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सारंडा के 23 गांवों के ग्रामीणों का सूख रहा हलक, 2 पंचायतों के जलमीनार से नहीं मिल रहा लाभ

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
सारंडा क्षेत्र के दो पंचायत में जलमीनार तो बना, लेकिन ग्रामीणों को नहीं मिल रहा लाभ.
सारंडा क्षेत्र के दो पंचायत में जलमीनार तो बना, लेकिन ग्रामीणों को नहीं मिल रहा लाभ.
प्रभात खबर.

Jharkhand News, Kiriburu News, किरीबुरु न्यूज (पश्चिमी सिंहभूम) : DMFT फंड से सारंडा के छोटानागरा पंचायत अंतर्गत बाईहातु गांव में बना जलमीनार से होने वाली सप्लाई पानी का लाभ 10 गांव के ग्रामीणों को पिछले दो सप्ताह से नहीं मिल पा रहा है. इससे ग्रामीणों में नाराजगी है. इसके अलावा गंगदा पंचायत का दोदारी गांव में बने जलमीनार से मात्र दोदारी गांव में ही जलापूर्ति हो रही है, जबकि अन्य 13 गांवों के लोग पानी से वंचित हैं.

जोजोगुटू गांव निवासी राजेश सांडिल और छोटानागरा निवासी वीरेंद्र ने संयुक्त रूप से बताया कि उक्त जलमीनार से दिन में दो बार छोटानागरा पंचायत के 10 गांवों में पानी आपूर्ति की जाती थी, लेकिन पिछले दो सप्ताह से पेयजल आपूर्ति नहीं की जा रही है. इससे इन गांवों में पेयजल की समस्या उत्पन्न होने लगी है.

ग्रामीणों ने बताया की उक्त जलमीनार के कर्मचारी से पूछने पर उन्होंने बताया कि मोटर में खराबी आने या एक नट गिरने से यह समस्या उत्पन्न हुई है. जलमीनार का निर्माण एंव वर्षों तक पेयजलापूर्ति की देखरेख करनेवाले ठेकेदार को फोन किया जाता है, लेकिन वह फोन नहीं उठाता है.

ग्रामीणों ने बताया कि कोरोना की वजह से अभी स्कूल बंद है. इस कारण आपात स्थिति में भी इन स्कूलों से पानी नहीं मिल पा रहा है. बता दें कि सरकार को उक्त योजना के तहत हर गांव के घर-घर तक पाईप लाइन के जरिये पानी पहुंचाना है.

गंगदा पंचायत के दुईया गांव निवासी राजू सांडिल एवं दोदारी गांव निवासी मंगल कुम्हार ने बताया कि हमारे पंचायत में सिर्फ दोदारी गांव में ही एक माह से पानी आपूर्ति हो रही है, जबकि अन्य 13 गांवों में पानी आपूर्ति नहीं हो रही है, जिससे ग्रामीणों को पेयजल की समस्या से दो- चार होना पड़ रहा है. दोदारी के अलावा अन्य गांवों में पाइप लाइन बिछाया गया है, लेकिन घर- घर कनेक्शन या गांवों में पानी आपूर्ति शुरू नहीं हो पायी है.

उल्लेखनीय है कि दोदारी गांव स्थित जलमीनार से गंगदा पंचायत के गंगदा, दुईया, सलाई, घाटकुडी़, टिमरा, राडुवा, मम्मार, हिनुआ, कासिया-पेचा, सोदा, चुर्गी, दोदारी, रोवाम, कुम्बिया समेत 14 गांव के ग्रामीणों को सीधे शुद्ध पेयजल मिलना है. गंगदा पंचायत की कुल आबादी- 6258 है. वहीं, इस योजना की प्राक्लित राशि 1437.78 लाख रुपये है. इस जलशोध संयंत्र की क्षमता 1.20 एमएलडी है.

पेयजलापूर्ति योजना के तहत 1.80 लाख लीटर क्षमता का दोदारी एवं 1.15 लाख लीटर क्षमता का काशिया-पेचा में दो जलमिनार बनेगा. इसके माध्यम से पानी पाइप की कुल लंबाई 56 किलोमीटर लगभग, योजना का श्रोत कोयना नदी है, जिसके इंटेक वेल में 20 एचपी का मोटर लगाया गया है.

सारंडा के छोटानागरा पंचायत अंतर्गत बाईहातु गांव में करीब 8 करोड़ की लागत से लगभग दो लाख पांच हजार लीटर क्षमता वाला जलमीनार एवं WPT का निर्माण के अलावा जोजोगुटू गांव के समीप कोयना नदी में इन्टेक वेल (कुआं) का निर्माण पूर्ण हो चुका है. इस कुएं से पानी पाइप लाइन के द्वारा WPT में आयेगा एवं पानी को फिल्टर कर जलमीनार में चढ़ाया जायेगा, जहां से 10 गांवों में पेयजल आपूर्ति होगी.

बाईहातु गांव स्थित जलमीनार स्थल से 10 गांवों में लगभग 32 किलोमीटर पानी पाइप लाइन बिछाने का कार्य भी पूरा हो चुका है. छोटानागरा पंचायत के 10 गांव छोटानागरा, बाईहातु, जोजोगुटू, तितलीघाट, बहदा, राजाबेडा़, जामकुन्डिया, दुबिल, बढु़ईया एंव सोनापी को इस योजना का पूरा लाभ मिलना है.

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