कोलकाता / नयी दिल्ली. केंद्रीय योजनाओं की अनदेखी के कारण पश्चिम बंगाल सरकार के लिए आवंटित करोड़ों रुपये वापस जाने वाले हैं. ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इसकी जानकारी देते हुए पश्चिम बंगाल सहित कुल 11 राज्यों को पत्र भेजकर बताया है कि केंद्रीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए अब उनके पास एक अंतिम मौका बचा है.
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की एक रिपोर्ट में यह खुलासा होने के बाद राज्यों को पत्र भेजा गया है. इसके अनुसार तीन वर्ष के दौरान ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा स्वीकृत सैकड़ों कार्यों को 11 राज्यों ने आगे आवंटित ही नहीं किया. ऐसे में यह कार्य आरंभ ही नहीं हुए हैं. केंद्रीय मंत्रालय ने इन 11 राज्यों को तीन वर्ष से लंबित ऐसे कार्यों को करने के लिए 31 दिसंबर की डेडलाइन जारी की है.
मंत्रालय ने जिन राज्यों की सूची जारी की है उसमें हिमाचल प्रदेश सहित जम्मू-कश्मीर, ओड़िशा, बिहार, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, असम, मिजोरम, झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश शामिल हैं. इनमें मिजोरम में 56 जबकि बाकी के सभी राज्यों में 100 से अधिक ऐसे कार्य बताये गये हैं. जो आवंटित नहीं हुए. केंद्रीय मंत्रालय ने इस संबंध में 11 राज्यों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं.
ग्रामीण विकास के जिन कार्यों को आवंटित नहीं किया गया है उनमें ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें, पानी के टैंक, आवास आदि शामिल हैं.दिल्ली में हुई बैठक में हो चुकी है. खिंचाई केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कुछ समय पूर्व इस संबंध में विभिन्न राज्यों के अधिकारियों की बैठक बुलायी थी. इसमें जिन राज्यों ने स्वीकृत कार्य आरंभ और आवंटित नहीं किये हैं, उनकी क्लास लगी है. इस दौरान उनसे जवाब भी मांगा गया और अतिरिक्त समय अवधि जो प्रदान की गयी है उसमें पूरा करने का आदेश जारी किया गया है.