यहां भी पुलिस ने कई बार छापामारी की है. इसी तरह से दावा लेप्चा तथा बारूद थापा भी हमेशा विमल गुरुंग के साथ ही रहते हैं. दावा लेप्चा का घर कालिम्पोंग के पेदोंग तथा बारूद थापा का घर बमबस्ती में है. इनके यहां भी लगातार पुलिस और सीआरपीएफ दस्तक दे रही है. हाल में दार्जिलिंग तथा कालिम्पोंग में बम विस्फोट की घटना के बाद पुलिस ने विमल गुरुंग के साथ जिन गोजमुमो कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है, उसमें प्रवीण सुब्बा का भी नाम भी है.
किन धाराओं के तहत मुकदमा: बम विस्फोट की घटना के बाद पुलिस ने पहली बार यूएपीए धारा के तहत विमल गुरुंग तथा उनके सहयोगी प्रकाश गुरुंग, प्रवीण सुब्बा आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. इनलोगों के खिलाफ आइपीसी की कई धाराओं के तहत यूएपीए के तहत मामला दर्ज हुआ है.
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