ठेकेदारों को देनी होगी मरम्मत की गारंटी : मेयर
Updated at : 29 Aug 2018 1:12 AM (IST)
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कोलकाता : पहली बारिश में ही महानगर के सड़कों की रखरखाव की पोल खुल गयी थी. अब सड़कों का हाल और भी बुरा हो गया है. जगह-जगह सड़कें टूट गयी हैं और गड्ढे बन गये हैं. सड़कों के इस हाल को देख कर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता के मेयर शोभन चटर्जी तथा निगम आयुक्त […]
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कोलकाता : पहली बारिश में ही महानगर के सड़कों की रखरखाव की पोल खुल गयी थी. अब सड़कों का हाल और भी बुरा हो गया है. जगह-जगह सड़कें टूट गयी हैं और गड्ढे बन गये हैं. सड़कों के इस हाल को देख कर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता के मेयर शोभन चटर्जी तथा निगम आयुक्त खलील अहमद को फटकार लगायी है.
सीएम के हस्तेक्षप से निगम के अधिकारियों की नींद उड़ी हुई है. ऐसे में मंगलवार को निगम मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई जहां सड़कों के रखरखाव के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया. सड़कों की मरम्मत के बाद ठेकेदारों को गारंटी भी देनी होगी. इस योजना को क्रियान्वित करने के लिए निगम के अाला अधिकारी गंभीरता से सोच विचार कर रहे हैं.
उधर, बैठक समाप्त होने के बाद मेयर ने संवाददाताओं को बताया कि उक्त बैठक में निगम के विभिन्न विभागों के मेयर परिषद सदस्य, सड़क व ड्रेनेज विभाग के इंजीनियर तथा विभिन्न विभागों के डायरेक्टर जनरल (डीजी) सह अन्य अाला अधिकारी गण उपस्थित थे. उन्होंने कहा कि महानगर के सड़को की रखरखा के लिए यह फैसला लिया गया है कि मरम्मत के बाद ठेकेदारों की गारंटी देनी होगी जो दो से तीन वर्ष तक की भी हो सकती है. गारंटी की अवधि को तय करने तथा इसे अमल में लाने की तैयारी चल रही है. उन्होंने कहा कि पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत आने वाले सड़कों के लिए इस नियम को लागू किया गया है.
इएम बाइपास सड़कों की हालत संतोषजनक: मेयर ने कहा कि उल्टाडांग से गरिया तक का इलाका इएम बाइपास के अंतर्गत आता है. इएम बाइपास की सड़क करीब 18-20 किलोमीटर लंबी है जिसकी देखरेख का जिम्मा केएमडीएम पर है लेकिन कुछ एक जगहों को छोड़ कर इएम बाइपास की सड़कों की स्थिति संतोषजनक है.
कार्य पूरा नहीं होने पर सरकार ने वापस ले ली थी अावंटित राशि
बता दें कि अर्थिक वर्ष 2017-18 में विभिन्न विकास मूलक कार्यों को पूरा नहीं करने पर राज्य सरकार द्वारा आवंटित राशि वापस ले ली गयी थी. इस विषय में मेयर ने कहा कि वर्ष 2017-18 में हम कुछ कार्य पूरा नहीं कर पाये थे. इसलिए सरकार ने इस राशि को वापस ले लिया. अब फिर हम उक्त अधूरे कार्य को पूरा कर रहे हैं. जिसके लिए सरकार की तरफ से 70 करोड़ रुपया आवंटित किया गया है.
उन्होंने कहा कि सड़क ड्रेनेज, बस्ती समेत अन्य कार्य के लिए हमने सरकार से 264 करोड़ रुपये की मांग की है. जिसके तहत सरकार हमें विभिन्न चरणों में फंड मुहैया करा रही है. उन्होंने कहा कि ड्रेनेज के कार्य को करने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग के साथ कार्य शेड्यूल को लेकर समस्या पैदा हो गयी थी. जिसके समाधान के लिए केएमडीए ने एक कमेटी तैयार की है. जिससे ड्रेनेज का कार्य जल्द शुरू किया जा सके.
निगम के दो इंजीनियरों को अतिरिक्त कार्यभार
सड़कों की देखरेख के लिए निगम को दो अनुभवी इंजीनियरों को अंतिरिक्त कार्यभार दिया गया है. मेयर ने कहा कि रेहान सान्याल जो स्टोर में थे अब उन्हें कुछ दिनों के लिए सड़कों की देख रेख का जिम्मा सौंपा गया है. इसी तरह जिल विभाग के इंजीनियर मैनाक मुखर्जी को 15 दिनों के लिए सड़क विभाग के कार्यभार को भी देखने को कहा गया है.
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