महंत नरेंद्र गिरि केस में CBI की जांच तेज, कितना आसान है आरोपियों का लाई डिटेक्टर, पॉलीग्राफ टेस्ट कराना

Updated at : 04 Oct 2021 10:28 AM (IST)
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महंत नरेंद्र गिरि केस में CBI की जांच तेज, कितना आसान है आरोपियों का लाई डिटेक्टर, पॉलीग्राफ टेस्ट कराना

बाघंबरी गद्दी के महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत की जांच कर रही सीबीआई कोर्ट में सोमवार को आरोपी आनंद गिरि, आद्या तिवारी और उसके बेटे संदीप तिवारी की रिमांड बढ़ाने की अर्जी दाखिल कर सकती है.

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प्रयागराज: बाघंबरी गद्दी के महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत (Narendra Giri Death Case) की जांच कर रही सीबीआई कोर्ट (CBI Court) में सोमवार को आरोपी आनंद गिरि, आद्या तिवारी और उसके बेटे संदीप तिवारी (Sandeep Tiwari) की रिमांड बढ़ाने की अर्जी दाखिल कर सकती है. गौरतलब है कि सोमवार की शाम 5 बजे तीनों आरोपियों की रिमांड खत्म हो रही है.

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प्रभात खबर से क्या बोले आनंद गिरि के वकील?

सूत्रों की मानें तो सीबीआई रिमांड बढ़ाने की अर्जी के साथ-साथ आरोपियों के लाई-डिटेक्टर और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की भी अर्जी कोर्ट में दे सकती है. इस संबंध में आनंद गिरि के अधिवक्ता ने प्रभात खबर को बताया कि इस टेस्ट के लिए आरोपियों को इच्छा स्वीकृति लेनी होती है. संविधान के अनुच्छेद 21(3) मौलिक अधिकार के तहत लाई-डिटेक्टर और पॉलीग्राफ टेस्ट को लेकर सर्वोच्च न्यायालय की तमाम नज़ीर है, जिसके तहत इस टेस्ट के लिए व्यक्ति की स्वीकृति भी लेनी होती है. इस लिहाज से देखें तो किसी भी एजेंसी के लिए यह टेस्ट कराना मुश्किल भरा काम हो जाता है.

दूसरी ओर मिली जानकारी के मुताबिक सीबीआई जांच में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती. हर पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही सीबीआई हर पुख्ता सबूत जुटाने के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचना चाहती है. सूत्रों की मानें तो ऐसे में सीबीआई लाई-डिटेक्टर और पॉलीग्राफ टेस्ट को भी बेहद अहम मान रही है. लेकिन, इस टेस्ट की तमाम जटिलताओं को देखते हुए सीबीआई आरोपियों की रिमांड बढ़ाने और लाई डिटेक्टर-पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की अर्जी कोर्ट में देती है या नहीं यह बाद में ही साफ हो पाएगा.

सीबीआई ने 10 दिन की मांगी थी रिमांड

महंत नरेंद्र गिरि की कथित आत्महत्या मामले में आनंद गिरि, आद्या तिवारी उसके बेटे संदीप तिवारी को गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने एसीजेएम कोर्ट में पेश किया था. जिसके बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया था. एसआईटी से मामला सीबीआई के पास ट्रांसफर होने के बाद सीबीआई ने कोर्ट में अर्जी देकर तीनों आरोपियों की 10 दिन की रिमांड मांगी थी. उस समय आनंद गिरि के अधिवक्ता ने कोर्ट में 10 दिन की रिमांड देने का विरोध किया था. कोर्ट ने अर्जी पर सुनवाई करके 7 दिन की रिमांड दी थी. तीनों की रिमांड सोमवार को खत्म हो रही है.

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आश्रम से बरामद किया था लैपटॉप-आईपैड

आनंद गिरि को रिमांड पर लेने के बाद सीबीआई उसे सुसाइड नोट में जिक्र हुए वीडियो और फोटो की बरामदगी के लिए अगले दिन हरिद्वार लेकर पहुंची थी. हरिद्वार स्थित आनंद गिरि के आश्रम से सीबीआई ने लैपटॉप, आईपैड समेत तमाम चीजें जांच के लिए अपने कब्जे में लिया था. हालांकि, जांच में लैपटॉप और आईपैड में सीबीआई को कुछ मिला या नहीं, इसके बारे में आधिकारिक रूप से कुछ पता नहीं चला है.

(इनपुट: एसके इलाहाबादी, प्रयागराज)

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