जमीन माफियाओं को गिरफ्तार करने के लिए एसआइटी बनी

Birsa Munda
झारखंड में जिन जमीन माफिया और जमीन कारोबारी के खिलाफ केस दर्ज हैं, उनकी गिरफ्तारी के लिए डीजीपी अजय कुमार सिंह ने सभी जिलों के एसपी को एसआइटी गठित करने का आदेश दिया है.
झारखंड में जिन जमीन माफिया और जमीन कारोबारी के खिलाफ केस दर्ज हैं, उनकी गिरफ्तारी के लिए डीजीपी अजय कुमार सिंह ने सभी जिलों के एसपी को एसआइटी गठित करने का आदेश दिया है. उन्होंने सभी एसपी से कहा है कि भू माफिया से संबंधित मामले का तेजी से अनुसंधान करें ताकि केस में गवाहों और पीड़ित पक्ष को उचित सुरक्षा प्रदान किया जा सके. उन्होंने दर्ज केस में ट्रायल की मॉनिटरिंग निरंतर करने का आदेश दिया. साथ ही गवाहों को न्यायालय में समय पर उपस्थित कराने को कहा, ताकि ट्रायल समय पर पूरा हो सकें. डीजीपी ने कहा कि जब कोई भूमि माफिया या इनका सहयोगी गिरफ्तार होता है, तो ऐसे लोगों की पूरी प्रोफाइल तैयार करें. इसमें उसके परिवार के पूरे सदस्य का मोबाइल नंबर, पैन नंबर, आधार नंबर, बैंक एकाउंट, चल संपत्ति जैसे कार, बाइक इत्यादि वाहन और इनके मालिक का नाम. और अचल संपत्ति में घर, जमीन, दुकान और गोदाम के बारे में पूरा ब्योरा तैयार किया जाये. डीजीपी श्री सिंह ने कहा कि भू माफिया का पिछले तीन वर्षों का आइटीआर, कंपनियों की सूची और परिवार की भागीदारी के बारे में जांच कर पता लगायें. उन्होंने कहा कि झारखंड में जमीन से संबंधित विवाद के अब जो भी मामले पुलिस के सामने आयेंगे. इनके बारे में पुलिस पूरा रिकॉर्ड रखेगी. साथ ही मामले में 107 या 144 के तहत क्या कार्रवाई की गयी. इसका भी ब्योरा पुलिस रखेगी. डीएसपी रैंक के अधिकारियों को डीजीपी ने इस बात की जिम्मेवारी दी है कि वे प्रत्येक सप्ताह इसका निरीक्षण करेंगे. साथ ही सभी थाना प्रभारी अब भूमि विवाद से संबंधित मामले में निष्पादन के लिए प्रत्येक 15 दिनों में अंचल अधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर बैठक कराना सुनिश्चित करेंगे. बैठक में क्या निर्णय हुआ. इसकी जानकारी थाना प्रभारी अपने डीएसपी को देंगे. वहीं दूसरी ओर डीएसपी प्रत्येक माह एसडीओ के साथ बैठक कर अपनी रिपोर्ट एसएसपी या एसपी को देंगे. प्रत्येक जिला के एसएसपी या एसपी दो माह में भूमि विवाद से संबंधित मामलों को लेकर डीसी के साथ बैठक करेंगे और उसमें लिए गये निर्णय संबंध में पुलिस मुख्यालय को रिपोर्ट देंगे. जमीन कारोबारियों के खिलाफ सीसीए की कार्रवाई करने, निगरानी का प्रस्ताव तैयार करने, जमानतदारों का सत्यापन करने, भूमि माफिया के खिलाफ कार्रवाई में लापरवाही बरतनेवाले पुलिस अफसर के खिलाफ शिकायत मिलने पर कठोर अनुशासनिक कार्रवाई करने, अतिक्रमण कर घर, दुकान बनानेवाले भूमि माफिया के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की जिम्मेवारी भी डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों को दी है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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