कृष्णेन्दू, हरि और कौशिक का गिरफ्तारी वारंट जारी

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आसनसोल : सेल- आईएसपी में रंगदारी से जुड़े मामले (हीरापुर थाना कांड संख्या 362/17) में नामजद आरोपियों कृष्णोन्दू मुखर्जी, हरि यादव और कौशिक गुप्ता को आत्मसमर्पण करने को बाध्य करने की दिशा में पुलिस अपना कदम आगे बढ़ाया. जांच अधिकारी अवर निरीक्षक दीपांकर दत्त ने तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अदालत से गिरफ्तारी वारंट […]

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आसनसोल : सेल- आईएसपी में रंगदारी से जुड़े मामले (हीरापुर थाना कांड संख्या 362/17) में नामजद आरोपियों कृष्णोन्दू मुखर्जी, हरि यादव और कौशिक गुप्ता को आत्मसमर्पण करने को बाध्य करने की दिशा में पुलिस अपना कदम आगे बढ़ाया. जांच अधिकारी अवर निरीक्षक दीपांकर दत्त ने तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अदालत से गिरफ्तारी वारंट निर्गत करने की अपील मंगलवार को आसनसोल महकमा अदालत में की. अदालत ने अपील मंजूर कर गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया. वारंट जारी होने के 30 दिन के बाद भी यदि आरोपी नहीं पकड़े जाते है तो पुलिस सीआरपीसी की धारा 82 और 83 के तहत अदालत में आरोपियों के खिलाफ कुर्की – जब्ती की अपील करेगी.

रंगदारी मामले में लगातार छापेमारी के बाद भी नहीं हो रही गिरफ्तारी
एक माह के अंदर गिरफ्तार नहीं होने पर कुर्की-जब्ती का होगा आदेश
आरोपियों पर सरेंडर करने के लिए रणनीति के तहत पुलिसिया कार्रवाई
क्या है मामला
सेल आईएसपी में स्क्र ैप के लिफ्टर न्यू टाऊन निवासी रिभू बोस ने शिकायत की थी कि कृष्णोन्दू मुखर्जी, हरि यादव, कौशिक गुप्ता और कृष्णोन्दू एसोसिएट के अन्य 12 सदस्य उनके घर पर आकर कनपट्टी पर पिस्टल सटाकर प्रतिमाह दो लाख रु पया रंगदारी टैक्स देने की मांग की. रंगदारी न देने या पुलिस से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी गयी. पुलिस के अवर निरीक्षक शिलादित्य बनर्जी ने शिकायत पर पुलिस के स्तर से जांच की. जांच में और भी कुछ गंभीर साक्ष्य सामने आने पर श्री बनर्जी ने हीरापुर थाना में एफआईआर दर्ज किया. आईपीसी की धारा 384/ 385/ 386/ 387/ 120बी तथा 25/27/35 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने आरोपियों के सभी ठिकानों पर नियमित छापेमारी की. किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई. इसके बाद वारंट की अपील की गयी.
वारंट से पुलिस को मिलेगी काफी मदद
अदालत से मंगलवार को हीरापुर थाना कांड संख्या 362/17 में नामजद तीनों आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो जाने से आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए यह वारंट राज्य के सभी थानें में भेज दिया जायेगा. राज्य में कोई भी थाना पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है. गिरफ्तार कर उसे अपने क्षेत्न के अदालत में पेश करेगी. अदालत से आरोपियों को सीधे आसनसोल जेल में भेज दिया जायेगा. यदि आरोपी अन्य किसी राज्य में छिपे है तो हीरापुर थाना पुलिस इस अरेस्ट वारंट को दिखाकर वहां से आरोपियों को आसानी से पकड़ कर वहां के स्थानीय अदालत में पेश करेगी. इस वारंट के आधार पर अदालत तत्काल आरोपियों का ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर लेगी. 30 दिन में यदि आरोपी नहीं पकड़े गये तो पुलिस कानूनी प्रक्रि या के तहत उनकी संपत्ति जब्ती की कार्रवाई कर सकेगी.
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