लॉजिस्टिक्स में 2020 तक पांच हजार करोड़ के निवेश की उम्मीद : मित्रा

Updated at : 25 Nov 2018 6:26 AM (IST)
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लॉजिस्टिक्स में 2020 तक पांच हजार करोड़ के निवेश की उम्मीद : मित्रा

कोलकाता : राज्य के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने कहा है कि एक समीक्षा के मुताबिक राज्य में लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में वर्ष 2020 तक पांच हजार करोड़ रुपये तक के निवेश की संभावना है. सीआइआइ की ओर से आयोजित 11वें लॉजिस्टिक्स कॉलोक्यूअम के मौके पर संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र […]

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कोलकाता : राज्य के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने कहा है कि एक समीक्षा के मुताबिक राज्य में लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में वर्ष 2020 तक पांच हजार करोड़ रुपये तक के निवेश की संभावना है. सीआइआइ की ओर से आयोजित 11वें लॉजिस्टिक्स कॉलोक्यूअम के मौके पर संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाएं हैं.
फ्लिपकार्ट ने राज्य में 100 एकड़ की जमीन के लिए डब्ल्यूबीआइडीसी को एक हजार करोड़ रुपये दिये हैं. इससे 10 हजार लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल सकेगा. लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में विशाल संभावनाएं हैं. इसमें क्रांति हो सकती है. उद्योग जगत को भी इससे भारी लाभ मिलेगा. उनके परिवहन का खर्च घटेगा.
श्री मित्रा ने बताया कि कार्यक्रम में लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में विश्व की वृहत्तम कंपनियों में से एक ने राज्य में निवेश का वादा किया है.
श्री मित्रा ने बताया कि ताजपुर में डीप सी पोर्ट के लिए केंद्र सरकार अब राज्य के साथ मिलकर आगे बढ़ेगी. यहां ब्रिज या जमीन की भी जरूरत नहीं है. इसके करीब ही राज्य के पास 1500 एकड़ की जमीन है.
जो भले डीप सी पोर्ट के लिए न लगे लेकिन इससे जुड़े वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स हब, उद्योग आदि के लिए काम में आ सकेगी. यह एक अभिनव परियोजना है. इससे सामग्रिक तौर पर काफी फायदा होगा. उन्होंने कहा कि राज्य में 295 नदियां हैं. इनमें से 30 नदियां भी यदि जहाज चलने के योग्य होती हैं तो समूचे राज्य को लाभ होगा.
श्री मित्रा ने बताया कि मुंबई पोर्ट की तर्ज पर यहां भी पोर्ट प्रबंधन अपने पास मौजूद जमीन के बेहतर इस्तेमाल के लिए आगे बढ़ रहा है.
कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के चेयरमैन विनीत कुमार ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि उनके पास मौजूद 2000 एकड़ की जमीन के बेहतर इस्तेमाल के लिए जल्द ही एक कंसल्टेंट नियुक्त किया जायेगा.
कंसल्टेंट नियुक्ति की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है. पांच से छह महीने के भीतर कंसल्टेंट की ओर से रिपोर्ट उन्हें दी जायेगी जिसके जरिए अपनी जमीन के बेहतर इस्तेमाल के संबंध में उन्हें धारणा हो सकेगी. इसके बाद राज्य सरकार के साथ सलाह करके इस दिशा में वह आगे बढ़ेंगे.
श्री मित्रा ने बताया कि उक्त जमीन पर लॉजिस्टिक्स हब, पर्यटन स्थल, क्रूज आदि की संभावनाएं हैं. राज्य के शहरी विकास विभाग और मुख्यमंत्री को इस संबंध में जानकारी है.
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