झंडीबुरू खदान के वाहनों को मजदूरों ने रोका
Updated at : 12 Apr 2016 6:29 AM (IST)
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प्रबंधन से स्थिति स्पष्ट करने व बकाया भुगतान करने की मांग खदान को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं मजदूर किरीबुरु : सारंडा स्थित साहा ब्रदर्स की झंडीबुरू आयरन ओर माइंस के वाहनों को दूसरे जगह ले जाने से सोमवार को ग्रामीणों व मजदूरों ने रोक दिया. मजदूरों का कहना था कि खदान प्रबंधन स्थिति […]
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प्रबंधन से स्थिति स्पष्ट करने व बकाया भुगतान करने की मांग
खदान को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं मजदूर
किरीबुरु : सारंडा स्थित साहा ब्रदर्स की झंडीबुरू आयरन ओर माइंस के वाहनों को दूसरे जगह ले जाने से सोमवार को ग्रामीणों व मजदूरों ने रोक दिया. मजदूरों का कहना था कि खदान प्रबंधन स्थिति स्पष्ट करते हुए मजदूरों का बकाया भुगतान करे. इसके बाद मशीन व वाहनों को खदान से बाहर जाने दिया जायेगा.
गौरतलब हो कि एक सप्ताह पूर्व राज्य सरकार ने उक्त खदान बंद करने की घोषणा की थी. इसके बाद खदान में उत्पादन व ढुलाई कार्य ठप है. वहीं खदान बंद होने से सैकड़ों ग्रामीण बेरोजगार हो गये हैं. खदान प्रबंधन के पास मजदूरों का काफी पैसा है. प्रबंधन न तो खदान बंद होने की घोषणा कर रहा है, न मजदूरों का बकाया भुगतान कर रहा है. ऐसे में मजदूर असमंजस की स्थिति में हैं.
15-20 दिन में खुलेगी खदान
इसके बाद कंपनी अधिकारी कुन्नू पटनायक और मुखिया प्रभु सहाय भेंगरा व सोनू सिरका के नेतृत्व में मजदूरों की बैठक हुई. इसमें मजदूरों ने कहा खदान अधिकारी व मजदूरों के हक से जुड़े प्रावधानों का पालन करते हुए चले. खदान जब तक बंद रहेगा, तब तक प्रबंधन मजदूरों को पूर्ण वेतन देगा या क्या करेगा, यह स्पष्ट करे. मजदूरों का बकाया भुगतान सहित अन्य मांग करते हुए दो दिन का समय मांगा. क्योंकि काम नहीं होने की स्थिति में मजदूर रोजगार का दूसरा विकल्प तलाशेंगे.
इस पर कुन्नू पटनायक ने कहा की 15-20 दिन में खदान खुलने की संभावना है. हम वाहन लेकर भाग नहीं रहे हैं, बल्कि दूसरे प्लॉट में खड़ा कर रहे थे. इन मुद्दों पर बात करने के लिए हम सक्षम पदाधिकारी नहीं हैं. गुरुवार को सक्षम पदाधिकारी दिलीप मिश्रा आयेंगे.
वह आपके सारे सवालों का जवाब देंगे.सूत्रों अनुसार साहा ब्रदर्स ने एक अनुबंध के तहत खदान में उत्पादन व माल ढुलाई का कार्य ओड़िसा की आप्थन माइनिंग एंड मिनरल्स को वर्ष 2022 तक के लिए दिया है. खादान का लीज वर्ष 2022 तक है. ऐसी स्थिति में खदान चालू हुआ, तो अप्थन माइनिंग ही उत्पादन व डिस्पैच का काम करेगी. सूत्रों का कहना है कि कंपनी को खदान के अंदर नियमतः जितनी मशीन व वाहन रखना था, उससे ज्यादा वाहन खदान में संचालित थे. इसे लेकर खदान से वाहनों को हटाया जा रहा था.
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