उदयन मजिस्ट्रेट के समक्ष कुबूल करेगा हत्या की बात

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बांकुड़ा : आकांक्षा शर्मा हत्याकांड के आरोपी उदयन दास की पुलिस रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद बुधवार को उसे बांकुडा जिला अदालत में पेश किया गया. सीजीएम के समक्ष उदयन ने हत्या को स्वीकार करते हुए अपना बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराने की अपील की. हालांकि उसके अधिवक्ता ने इसे पुलिस रिमांड के […]

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बांकुड़ा : आकांक्षा शर्मा हत्याकांड के आरोपी उदयन दास की पुलिस रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद बुधवार को उसे बांकुडा जिला अदालत में पेश किया गया. सीजीएम के समक्ष उदयन ने हत्या को स्वीकार करते हुए अपना बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराने की अपील की. हालांकि उसके अधिवक्ता ने इसे पुलिस रिमांड के दौरान मिली प्रताड़ना का असर बताते हुए इसका विरोध किया. सीजीएम ने उसका बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराने का आदेश दिया. इधर उसे ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर ले जाने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस भी जिला न्यायालय में उपस्थित थी.
पुलिस रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद बांकुड़ा सदर थाना पुलिस ने उदयन को सीजीएम कोर्ट में पेश किया. पुलिस ने कोर्ट को बताया कि उदयन सीआरपीसी की धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना बयान दर्ज कराना चाहता है. वह स्वीकार करना चाहता है कि आकांक्षा की हत्या उसने की है. वह अपना मानसिक तनाव कम करना चाहता है.
उदयन के अधिवक्ता ने इसका विरोध किया. उन्होंने इसे असामान्य घटना बताया. उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर कोई भी व्यक्ति कोर्ट में हत्या का आरोप स्वीकार नहीं करता है. पुलिस रिमांड में आठ दिनों तक पुलिस अधिकारियों ने उसे इस तरह प्रताड़ित किया है कि वह अपना स्वीकारोक्ति बयान देने के लिए तैयार हो गया है. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सीजीएम ने उसे बयान दर्ज कराने के लिए मजिस्ट्रेट के पास भेज दिया.
उदयन की जिला कोर्ट में पेशी की सूचना होने के कारण बड़ी संख्या में लोग उसे देखने के लिए जिला कोर्ट कैंपस में जमा थे. कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस अधिकारियों ने उसे कोर्ट में पेश किया.
दोपहर दो बजे उसे सीजीएम कोर्ट मे पेश किया गया. लोक अभियोजक ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि उदयन ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है. वह अपना बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराना चाहता है. इस कारण उसकी नये सिरे से पुलिस रिमांड की आवश्यकता नहीं है. उन्होंने उसे जमानत दिये जाने का विरोध किया.
दूसरी ओर उदयन के अधिवक्ता अरुप बनर्जी ने कहा कि आकांक्षा की हत्या उदयन ने नहीं की है, बल्कि यह आत्महत्या का मामला है. उन्होंने कहा कि आठ दिनों की पुलिस रिमांड के दौरान पुलिस अधिकारियों ने उसे मानसिक रुप से काफी प्रताड़ित किया है. इस कारण वह मानसिक रूप से टूूट गया है. उसे मानसिक इलाज की जरूरत है.
उन्होंने कहा कि सामान्य आरोपी कोर्ट में कभी भी हत्याजैसा जघन्य आरोप स्वीकार नहीं करता है. उन्होंने जमानत की भी मांग नहीं की. दोनों पक्षों की दलीले सुनने के बाद सीजीएम कोर्ट ने न्यायिक दंडाधिकारी तृतीय कोर्ट में बयान दर्ज कराने का निर्देश दिया. बयान दर्ज नहीं होने के कारण उदयन को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. संभवत: गुरुवार को उसका गोपनीय बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्झ होगा.
दूसरी ओर रायपुर पुलिस ने उदयन के ट्रांजिट रिमांड के लिए सीजीएम के समक्ष याचिका दायर की. लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हो सकी. संभवत: गुरुवार को इस पर भी सुनवाई होगी.
उल्लेखनीय कि बांकुडा की निवासी आकांक्षा शर्मा की हत्या भोपाल में कर दी गयी थी. उदयन के बयान पर उसका शव चबूतरे को खोद कर बरामद किया गया था.
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