जमीन पर बैठने को मजबूर है मॉडल स्कूल के छाात्र

खरसावां: खरसावां मॉडल स्कूल के छात्र जमीन पर बैठ कर पढ़ने को मजबूर है. स्कूल के छात्र- छात्राओं को सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं मिल रहा है. स्कूल के छात्रों को इस वर्ष ड्रेस तक नहीं मिला है. छात्रों को चालू सेशन की किताब अब तक नहीं मिली है. अन्य सरकारी स्कूलों में […]
खरसावां: खरसावां मॉडल स्कूल के छात्र जमीन पर बैठ कर पढ़ने को मजबूर है. स्कूल के छात्र- छात्राओं को सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं मिल रहा है. स्कूल के छात्रों को इस वर्ष ड्रेस तक नहीं मिला है.
छात्रों को चालू सेशन की किताब अब तक नहीं मिली है. अन्य सरकारी स्कूलों में ड्रेस बांटे जा रहे है, परंतु यहां अब तक छात्रों को स्कूल ड्रेस नहीं मिला है. मिड डे मिल भी गोंदपुर स्कूल में बना कर परोसा जा रहा है. स्कूल परिसर में रहने की हॉस्टल की सुविधा नहीं है.
फिलहाल छात्र अपने घर से ही आना जाना कर स्कूल में पढ़ाई करते है. स्कूल में पढ़ने वालों छात्रों में कई ऐसे भी है, जो 15 से 20 किमी की दूरी तय कर स्कूल आते है. मॉडल स्कूल में अंगरेजी मीडियम में पढ़ाई हो रही है. जिसमें कक्षा सात में 25 छात्र, कक्षा आठ में 17 छात्र व कक्षा नौ में 25 छात्र पढ़ाई कर रहे है. जबकि स्कूल में तीन शिक्षकों की पदस्थापना की गयी है. कक्षा छह के लिये अभी नामांकन की प्रक्रिया ही शुरू नहीं हो सकी है.
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