पेशे पर अब भी भारी है सेवा भाव

Published at :16 Jul 2013 1:54 PM (IST)
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पेशे पर अब भी भारी है सेवा भाव

महान भारतीय चिकित्सक डॉ विदानचंद्र राय के जन्म दिवस एक जुलाई को डॉक्टर्स डे के रूप में मनाया जाता है. रुपये कमाने की अंधी दौड़ से बचे डॉक्टर जहां आज भी सेवाभाव को जिंदा रखे हुए हैं. भगवान का दूसरा रूप कहे जाने वाले चिकित्सकों के समक्ष वर्तमान परिवेश में कई कठिनाइयां व चुनौतियां हैं. […]

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महान भारतीय चिकित्सक डॉ विदानचंद्र राय के जन्म दिवस एक जुलाई को डॉक्टर्स डे के रूप में मनाया जाता है. रुपये कमाने की अंधी दौड़ से बचे डॉक्टर जहां आज भी सेवाभाव को जिंदा रखे हुए हैं. भगवान का दूसरा रूप कहे जाने वाले चिकित्सकों के समक्ष वर्तमान परिवेश में कई कठिनाइयां व चुनौतियां हैं.

वहीं शासकीय सेवा से जुड़े डॉक्टर अभी भी सीमित संसाधनों के बावजूद अपने कर्तव्य को ईमानदारी के साथ पूरा कर रहे है. डॉक्टर डे के इस अवसर पर प्रभात खबर डॉक्टरों के समक्ष चिकित्सा क्षेत्र में दिख रही चुनौती तथा मरीजों व डॉक्टरों के बीच बढ़ती खाई को पाटने के लेकर बातचीत की.

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