चार यूनिवर्सिटी की स्थापना होगी शीघ्र

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 27 May 2018 2:21 AM

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आसनसोल : राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चट्टोपाध्याय ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के उद्देश्य को लेकर पहल की जा रही है. पिछले सात वर्षों में राज्य सरकार ने 22 नए विश्वविद्यालय और 47 महाविद्यालयों की स्थापना की गयी है. आजादी के बाद से वर्ष 2011 तक […]

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आसनसोल : राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चट्टोपाध्याय ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के उद्देश्य को लेकर पहल की जा रही है. पिछले सात वर्षों में राज्य सरकार ने 22 नए विश्वविद्यालय और 47 महाविद्यालयों की स्थापना की गयी है. आजादी के बाद से वर्ष 2011 तक राज्य में सिर्फ 13 विश्वविद्यालय थे.
प्रत्येक जिले में दो से तीन विश्वविद्यालय स्थापित करने को लेकर कार्य चल रहा है. जिसके तहत जलपाईगुड़ी, झारग्राम और पूर्व मेदनीपुर में चार नए विश्वविद्यालय जल्द खुलेगे. वे शनिवार को आसनसोल में काजी नजरूल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे.
श्री चट्टोपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बांग्ला को विश्व बांग्ला में परिणत करने के सपने को साकार करने की प्रयास में जुटी है. जिसमे शिक्षा प्रमुख है. छात्राएं और महिलाएं घर के नजदीक कॉलेज के अभाव में आगे की पढ़ाई जारी नही रख पाती है. इस विषय को ध्यान में रखकर मुख्यमंत्री ने हर जिले में महाविद्यालयों कई संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया.
ताकि उच्च स्तर की पढ़ायी के लिए सभी को घर के नजदीक ही कॉलेज मिल जाये. जिसके तहत 47 कॉलेजों का निर्माण हुआ. इन कॉलेजों में विभिन्न राज्यों के अलावा बांग्लादेश के छात्र भी पढ़ने के आते है. पिछड़े वर्ग के बच्चों को भी उच्च शिक्षा के दायरे में लाने के लिए राज्य सरकार हर सम्भव प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि विभिन्न जन कल्याणकारी परियोजनाओं के जरिये राज्य सरकार जनता के बीच है. कन्याश्री, युवाश्री, सबुज साथी आदि परियोजनाएं छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने में सहायक है.
सड़क पर की गयी थी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
आसनसोल : काजी नजरूल विश्वविद्यालय में तीसरे दीक्षांत समारोह को लेकर बांगलादेश की प्रधान मंत्री शेख हसीना के आगमन को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय परिसर के बाहर और भीतर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गयी थी. कल्ला बाई पास मोड़ पर भारी संख्या में राज्य पुलिस एवं सिविक वोलेंटियर्स की तैनाती की गयी थी. कल्ला बाई पास मोड़ से काजी नजरूल विश्वविधालय की ओर जाने वाले बाहरी वाहनों के आवाजाही पर रोक लगा दी गयी थी. इसीएल के सेंट्रल अस्पताल कल्ला की ओर आने जाने वाले एंबुलेंस के आवागमन पर किसी प्रकार की रोक नहीं थी.
कल्ला मोड से विश्वविधालय के प्रवेश द्वार तक सड़क के दोनों और बेरिकेटिंग की गयी थी. शीतला बाई पास मोड से कल्ला मोड की ओर बेरिकेटिंग कर जाने वाले वाहनों की जांच की जा रही थी और अनावश्यक वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गयी थी. समारोह के आयोजन तक कल्ला की ओर जाने वाले अनावश्यक वाहनों के प्रवेश पर पूर्णतया रोक लगा दी गयी थी.
दीक्षांत समारोह के पूरा होने पर 2.55 बजे प्रधानमंत्री शेख हसीना अपने वाहनों के काफिला के साथ विश्वविधालय परिसर से रवाना हुईं. जिसके बाद समारोह में आमंत्रित अन्य अतिथि भी क्रमवार ढंग से समारोह स्थल से निकलते गये. 3.20 बजे के बाद से कल्ला रोड को सामान्य लोगों के आवागमन के लिए खोल दिया गया और सड़क पर की गयी वाहनों की बेरिकेटिंग हटा ली गयी.
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