आसनसोल : केंद्र सरकार की नीतियां सीआइएल विरोधी

Updated at : 04 Aug 2018 11:49 PM (IST)
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आसनसोल : केंद्र सरकार की नीतियां सीआइएल विरोधी

कोल ऑफिसरों के पीआरपी भुगतान का आदेश जारी इनवायरमेंट के बजाय फिजियोलॉजी के पेपर आसनसोल : काजी नजरूल यूनिवर्सिटी के अधीन संचालित कॉलेजों में स्नातक स्तरीय चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान शनिवार को जूलॉजी के इनवायरमेंट पेपर के स्थान पर फिजिओलॉजी के पेपर आने से परीक्षार्थियों में भारी आक्रोश रहा. इनवायरनमेंट के स्थान पर […]

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कोल ऑफिसरों के पीआरपी भुगतान का आदेश जारी
इनवायरमेंट के बजाय फिजियोलॉजी के पेपर
आसनसोल : काजी नजरूल यूनिवर्सिटी के अधीन संचालित कॉलेजों में स्नातक स्तरीय चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान शनिवार को जूलॉजी के इनवायरमेंट पेपर के स्थान पर फिजिओलॉजी के पेपर आने से परीक्षार्थियों में भारी आक्रोश रहा.
इनवायरनमेंट के स्थान पर फिजिओलॉजी का प्रशन पत्र देखकर कुछ स्टूडेंटस असमंजस की भी स्थिति में रहे. आक्रोशित स्टूडेंटस ने कक्षा में उपस्थित इंविजीलेटर से इसकी शिकायत की और हंगामा मचाना आरंभ किया. स्टूडेंटस का आक्रोश बढ़ता देख मामले से प्रिंसिपल डॉ अमिताभ बासू को अवगत कराया गया. प्रिंसिपल डॉ बासू ने यूनिवर्सिटी के अधिकारियों को मामले की सूचना देकर सहयोग का आग्रह किया.
घटना के 45 मिनट बाद कल्ला स्थित काजी नजरूल यूनिवर्सिटी से इनवायरनमेंट पेपर के प्रश्न पत्र आने तक परीक्षा स्थगित कर दी गयी और परीक्षार्थियों से सहयोग करने और शांति बनाये रखने का आग्रह किया गया. पूरे घटना को लेकर परीक्षार्थियों को 45 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया. परिणामस्वरूप 10 बजे से आरंभ होकर दोपहर 12 बजे के स्थान पर परीक्षा 12.45 मिनट पर समाप्त हुई.
केएनयू के कंट्रोलर डॉ सलिल कुमार दास ने कहा कि बीबी कॉलेज में चल रहे प्रथम चरण की परीक्षा में शनिवार को शामिलपरीक्षार्थियों की संख्या के अनुपात में कम प्रश्न पत्र मिलने की सूचना आयी थी. सूचना मिलने के आधे घंटे के अंदर पर्याप्त संख्या में प्रश्न पत्र भेज दिये गये थे.
उन्होंने कहा कि परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई है. कॉलेज में गलत प्रश्न पत्र भेजे जाने के संदर्भ में अनभिज्ञता प्रकट करते हुए डॉ दास ने ऐसी किसी घटना से साफ इंकार किया.
परीक्षा समाप्त होने के बाद आक्रोशित स्टूडेंटस ने कॉलेज के प्रशासनिक भवन के समक्ष अपना आक्रोश व्यक्त किया. परंतु दोपहर दो बजे से चार बजे तक होने वाली दूसरे चरण की परीक्षा के संचालन को लेकर अधिकारियों एवं प्रोफेसरों की व्यस्तता के कारण वहां किसी को न पाकर वे वापस चले गये.
आक्रोशित परीक्षार्थियों ने कहा कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन की गलती का खामियाजा बेकसूर परीक्षार्थियों को भुगतना पडा. उनकी गलती के कारण परीक्षा अपने निर्धारित समय से 45 मिनट विलंब से शुरू हुई. इससे उन्हें मानसिक रूप से परेशानी उठानी पड़ी. उनकी एकाग्रता भंग हो गयी. आक्रोशित परीक्षार्थियों ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन पर परीक्षार्थियों के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत करने की बात कही.
कॉलेज के टीएमसीपी यूनियन के पूर्व संस्कृति सचिव शिलादित्य रॉय ने कहा कि स्टूडेंटस की शिकायत पर प्रिंसिपल डॉ बासू को पूरे घटना से सूचित किया गया. उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से परीक्षार्थियों को काफी परेशानी उठानी पडती है. भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए यूनिवर्सिटी प्रबंधन से आग्रह किया जायेगा.
परीक्षा के दौरान यूनिवर्सिटी से इसके अधीनस्थ कॉलेजों में निर्धारित प्रश्न पत्र के स्थान पर गलत प्रश्न पत्र भेजे जाने का मामला नया नहीं है. इससे पहले भी ऐसी घटना हो चुकी है. परीक्षा के दौरान निर्धारित प्रश्न पत्र के स्थान पर अगले दिन का प्रश्न पत्र भेज दिये जाने से परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक होने से परीक्षा को रद्द कर देना पड़ा था.
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