आने से पहले पहुंच गयी मौत की खबर

Updated at : 29 Oct 2018 3:35 AM (IST)
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आने  से पहले पहुंच गयी मौत की खबर

कोलकाता/सागरदीघी : सीआरपीएफ के जवान मतिउर रहमान के एक सप्ताह के बाद घर आने की बात थी, लेकिन उसके पहले ही उसकी मृत्यु की खबर घर पहुंच गयी. शहीद मीर मतिउर रहमान की मां अायशा वेवा यही बोल-बोल कर रो-रो कर बेहाल हो रही हैं और कुछ देर के बाद अचेत हो जाती हैं. शनिवार […]

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कोलकाता/सागरदीघी : सीआरपीएफ के जवान मतिउर रहमान के एक सप्ताह के बाद घर आने की बात थी, लेकिन उसके पहले ही उसकी मृत्यु की खबर घर पहुंच गयी. शहीद मीर मतिउर रहमान की मां अायशा वेवा यही बोल-बोल कर रो-रो कर बेहाल हो रही हैं और कुछ देर के बाद अचेत हो जाती हैं.
शनिवार को रूटीन पेट्रोलिंग के दौरान माओवादियों द्वारा बिछाये गये लैंडमाइन विस्फोट में छत्तीसगढ़ के सुदर्शन कैंप के चार सीआरपीएफ जवान की मौत हो गयी थी. उसमें ही एक जवान मतिउर रहमान थे.
आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से जुड़े मतिउर 1988 में सीआरपीएफ में शामिल हुए थे. सीआरपीएफ में नौकरी करने के बाद घर की आर्थिक स्थिति सुधरी थी. उनके एक पुत्र व एक पुत्री हैं. पुत्री की विवाह कुछ समय पहले ही किये हैं. पुत्र मीर साइदुल मेडिकल के छात्र हैं. हावड़ा के सांतरागाछी में पढ़ाई कर रहे हैं. मतिउर के भाई मनिरुल रहमान ने बताया कि कुर्बानी में भैया को छुट्टी नहीं मिली थी.
कुर्बानी के दो दिनों के बाद 15 दिनों के लिए घर आये थे. नवंबर के प्रथम सप्ताह दो माह की छुट्टी पर घर आनेवाले थे, लेकिन उसके पहले ही सब कुछ समाप्त हो गया. मृत्यु की खबर सुनने के साथ ही बार-बार उनकी पत्नी सुरया खातून बेहोश हो जा रही हैं. शहीद होने की सूचना मिलने के बाद जंगीपुर के सांसद अभिजीत मुखर्जी उनके घर पहुंचे और परिवार के सदस्यों को सांत्वना देने के साथ-साथ साथ हर संभव मदद का आश्वासन दिया.
छत्तीसगढ़ में माओवादी हमले में बंगाल के सीआरपीएफ जवान की हुई मौत
फरक्का : बीजापुर में हुए नक्सली हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के एएसआइ मीर मतिउर रहमान मुर्शिदाबाद जिले के थे. वे सागरदिघी थाना क्षेत्र के बीजापुर गांव के रहने वाले थे. उनकी मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है. मीर के घर में उनकी पत्नी सुमैया बीवी, एक बेटा, एक बेटी व माता-पिता हैं. आस-पास के लोग ढांढस बंधाने लिए उनके घर में लोगों का हुजूम जुट गया. पत्नी सुमैया बीवी ने बताया कि मीर ही एक मात्र घर में कमाने वाले इंसान थे. उनकी मौत की बात सोच कर रूह कांप उठती है.
ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों ने एरिया डोमिनेशन में निकले सीआरपीएफ के जवानों की गाड़ी को लैंड माइंस के विस्फोट ने उड़ा दिया था. जिसमें सवार जवानों में चार जवानों की मौके पर ही मौत हो गयी थी. वहीं दो जवान घायल हैं. मीर मतीउर रहमान सीआरपीएफ के 168 वीं बटालियन में एएसआइ के पद पर थे. वे 1988 में सीआरपीएफ से जुड़े थे. मीर ईद के मौके पर घर आये थे.
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