डेढ़ साल से मेरी रेकी कर रहा था बांग्लादेशी आतंकी : विजयवर्गीय

By Prabhat Khabar Digital Desk
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कोलकाता : भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने गुरुवार को दावा किया कि इंदौर स्थित उनके घर के निर्माण कार्य में संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक मजदूर के रूप में काम कर रहे थे. उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले डेढ़ साल से एक बांग्लादेशी आतंकवादी उनकी रेकी कर रहा था.

श्री विजयवर्गीय ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) की जमकर पैरवी करते हुए यह दावा किया. भाजपा महासचिव ने 'लोकतंत्र-संविधान-नागरिकता' विषय पर आयोजित परिसंवाद में कहा कि यहां उनके घर में नये कमरे के निर्माण कार्य के दौरान उन्हें छह-सात मजदूरों के भोजन करने का तरीका थोड़ा अजीब लगा, क्योंकि वे भोजन में केवल पोहा खा रहे थे.

श्री विजयवर्गीय ने कहा कि इन मजदूरों और भवन निर्माण ठेकेदार के सुपरवाइजर से बातचीत के बाद उन्हें संदेह हुआ कि ये श्रमिक बांग्लादेश के रहनेवाले हैं. कार्यक्रम के बाद हालांकि, संवाददाताओं ने जब भाजपा महासचिव से इन संदिग्ध लोगों के बारे में सवाल किये, तो उन्होंने कहा : मुझे शंका थी कि ये मजदूर बांग्लादेश के रहनेवाले हैं. मुझे संदेह होने के दूसरे ही दिन उन्होंने मेरे घर में काम करना बंद कर दिया था. उन्होंने कहा : फिलहाल मैंने इस मामले में पुलिस से शिकायत नहीं की है. मैंने सिर्फ लोगों को सचेत करने के लिए उन मजदूरों का जिक्र किया था.

श्री विजयवर्गीय ने कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में यह दावा भी किया कि बांग्लादेश का एक आतंकवादी पिछले डेढ़ साल से उनकी 'रेकी' (नजर रखना) कर रहा था. उन्होंने कहा : मैं जब भी बाहर निकलता हूं, तो छह-छह बंदूकधारी सुरक्षा कर्मी मेरे आगे-पीछे चलते हैं. यह देश में आखिर क्या हो रहा है? क्या बाहर के लोग देश में घुसकर इतना आतंक फैला देंगे?

श्री विजयवर्गीय ने सीएए की वकालत करते हुए कहा : भ्रम और अफवाहों के चक्कर में मत आइये. सीएए देश के हित में है. यह कानून भारत में वास्तविक शरणार्थियों को शरण देगा और उन घुसपैठियों की पहचान करेगा, जो देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा हैं.

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