ePaper

निगम के मासिक अधिवेशन में जलजमाव पर घमासान

Updated at : 22 Aug 2019 1:35 AM (IST)
विज्ञापन
निगम के मासिक अधिवेशन में जलजमाव पर घमासान

कोलकाता : निगम के मासिक अधिवेशन में वाममोरचा के पार्षदों ने महानगर में जलजमाव को लेकर सवाल खड़े किये. निगम में वाममोर्चा के नेता व 128 नंबर वार्ड की पार्षद रत्ना राय मजूमदार ने जलजमाव की समस्या पर सदन की बैठक में स्थगन प्रस्ताव रखा. उन्होंने कहा कि हर बार मानसून के समय निगम की […]

विज्ञापन
कोलकाता : निगम के मासिक अधिवेशन में वाममोरचा के पार्षदों ने महानगर में जलजमाव को लेकर सवाल खड़े किये. निगम में वाममोर्चा के नेता व 128 नंबर वार्ड की पार्षद रत्ना राय मजूमदार ने जलजमाव की समस्या पर सदन की बैठक में स्थगन प्रस्ताव रखा.
उन्होंने कहा कि हर बार मानसून के समय निगम की ओर से एक ही दावा किया जाता है कि खाल व ड्रेनेज की डिसिल्टिंग कर ली गयी है. लाखों मैट्रिक टन गाद निकाला गया है.
नालों व मैनहोल की सफाई के लिए नयी मशीनें खरीदी गयी हैं, लेकिन बारिश के आते ही निगम के सारे दावों की पोल खुल जाती है. उन्होंने कहा कि 16 अगस्त को हुई बारिश से बेहला बेहाल है. कुछ इलाकों में अभी भी पानी भरा हुआ है. उनके वार्ड में एक व्यक्ति को डायरिया हुआ है. खालों की डिसिल्टिंग ठीक से नहीं होने के कारण बेहला में जल भराव होता है.
श्रीमति मजूमदार ने ‘टॉक टू मेयर’ अभियान पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा केवल फोन आने से महानगरवासियों की समस्या का समाधान नहीं हो सकता है. निगम के अधिकारी व स्थानीय पार्षदों के आपसी तालमेल से समस्याओं का समाधान हो सकता है.
उन्होंने सदन से पूछा कि महानगर में प्लास्टिक पर क्यों प्रतिबंध नहीं लगाया जा रहा है? पॉलिथीन के इस्तेमाल से निकासी व्यवस्था प्रभावित हो रही है. इस प्रस्ताव के समर्थन में वाममोर्चा पार्षद बिलकिस बेगम ने वक्तव्य रखा. उन्होंने कहा कि गत दिनों हुई भारी बारिश के कारण 75 व 76 नंबर वार्ड में पानी भर गया था.
स्थगन प्रस्ताव के जवाब में निगम के मेयर परिषद सदस्य निकासी तारक सिंह ने कहा कि पूर्व बेहला में 11 व पश्चिम बेहला में 11 वार्ड हैं. जबकि पूर्व बेहला के 122,123 व 124 और पश्चिम बेहला के 125,126,127 नंबर वार्ड में ही जलजमाव की समस्या देखी गयी. उन्होंने कहा कि सात से आठ घंटे में महानगर में 183 एमएम बारिश हुई थी.
निगम में तृणमूल कांग्रेस के बोर्ड गठन से पहले बेहला बारिश के कारण बेहाल हुआ करता था, लेकिन अब ऐसी स्थिति पैदा ही नहीं होती है. उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा ‘यू आर अनएजुकेटेड अपोजिशन’ (आप अशिक्षित विपक्ष हैं). इस बात पर वाममोर्चा के पार्षद भड़क गये. माला राय के निर्देश से श्री सिंह के इस बयान को रिकार्ड नहीं किया गया.
अगले दो साल में निकासी व्यवस्था होगी विकसित :
वाममोर्चा के स्थगन प्रस्ताव के जवाब में मेयर फिरहाद हकीम ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि महानगर में 186 एमएम बारिश हुई थी, जबकि हमारी निकासी क्षमता 6 एमएम प्रति घंटा है, लेकिन इसके बावजूद हमारी निकासी व्यवस्था देश के अन्य शहरों से काफी बेहतर है.
महानगर के एडेड एरिया में अंडर ग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम नहीं है. इस व्यवस्था पर करीब तीन हजार करोड़ रुपये का खर्च आ सकता है. बेहला के निकासी व्यवस्था को विकसित किया जा रहा है.
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पूरे कोलकाता कि निकासी व्यवस्था को विकसित किया जा रहा है. इस कार्य को अगले दो वर्षों में पूरा कर लिया जायेगा. इसके बाद अगर भारी से अति भारी बारिश भी होती है तो चार से पांच घंटे के भीतर सड़कों पर जमे पानी की निकासी कर दी जायेगी.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola