कई धुनर्धर तैयार कर चुके हैं राव
Updated at : 21 May 2015 1:50 AM (IST)
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खरसावां : कोल्हान में खेल के क्षेत्र में बीएस राव का नाम नहीं बल्कि काम बोलता है. बीएस राव अब तक तीन दर्जन से अधिक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के धनुर्धर तैयार कर चुके है. वर्ष 2006 में जूनियर विश्व कप तीरंदाजी के विजेता पलटन हांसदा, राष्ट्रीय खेल में स्वर्ण पदक विजेता काली चरण बेसरा, […]
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खरसावां : कोल्हान में खेल के क्षेत्र में बीएस राव का नाम नहीं बल्कि काम बोलता है. बीएस राव अब तक तीन दर्जन से अधिक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के धनुर्धर तैयार कर चुके है.
वर्ष 2006 में जूनियर विश्व कप तीरंदाजी के विजेता पलटन हांसदा, राष्ट्रीय खेल में स्वर्ण पदक विजेता काली चरण बेसरा, अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज सुमीत मिश्र, नीलम कुमारी, संजय स्वांसी, बनन कुमार समेत राजीव मोहंती, सतीश सरदार, मंगल हांसदा, निलम कुमारी की सफलता का पूरा श्रेय बीएस राव को ही जाता है.
गोल्डेन गर्ल के नाम से मशहूर रांची की दीपिका को तीरंदाजी का पहला पाठ बीएस राव राव ने खरसावां के दामादिरी मैदान में पढ़ाया था. कई प्रतियोगिताओं में उन्हें भारत का कोच भी नियुक्त किया जा चुका है.
श्री राव को कई मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री से लेकर कई केंद्रीय मंत्री तक उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित कर चुके है. राव फिलहाल सरायकेला-खरसावां जिला तीरंदाजी संघ में ग्रामीण क्षेत्र के तीरंदाजों को प्रशिक्षण देने का काम कर रहे है.
झारखंड की धरती में पारंपरिक तीरंदाजी है. ग्रामीण क्षेत्र में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, बस उन्हें तलाश कर उचित मंच देने की आवश्यकता है.
बीएस राव, आर्चेरी कोच
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