निगम चुनाव में मारवाड़ी प्रार्थी को कट देने की मांग

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दुर्गापुर : राज्य सरकार ने भले ही दुर्गापुर नगर निगम चुनाव छह अगस्त को कराने की सिफारिश राज्य चुनाव आयोग से कर दी है लेिकन आयोग की कोई प्रतिक्रिया इस पर अब तक नहीं आई है. दुर्गापुर नगर निगम बोर्ड की िमयाद िपछले महीने 28 जून को शेष हो गयी. एक सप्ताह से नगर निगम […]

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दुर्गापुर : राज्य सरकार ने भले ही दुर्गापुर नगर निगम चुनाव छह अगस्त को कराने की सिफारिश राज्य चुनाव आयोग से कर दी है लेिकन आयोग की कोई प्रतिक्रिया इस पर अब तक नहीं आई है.
दुर्गापुर नगर निगम बोर्ड की िमयाद िपछले महीने 28 जून को शेष हो गयी. एक सप्ताह से नगर निगम का दायित्व प्रशासक एस अरूण प्रसाद संभाल रहे हैं. बावजूद इसके राज्य चुनाव आयोग ने अब तक चुनाव तिथि की घोषणा नहीं की है. तृणमूल सूत्रों की माने तो आयोग संभवतया गुरुवार छह जुलाई को चुनाव ितथि की घोषणा कर सकता है.
उसी दिन शाम को तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों की सूची भी घोिषत कर दी जायेगी. सूत्रों के अनुसार इस बार निगम चुनाव में तृणमूल एक या दो मारवािड़यों को टिकट दे सकती हैं. मारवाड़ी समाज के लोग इसकी जोरदार ढंग से मांग कर रहे हैं. मारवाड़ी समाज में राजेश माहेश्वरी, बेला बजाज, ज्योति स्वरंगी, संजय अग्रवाल, लोकेश साई ने बताया कि दुर्गापुर शहर में मारवाड़ी समाज की अलग पहचान है. पूरे वर्ष शहर के विभिन्न जगहों में एक अंतराल पर िनयमित रूप से सामाजिक कार्यों को अंजाम दिया जाता है. समाज की संस्थाएं गरीब बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी वहन कर रही हैं.
राज्य में िवभिन्न नगर िनगम तथा नगरपािलकाओं में मारवाड़ी िवभिन्न पदों पर जिम्मेदारी बखूबी िनभा रहे हैं. इन्होंने कहा कि शहर में हिन्दी भाषियों की संख्या काफी अधिक है. इसे देखते हुये इस बार निगम चुनाव में हर समाज और वर्ग के प्रतिनिधि को टिकट देने पर तृणमूल कांग्रेस को विचार करना चाहिये. मारवािड़यों ने इस बार फैसला िकया हैिक िकसी भी सूरत में मतों का बंदरबाट न हो सके.
राज्य के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने िहंदू, मुसलिम, सिख और इसाई को एक सूत्र में बांधने की जो मिसाल पेश की है, वह तारीफ की पात्र है. उन्होंने हर वर्ग के लोगों को सम्मान दिया है. इससे पहले राज्य में यह देखने को नहीं मिला था. तृणमूल कांग्रेस को टिकट बंटवारे के पूर्व मारवाड़ी सोशायटी के बारे में विचार करने की जरूरत है ताकि सोशायटी के लोग दूसरी पार्टी के िटकट चुनाव न लड़े. बेनाचिति में हिन्दी भाषियों की संख्या सर्वाधिक है.
वाममोरचा बोर्ड ने हिन्दी भािषयों की अनदेखी की थी. उनकी मांग है िक समुदाय से एक महिला और एक पुरुष को टिकट िदया जाये. इसके लिये प्रस्ताव िदया गया है. हालांकि तृणमूल कांग्रेस के नेता पवित्र चटर्जी ने कहा िक टिकट बंटवारे का फैसला जिला कमेटी, राज्य कमिटी के साथ ही मुख्यमंत्री स्वयं करेंगी.
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