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Gorakhpur News: गीता प्रेस में लगेंगी दो नई मशीनें, छपाई में होगा 20 प्रतिशत तक का इजाफा

गीता प्रेस के प्रबंधक लालमणि तिवारी ने बताया कि कोरोना काल के बाद से ही गीता प्रेस की धार्मिक पुस्तकों की मांग काफी बढ़ गई है. बहुत सारी पुस्तकें हम पाठकों को उपलब्ध नहीं करा पा रहे थे. इसलिए छपाई की दो नई मशीनें मांगने का निर्णय लिया गया है.

By Prabhat Khabar Digital Desk, Gorakhpur
Updated Date
Gorakhpur News: गीता प्रेस में लगेंगी दो नई मशीनें
Gorakhpur News: गीता प्रेस में लगेंगी दो नई मशीनें
प्रभात खबर

Gorakhpur News: भारतीय संस्कृति की संवाहक गीता प्रेस की पुस्तकों की मांग कोरोना कॉल में कम हो गई थी, लेकिन कोरोना काल समाप्त होते ही गीता प्रेस की पुस्तकों की मांग बढ़ गई है. कोरोना काल के बाद से श्रीरामचरितमानस और गीता की मांग 20 फ़ीसदी तक बढ़ गई है. छह महीने से हो रही छपाई से अभी तक पूरी आपूर्ति नहीं हो पा रही थी. पाठकों को असुविधा न हो, इसको ध्यान में रखते हुए गीता प्रेस प्रबंधन ने छपाई के लिए नई मशीनें लगाने का निर्णय लिया है.

गीता प्रेस
गीता प्रेस
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गीता प्रेस के प्रबंधक लालमणि तिवारी ने बताया कि कोरोना काल के बाद से ही गीता प्रेस की धार्मिक पुस्तकों की मांग काफी बढ़ गई है. बहुत सारी पुस्तकें हम पाठकों को उपलब्ध नहीं करा पा रहे थे. इसलिए छपाई की दो नई मशीनें मांगने का निर्णय लिया गया है. एक मशीन दो-तीन दिन पहले आ चुकी है और दूसरी इस माह के अंत तक आ जाएगी. इससे उत्पाद लगभग 20% बढ़ जाएगा.

प्रबंधन के अनुसार, दो नई मशीनें लगाई जाएंगी. इसमें एक फरीदाबाद के बल्लभगढ़ से 55 लाख रुपये में लगाई गई है. वह मशीन गीताप्रेस में आ चुकी है. दूसरी, महाराष्ट्र के कोल्हापुर से इस माह के अंत तक आ जाएगी. उसकी कीमत 1.40 करोड़ है. नई मशीनों के आ जाने से पुरानी मशीनों की मरम्मत के लिए समय मिल जाएगा. पुस्तकों की छपाई में भी लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि हो जाएगी और अनुपलब्ध चल रही पुस्तकों की भी छपाई हो सकेगी.

पुस्तकों की छपाई
पुस्तकों की छपाई
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अनुपलब्ध पुस्तकों में गीता, श्रीरामचरितमानस आदि के कई संस्करणों के अलावा लगभग 300 तरह की पुस्तकें शामिल हैं. छपाई के लिए गीता प्रेस के पास 6 मशीनें हैं. इनमें से एक 1992 की है, जो अपना समय पूरा कर चुकी है.

रिपोर्ट- कुमार प्रदीप

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