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बंगाल के स्कूलों में अब गार्जियंस के लिए ऑनलाइन हेल्प डेस्क, जानें क्यों रहेगा ये मददगार

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
बंगाल के स्कूलों में अब गार्जियंस के लिए ऑनलाइन हेल्प डेस्क
बंगाल के स्कूलों में अब गार्जियंस के लिए ऑनलाइन हेल्प डेस्क
प्रतीकात्मक तस्वीर

कोलकाता : कोविड-19 के इस दाैर में स्कूल कैंपस बंद हैं. फिर भी छात्रों के अभिभावक फीस, सिलेबस, सर्टिफिकेट या अन्य समस्याओं के लिए कैंपस में फिजिकली जा रहे हैं. इस पर रोकथाम के लिए कुछ स्कूलों ने स्कूल पोर्टल के जरिये एक ऑनलाइन ‘हेल्प डेस्क’ तैयार की है. हेल्प डेस्क के जरिये विद्यार्थियों के अभिभावक अपनी समस्या दर्ज करवा सकते हैं. इस प्रक्रिया में साउथ प्वॉइंट स्कूल ने अभिभवाकों के संवाद के लिए एक ऑनलाइन हेल्प-डेस्क की व्यवस्था शुरु की है.

ऑनलाइन मोड में पैरेंट्स स्कूल पोर्टल के जरिये बच्चों की खैर-खबर स्कूल से ले सकते हैं. अगर गार्जियन किसी विभाग से सीधे बात करना चाहते हैं तो लाइन वहां भी ट्रांसफर की जा सकती है. इस विषय में स्कूल के ट्रस्टी के. दमानी ने बताया कि अगर गार्जियन का कोई मसला विभाग की ओर से संबोधित नहीं किया गया तो स्कूल के उच्च स्तरीय अधिकारी इसका समाधान करेंगे. इस पैंडेमिक स्थिति में कैंपस में आकर अभिभावक परेशान न हो, इसके लिए यह व्यवस्था की गयी है.

शिक्षा, ट्रांसपोर्ट, फीस, आइटी सेवा या ऑनलाइन प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने संबंधी समस्या भी गार्जियन यहां साझा कर सकते हैं. स्कूल में हाजिर हुए बिना उनकी समस्या का समाधान करने की कोशिश की जायेगी. स्कूल की पोर्टल के जरिये अभिभावक अपनी लॉगिन आइडी से हेल्प डेस्क में जा सकते हैं.

वहीं इंडो किड्स इंटरनेशनल के डायरेक्टर आरके सिंह ने बताया कि स्कूल फिलहाल बंद हैं. पैरेंट्स की किसी भी तरह की समस्या के लिए एक ऑनलाइन हेल्प सिस्टम तैयार है, जहां अभिभावक अपनी समस्या लिख कर भेज सकते हैं या फोन से भी बात कर सकते हैं. अभी तक, अभिभावक स्कूल के कार्यालय में जाते थे. अब पैनडेमिक में नये नियम के अनुसार वे अपनी समस्या पोर्टल पर डाल सकते हैं. कुछ स्कूलों की पोर्टल अभिभावकों को सूचना जारी करने के लिए प्रयोग में लायी जा रही है.

अभिभावक लॉगिन आइडी से स्कूल की पोर्टल में लिखित समस्याएं भेज रहे हैं. स्कूल प्रिंसिपलों का कहना है कि ऑनलाइन कम्युनिकेशन मोड में ज्यादा पारदर्शिता, जिम्मेदारी रहेगी. इसके साथ ही स्कूल आये बिना उनसे संवाद आसानी से हो जाता है. प्रमाणपत्र या अन्य कागजात भी ऑनलाइन दिये जाने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि कोरोना के संक्रमण से गार्जियंस को भी बचाया जा सके.

Posted By : Sameer Oraon

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