अस्पताल में ही बनेेगा नवजात का आधार कार्ड

Updated at : 26 Oct 2017 6:52 AM (IST)
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अस्पताल में ही बनेेगा नवजात का आधार कार्ड

शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों का आधार कार्ड बनाने की पहल आधार कार्ड बनाने के लिए 22 एएनएम को प्रशिक्षण देकर बनाया गया ऑपरेटर शून्य से पांच वर्ष तक के 61 प्रतिशत बच्चों का ही बना है आधार कार्ड सरायकेला : शून्य से पांच वर्ष तक के शत प्रतिशत बच्चों का आधार कार्ड […]

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शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों का आधार कार्ड बनाने की पहल

आधार कार्ड बनाने के लिए 22 एएनएम को प्रशिक्षण देकर बनाया गया ऑपरेटर
शून्य से पांच वर्ष तक के 61 प्रतिशत बच्चों का ही बना है आधार कार्ड
सरायकेला : शून्य से पांच वर्ष तक के शत प्रतिशत बच्चों का आधार कार्ड बनाना सुनिश्चित करने के लिए अब अस्पतालों में जन्म लेने के तुरत बाद ही सभी नवजात शिशुओं का आधार कार्ड बनाया जाएगा. अस्पताल की एएनएम इन नवजात बच्चों का आधार कार्ड बनायेंगी. इसके लिए जिले की 22 एएनएम को यूआइडी रांची में इसका प्रशिक्षण देकर ऑपरेटर बनाया गया है ताकि वे नवजात बच्चों का आधार कार्ड दक्षता पूर्वक तैयार कर सकें. आधार कार्ड बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त सभी 22 एएनएम ने ऑपरेटर की परीक्षा भी पास की है. इन 22 एएनएम को जिले के विभिन्न अस्पतालों में प्रतिनियुक्त किया जाएगा. पहले तीन से पांच वर्ष तक के बच्चों का आंगनबाड़ी केंद्र में आधार कार्ड बनाया जाता था.
61 प्रतिशत बच्चों का बना है आधार कार्ड : जिले में शून्य से पांच वर्ष तक के मात्र 61 फीसदी बच्चों का ही आधार कार्ड बन पाया है. जिले में शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों की कुल संख्या 11,16,066 है, जिनमें से 71,282 बच्चों का ही आधार कार्ड बन पाया है. जिले में पांच वर्ष से 18 वर्ष उम्र तक के 316845 लोगों में से 90 फीसदी, 287576 लोगों का आधार कार्ड बन गया है. 18 वर्ष से अधिक उम्र के शत प्रतिशत लोगों का आधार कार्ड बन चुका है. विभाग मुहैया करायेगा टैब : नवजात शिशुओं का आधार कार्ड बनाने के लिए ऑपरेटर के रूप में प्रशिक्षित सभी 22 एएनएम को विभाग की ओर से टैब मुहैया कराया जाएगा. एएनएम को टैब मिलने के बाद अस्पताल में नवजात शिशुओं का आधार कार्ड बनना शुरू हो जाएगा.
ऐसे बनेगा नवजात का आधार कार्ड
अस्पताल में नवजात शिशु का जन्म उसके फोटो व अभिभावक द्वारा दिये गये नाम के अनुरूप बनाया जाएगा. नवजात के आधार कार्ड में उनके माता या पिता का फिंगर प्रिंट लिया जाएगा या माता पिता के आधार के साथ अटैच किया जाएगा. बच्चे के बड़ा होने पर आधार कार्ड में बच्चे का फिंगर प्रिंट स्क्रीनिंग कराया जा सकेगा तथा बच्चे का नाम भी बदला जा सकेगा. नवजात शिशुओं का आधार कार्ड यूआइडी के सौजन्य से एएनएम द्वारा अस्पतालों में ही बना दिया जाएगा.
राकेश दीप, डीपीएम,यूआइडी
सरायकेला खरसावां
अस्पताल में नवजात शिशुओं का आधार कार्ड बनाने के लिए 22 एएनएम को ऑपरेटर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है.
डॉ एपी सिन्हा,सिविल सर्जन
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