तीन अवैध शराब फैक्टरी ध्वस्त

Updated at : 20 Sep 2016 6:31 AM (IST)
विज्ञापन
तीन अवैध शराब फैक्टरी ध्वस्त

सारंडा. टाटीबा गांव के समीप 10 एकड़ में चल रहा था धंधा किरीबुरु : नक्सल प्रभावित टाटिबा गांव के समीप जंगल में सोमवार को एसडीपीओ तौकिर आलम के नेतृत्व में छापेमारी कर करीब 10 एकड़ में फैली देसी शराब (महुआ) की तीन फैक्टरी को ध्वस्त किया गया. वहां प्लास्टिक के ड्रम, गमला, पाइप, अल्युमिनियम का […]

विज्ञापन

सारंडा. टाटीबा गांव के समीप 10 एकड़ में चल रहा था धंधा

किरीबुरु : नक्सल प्रभावित टाटिबा गांव के समीप जंगल में सोमवार को एसडीपीओ तौकिर आलम के नेतृत्व में छापेमारी कर करीब 10 एकड़ में फैली देसी शराब (महुआ) की तीन फैक्टरी को ध्वस्त किया गया. वहां प्लास्टिक के ड्रम, गमला, पाइप, अल्युमिनियम का हंडा, काले रंग की बाइक (जेएच06डी-5995), यूरिया, चीनी, सैकड़ों लीटर महुआ शराब और करीब पांच टन भीगा हुआ जावा महुआ आदि बरामद किये गये. पुलिस ने जावा महुआ, टेंट आदि को घटनास्थल पर नष्ट कर दिया. छापेमारी होते ही शराब माफिया जंगल के रास्ते भाग खड़े हुए. पुलिस की कार्रवाई के बाद
तीन अवैध शराब फैक्टरी…
गांव के सभी युवा व पुरुष फरार हैं. घरों में सिर्फ महिलाएं नजर आयीं. पुलिस की कार्रवाई से आखिर पुरुष गांव से क्यों भागे, इसकी पुलिस जांच कर रही है.
बिजली चोरी कर चलायी जा रही थी फैक्टरी : एसडीपीओ ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि टाटिबा के गुमान सह हेम्ब्रमसाई टोला के जंगलों में अवैध शराब की चुलाई की जा रही है. यहां से शराब झारखंड व ओड़िशा के विभिन्न शहरों में बेचा जा रहा है. सूचना के बाद उन्होंने जंगल में छापेमारी की. यहां प्राकृतिक नाले पर करीब दस एकड़ में तीन स्थानों पर अवैध शराब की फैक्टरी स्थापित की गयी है. सबसे बड़ी फैक्टरी में हेम्ब्रमसाई चौक स्थित बिजली खंभा से करीब आधा किलोमीटर दूर तार खींच विद्युत की व्यवस्था की गयी थी. विद्युत से मोटर चला पानी भरने का कार्य होता था. वहां भारी तादाद में जंगल से काटी गयी लकड़ियां रखी थीं. फैक्टरी में अनेक प्लास्टिक के तम्बू लगे थे, जिसमें रहने व खाने की पूरी व्यवस्था थी.
सारंडा के विकसित गांव हैं टाटिबा व बराईबुरू : सारंडा का टाटिबा व बराईबुरू गांव विकसित गांवों में शामिल है. यहां के लोगों को प्रकृति ने प्राकृतिक जलस्रोत दिया है, जिसकी बदौलत ग्रामीण सालभर धान आदि की खेती करते हैं. इसके बावजूद कुछ ग्रामीण रातों रात पूंजीपति बनने की ललक में अवैध शराब की फैक्टरी, हब्बा-डब्बा, मुर्गापाड़ा चला रहे हैं. बराईबुरू-टाटिबा गांव का विकास ग्रामीणों ने अपने बल पर किया. आज गांव में दो एंबुलेंस, दो ट्रैक्टर, डीप बोरिंग, पाइप लाइन से सभी टोलों में पेयजल आपूर्ति, प्रत्येक परिवार को समिति की ओर से प्रत्येक माह आर्थिक सहायता आदि तमाम सुविधा दी जाती है.
जंगल के रास्ते भागे शराब माफिया
इस कारोबार में लिप्त लोगों को बख्शा नहीं जायेगा. इसमें संपन्न लोगों की संलिप्तता की आशंका है. इससे जुड़े लोगों को जल्द गिरफ्तार किया जायेगा. ऐसी शराब फैक्टरियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी.
तौकिर आलम, एसडीपीओ, किरीबुरु
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola