Ganga River Water level: गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि से वाराणसी शहर के तटवर्ती इलाकों में बेचैनी
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 21 Aug 2022 3:31 PM
वाराणसी में गंगा शीतला माता मंदिर के अंदर माता के पैर गुरुवार की शाम ही पखार चुकी है. इसके बाद गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. तटवर्ती इलाकों से लोगों का पलायन जारी है. वहीं वाराणसी में गंगा की सहायक नदी वरुणा का भी जलस्तर बढ़ने लगा है जिसे तटवर्ती इलाकों से लोग तेजी से पलायन कर रहे हैं.

Varanasi News: तटवर्ती इलाके में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है. रविवार की सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर केंद्रीय जल आयोग के अनुसार 69 .77 मीटर था और इसमें 2 सेंटीमीटर प्रति घंटा की बढ़ोत्तरी लगातार जारी है. हालांकि, कल तक ये 6 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही थी. वाराणसी में चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर है.

वाराणसी में गंगा शीतला माता मंदिर के अंदर माता के पैर गुरुवार की शाम ही पखार चुकी है. इसके बाद गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. तटवर्ती इलाकों से लोगों का पलायन जारी है. वहीं वाराणसी में गंगा की सहायक नदी वरुणा का भी जलस्तर बढ़ने लगा है जिसे तटवर्ती इलाकों से लोग तेजी से पलायन कर रहे हैं.

रात वरुणा नदी में पलट प्रवाह शुरू हो गया. यह स्थिति देखकर वरुणा के किनारे रहने वाले लोग अपनी गृहस्थी सहेजकर सुरक्षित स्थानों व रिश्तेदारों के यहां शरण लेने लगे. उधर, जलमग्न हुए गंगा के घाटों पर भी पानी और चढ़ गया. केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक गंगा का जलस्तर 69.00 मीटर पर पहुंच गया है. हालांकि वह चेतावनी बिंदु से 1.262 मीटर और खतरे के निशान से 2.262 मीटर नीचे हैं. बढ़ाव की रफ्तार दिन में जहां दो सेमी प्रतिघंटे थी. वहीं शाम होते-होते तीन सेमी प्रतिघंटे पर पहुंच गई थी. अभी बढ़ाव जारी रहने की आशंका है.

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार चारों तरफ हो रही बरसात की वजह से गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है जो आगे भी जारी रहेगी. गंगा के बढ़ाव से वाराणसी के श्मशानघाट भी डूब गए हैं. हरिश्चंद्र घाट पर गलियों में शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है. मणिकर्णिका घाट पर बृजपाल दास रमा देवी विश्राम स्थल में पानी चले जाने से शवदाह कराने में लोगो को कठिनाई हो रही है.

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार चारों तरफ हो रही बरसात की वजह से गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है जो आगे भी जारी रहेगी. गंगा के बढ़ाव से वाराणसी के श्मशानघाट भी डूब गए हैं. हरिश्चंद्र घाट पर गलियों में शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है. मणिकर्णिका घाट पर बृजपाल दास रमा देवी विश्राम स्थल में पानी चले जाने से शवदाह कराने में लोगों को कठिनाई हो रही है.

जिला प्रशासन ने बाढ़ की आशंका को देखते हुए कंट्रोल रूम का नंबर 0542-2508550 जारी किया है. साथ ही सम्बंधित इलाके के प्राधिकारी का नम्बर भी सार्वजनिक किया गया है. जिलाधिकारी ने आदेश दिया है बाढ़ से बचाव में तैनात सभी अधिकारी व कर्मचारी अपनी-अपनी तैयारी समय पूर्व पूरा कर लें. उधर, जिले के ग्रामीण इलाकों में 40 बाढ़ राहत शिविर बनाने के साथ सक्रिय किया गया है.

सदर तहसील में 33, पिंडरा में 3 और राजातालाब के 4 शिविर शामिल हैं. जिला प्रशासन ने गंगा तटवर्ती कॉलोनियों में भी नजर रखने का आदेश दिया है. मौसम विभाग ने भी 20 अगस्त के बाद से बारिश की संभावना जाहिर की है. वर्षा से एक बार फिर गंगा का जलस्तर बढ़ सकता है. खतरा अभी भी बरकरार है. वाराणसी में राजघाट पर बाढ़ का चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर है. अर्थात वर्तमान जलस्तर चेतावनी बिंदु से मात्र 2.02 मीटर ही नीचे रह गया है. आने वाले दिनों में लोगों को संभलकर रहना होगा.
तस्वीर और रिपोर्ट : विपिन सिंह
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