लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति में एनएलडब्ल्यू का उपयोग करे पुलिस : आयुक्त

Updated at : 23 Jan 2020 2:02 AM (IST)
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लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति में एनएलडब्ल्यू का उपयोग करे पुलिस : आयुक्त

पहली क्राइम कांफ्रेंस बैठक में पुलिस आयुक्त ने दिये निर्देश. दो माह में एसीपी से लेकर कांस्टेबल तक सभी को लेना होगा एनएलडब्ल्यू का प्रशिक्षण. लॉ एंड आर्डर ड्यूटी में सुरक्षा उपकरणों का उपयोग नहीं करने वाले पुलिस अधिकारी व कर्मी पर होगी विभागीय कार्रवाई. आसनसोल : पुलिस आयुक्त सुकेश कुमार जैन ने आधिकरियों के […]

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पहली क्राइम कांफ्रेंस बैठक में पुलिस आयुक्त ने दिये निर्देश.

दो माह में एसीपी से लेकर कांस्टेबल तक सभी को लेना होगा एनएलडब्ल्यू का प्रशिक्षण.
लॉ एंड आर्डर ड्यूटी में सुरक्षा उपकरणों का उपयोग नहीं करने वाले पुलिस अधिकारी व कर्मी पर होगी विभागीय कार्रवाई.
आसनसोल : पुलिस आयुक्त सुकेश कुमार जैन ने आधिकरियों के साथ अपनी पहली क्राइम कांफ्रेंस की बैठक में निर्देश दिया कि जिले में कानून व्यवस्था के उल्लंघन की परिस्थिति में कमिश्नरेट पुलिस गैर घातक हथियार (एनएलडब्ल्यू) का उपयोग करेगी. जिसे लेकर सहायक पुलिस आयुक्त से कांस्टेबल तक को आगामी दो माह में इन हथियारों के उपयोग को लेकर प्रशिक्षण लेना होगा.
कानून व्यवस्था के उल्लंघन के दौरान बगैर सुरक्षा ऊपकरणों के ड्यूटी पर जाने वाले पुलिस अधिकारी व कर्मी पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी. अगली बैठक में इन निर्णयों पर समीक्षा होगी. उन्होंने सभी थाना के आधिकरियों से उनके इलाके की आपराधिक गतिविधियों की जानकारी ली और आम जनता के साथ बेहतर तालमेल बनाकर कार्य करने को कहा.
क्राइम कांफ्रेंस की बैठक में पुलिस आयुक्त श्री जैन ने आधिकरियों को कहा कि जिले में विभिन्न आंदोलनों के जरिये कानून व्यवस्था का उल्लंघन करने वालों पर बुलेट का प्रयोग नहीं किया जाएगा.
आंदोलनकारी सभी आम नागरिक होते हैं. किसी कारण आंदोलन उग्र हो जाने से लॉ एंड ऑर्डर की परिस्थिति उत्पन्न हो जाती है. ऐसी परिस्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए प्राणनाशक हथियारों का उपयोग करने के बजाय गैर घातक हथियारों का उपयोग करना होगा. जिसमें गैस गन, रबर बुलेट गन, टीयर सेल, हैंड ग्रेनेड (टीयर गैस के तरह ही धुंआ फैलता है) आदि का उपयोग करना होगा.
इससे किसी की प्राण हानि नहीं होगी और नियंत्रण भी हो जाएगा. इन हथियारों के उपयोग की पद्धति का प्रशिक्षण आगामी दो माह के अंदर सहायक पुलिस आयुक्त से लेकर कमिश्नरेट में तैनात कांस्टेबल तक को लेनी होगी. प्रशिक्षण तीनों जोन ईस्ट, वेस्ट और सेंट्रल के सभी थाने में होगा. प्रशिक्षण में इन हथियारों के उपयोग से जुड़ी सारी बारीकियां सिखाई जाएंगी. किस परिस्थिति में किस हथियार का उपयोग किया जाना चाहिए इसकी भी जानकरी दी जाएगी.
उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि लॉ एंड आर्डर की ड्यूटी पर जाने वाले पुलिस अधिकारी व कर्मी फाइबर की ढ़ाल, फाइबर की लाठी, शरीर की सुरक्षा के ड्रेस, हेलमेट आदि ऊपकरणों का उपयोग अवश्य करें. खुद सुरक्षित रहेंगे तो दूसरों को सुरक्षित रख पाएंगे. लॉ एंड ऑर्डर की ड्यूटी में सुरक्षा ऊपकरणों का इस्तेमाल नहीं करने वाले अधिकारी व कर्मी पर विभागीय कार्रवाई करने की बात कही. उन्होंने आधिकरियों को आम जनता के जुड़कर बेहतर कार्य करने का निर्देश दिया.
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