कुंभ में मिलती है केंद्र से मदद गंगासागर में नहीं : ममता
Updated at : 09 Jan 2020 1:22 AM (IST)
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कोलकाता : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि गंगासागर जैसा मेला अन्यत्र कहीं नहीं होता है. हालांकि इसके लिए केंद्र की ओर से कोई मदद नहीं मिलती है. यह और बात है कि कुंभ में केंद्र सरकार की ओर से मदद दी जाती है. आउट्राम घाट में गंगासागर तीर्थयात्री सेवा शिविर का उद्घाटन करते हुए […]
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कोलकाता : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि गंगासागर जैसा मेला अन्यत्र कहीं नहीं होता है. हालांकि इसके लिए केंद्र की ओर से कोई मदद नहीं मिलती है. यह और बात है कि कुंभ में केंद्र सरकार की ओर से मदद दी जाती है. आउट्राम घाट में गंगासागर तीर्थयात्री सेवा शिविर का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में गंगासागर मेले के लिए आधारभूत सुविधा के नाम पर कुछ नहीं थी.
उनकी सरकार बनने के बाद न केवल तीर्थयात्रा कर हटाया गया, बल्कि कई मौलिक सुविधाएं शुरू की गयीं. देश के किसी भी मेले के लिए ऐसी सुविधाएं नहीं मिलतीं. गंगासागर मेले के लिए सबकुछ राज्य सरकार ही करती है. पीने का पानी तक नि:शुल्क दिया जाता है.
केवल होगला (गंगासागर में अस्थायी घर) के लिए किराया लिया जाता है, लेकिन वह पैसा सरकार को नहीं, बल्कि कपिल मुनि आश्रम को जाता है. राज्य सरकार ने मेले के लिए चार हजार बसों की व्यवस्था की है. मेले में पहुंचने वाले हर व्यक्ति के लिए पांच लाख रुपये के बीमे की व्यवस्था की गयी है. मुख्यमंत्री ने तीर्थयात्री सेवा शिविर से मुख्यमंत्री ने मोबाइल वाटर टेस्टिंग वैन को हरी झंडी दिखायी.
यह वैन गंगासागर में पेयजल की जांच करेगा. कार्यक्रम में मेयर फिरहाद हकीम, सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय, कोलकाता पुलिस आयुक्त अनुज शर्मा व अन्य मौजूद थे.गंगासागर संयुक्त समिति के अध्यक्ष तारकनाथ त्रिवेदी, महासचिव भरत मिश्रा व उपाध्यक्ष सीतारामा राय भी मौजूद थे.
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