घुसपैठियों पर सख्त शुभेंदु सरकार, 11 जिलों में होल्डिंग सेंटर्स, 335 लोग हिरासत में, 2680 संदिग्धों की लिस्ट पहुंची बांग्लादेश

West Bengal Holding Centres: शुभेंदु अधिकारी सरकार ने पश्चिम बंगाल में 11 होल्डिंग सेंटर्स बनाकर 335 अवैध प्रवासियों को हिरासत में लिया है. डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट नीति के तहत 2680 संदिग्धों की राष्ट्रीयता की जांच के लिए फाइल बांग्लादेश भेजी गयी है. पूरी डिटेल यहां पढ़ें.

West Bengal Holding Centres: पश्चिम बंगाल की राजनीति में घुसपैठ का मुद्दा अब फाइलों से निकलकर एक्शन मोड में आ गया है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने अपनी बहुचर्चित ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ (पहचानो, हटाओ और निकालो) नीति को जमीन पर उतारते हुए राज्य में 11 होल्डिंग सेंटर्स तैयार कर दिये हैं. इन केंद्रों में 335 संदिग्धों को रखा गया है. इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं.

बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू

सरकार का इरादा साफ है- बिना वैध दस्तावेजों के बंगाल की धरती पर रहने वालों की पहचान कर उन्हें वापस उनके देश भेजा जायेगा. इस बीच, भारत सरकार ने 2,680 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों की सूची ढाका को सौंप दी है, ताकि उनकी राष्ट्रीयता का सत्यापन कर निर्वासन की प्रक्रिया शुरू की जा सके.

11 जिलों में बने सुरक्षा और सत्यापन के नये ठिकाने

शुभेंदु सरकार ने घुसपैठ की समस्या से निपटने के लिए राज्य के संवेदनशील सीमावर्ती और आंतरिक जिलों में 11 विशेष केंद्र स्थापित किये हैं. इन केंद्रों में जो 335 लोग रखे गये हैं, उन्हें अलग-अलग जिलों से पकड़ा गया है. ये सभी संदिग्ध घुसपैठिये हैं.

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होल्डिंग सेंटर्स में मानवीय आधार पर सारी व्यवस्थाएं

सरकार का दावा है कि इन होल्डिंग सेंटर्स में बुनियादी सुविधाएं दी जा रही हैं, लेकिन सुरक्षा के घेरे में कोई ढील नहीं है. यहां उनकी राष्ट्रीयता की गहन जांच (Nationality Verification) की जा रही है. जैसे ही इन लोगों की पहचान की पुष्टि होगी, उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत सीमा पार भेज दिया जायेगा.

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विदेश मंत्रालय का बड़ा कदम- 2680 संदिग्धों की फाइल पहुंची ढाका

घुसपैठ के खिलाफ यह अभियान केवल राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि केंद्र सरकार ने भी इसमें गति बढ़ा दी है. भारत ने आधिकारिक तौर पर 2,680 संदिग्ध अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के मामले बांग्लादेश सरकार को भेज दिये हैं. विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, जैसे ही बांग्लादेश इन लोगों की पहचान अपने नागरिक के रूप में सुनिश्चित करेगा, भारत उन्हें डिपोर्ट (निर्वासित) करना शुरू कर देगा.

बंगाल की डेमोग्राफी सुरक्षित रखने के लिए राजनयिक दबाव

माना जा रहा है कि शुभेंदु अधिकारी सरकार के दबाव के बाद केंद्र सरकार ने इस प्रक्रिया को फास्ट ट्रैक मोड में डाल दिया है, ताकि पश्चिम बंगाल की जनसांख्यिकी (Demography) को सुरक्षित रखा जा सके.

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क्या है शुभेंदु सरकार की 3D नीति?

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सत्ता संभालते ही स्पष्ट कर दिया था कि वे घुसपैठ को बर्दाश्त नहीं करेंगे. इसलिए 3D नीति पर काम करना शुरू कर दिया था. 3D का मतलब है- Detect, Delete and Deport.

  • डिटेक्ट (Detect): खुफिया जानकारी और घर-घर जाकर सत्यापन के जरिये अवैध प्रवासियों की पहचान करना.
  • डिलीट (Delete): फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वोटर लिस्ट और राशन कार्ड से उनके नाम हटाना.
  • डिपोर्ट (Deport): विदेशी अधिनियम (Foreigners Act) के तहत उन्हें उनके मूल देश भेजना.

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West Bengal Holding Centres: राजनीतिक गलियारों में हलचल

सरकार के इस कड़े रुख ने विपक्ष को बेचैन कर दिया है. बीजेपी इसे राष्ट्र की सुरक्षा से जोड़कर देख रही है, तो विपक्षी दल इसे एक विशेष समुदाय को निशाना बनाने की कोशिश बता रहे हैं. हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया है और केवल उन्हीं पर कार्रवाई हो रही है, जिनके पास भारतीय नागरिकता का कोई वैध प्रमाण नहीं है.

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Published by: Mithilesh Jha

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