बस बंद होने से लोग हलकान, भटकते रहे यात्री

Updated at : 08 Aug 2018 12:48 AM (IST)
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बस बंद होने से लोग हलकान, भटकते रहे यात्री

दुर्गापुर : सरकार द्वारा किये जाने वाले निजीकरण और न्यू मोटर व्हीकल एक्ट के खिलाफ तय घोषणा अनुसार मंगलवार को रोडवेज यूनियनों ने चक्का जाम कर दिया. बसों की हड़ताल से सड़कें सूनी हो गईं. मोटर व्हीकल संशोधन बिल 2017 के विरोध में रोडवेज और निजी ट्रांसपोर्टर्स द्वारा की जा रही राष्ट्रव्यापी हड़ताल से आम […]

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दुर्गापुर : सरकार द्वारा किये जाने वाले निजीकरण और न्यू मोटर व्हीकल एक्ट के खिलाफ तय घोषणा अनुसार मंगलवार को रोडवेज यूनियनों ने चक्का जाम कर दिया. बसों की हड़ताल से सड़कें सूनी हो गईं. मोटर व्हीकल संशोधन बिल 2017 के विरोध में रोडवेज और निजी ट्रांसपोर्टर्स द्वारा की जा रही राष्ट्रव्यापी हड़ताल से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया.
शिल्पांचल दुर्गापुर व इसके आसपास के इलाके मे हड़ताल के कारण सुबह से ही बसें नहीं चली और बस स्टैंड परिसर में सन्नाटा पसरा रहा. जिन यात्रियों को हड़ताल संबंधी जानकारी नहीं थी वो बस स्टैंड पर आये तो सही मगर माहौल देख बाहर की ओर लौट गये. हड़ताल के कारण यात्रियो को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. यात्रियों के अलावा दूसरी बड़ी परेशानी शहर के विभिन्न दफ्तरों मे कार्य करने वालों और शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले
विद्यार्थी वर्ग को हुई क्योंकि बसें न चलने से लोगो को निजी वाहनों में सफर के लिए जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ी. इस हड़ताल के कारण टोटो और ऑटो चालकों ने जाम कर चांदी काटी. उल्लेखनीय है कि ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन ने देश में एकदिवसीय हड़ताल का आह्वान किया है. ज्यादातर कॉमर्शियल व्हीकल्स, जिनमें प्राइवेट बस और टैक्सियां भी शामिल हैं,आज सड़कों पर नजर नहीं आयीं.
प्रस्तावित मोटर व्हीकल एमेंडमेंट बिल 2018 को वापस लेने की मांग की जा रही है. इसके अलावा इंश्योरेंस प्रीमियम में की गई बढ़ोतरी को वापस लेने और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने की मांग भी सरकार से की गई है.
रानीगंज, जामुड़िया में सड़कों पर नहीं दौड़ी बसें
रानीगंज/जामुड़िया. 13 सूत्री मांगों को लेकर बस कर्मियों द्वारा आहूत हड़ताल असर रानीगंज, जामुड़िया में भी देखने को मिला. बसों का आवागमन बन्द रहने से यात्रियों को खासी परेशानी उठानी पड़ी. दूरदराज से रानीगंज पहुंचने वाले व्यवसायियों की संख्या काफी कम रही. परिवहन कानून में संशोधन का विरोध करते हुये 13 सूत्री मांग के तहत पुलिसिया अत्याचार, अवैध टोटो एवं ऑटो रिक्शा पर अंकुश लगाने, अस्थाई श्रमिकों व कर्मियों के स्थायीकरण तथा सामाजिक सुरक्षा, पेट्रोलियम व डीजल के दाम कम करने की मांग की गयी है.
जामुड़िया में जामुड़िया से रानीगंज, चाकदोला होकर हरिपुर एवं जामुड़िया से दोमहानी होकर आसनसोल जाने वाली 55 मिनी बसों को चालकों ने हड़ताल कर दी. जामुड़िया ब्लॉक एक अध्यक्ष साधन राय टीएमसी कार्यकर्ता सत्यनारायन रवानी, काजल माजी, घनश्याम जसवाल को लेकर जामुड़िया थाना मोड़ पहुंचे और यात्रियों, स्कूली छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिये पांच बसें तत्काल चालू करायी.
श्री राय ने कहा कि बस चालक, कर्मी केंद्र सरकार के फरमान से नाराज हैं. मोटर व्हीकल एमेंडमेंट में यह कहा गया है कि यदि कोई ड्राइवर दुर्घटना करता है तो उसे तीन लाख रूपये जुर्माना या सात वर्ष जेल होगा. ड्राइवरों का माध्यमिक होना अनिवार्य होगा. माध्यमिक होने पर ही ड्राइविंग लाइसेंस दी जायेगी. बीते 25 वर्षों से जो बसे चला रहे हैं उनके पास यदि माध्यमिक का सर्टिफिकेट नहीं होगा तो उनके परिवार के समक्ष भूखों मरने की नौबत आ जायेगी.
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