Table of Contentsरांची लोकसभा क्षेत्र में रहते हैं 58 फीसदी हिंदू, 15 फीसदी मुस्लिमरांची लोकसभा क्षेत्र का जातिगत समीकरणरांची लोकसभा की आधी आबादी ग्रामीण, तो आधी शहररांची लोकसभा सीट पर मतदाता साक्षरता दर और लिंग अनुपातलगातार बढ़े हैं मतदाता, मतदान प्रतिशत भी बढ़ा2014 में मतदान में करीब 13 फीसदी का आया उछालपिछले 3 चुनावों में 2 बार जीती भाजपा, एक बार कांग्रेस2014 में रांची लोकसभा सीट पर रामटहल को मिले थे 42.74 वोट2019 के चुनाव में संजय सेठ ने सुबोधकांत सहाय को हराया2014 में रांची लोकसभा सीट पर थे 28 उम्मीदवार, इस बार 27पिछले 3 चुनावों में किस पार्टी को कितने वोट मिलेअनारक्षित सीट है रांची लोकसभारांची में कौन लोग लड़ रहे हैं चुनावइसे भी पढ़ें झारखंड में तीसरे और देश में छठे चरण का मतदान शनिवार (25 मई) को हो रहा है. इस चरण में झारखंड की 4 लोकसभा सीटों पर वोटिंग होगी. इसमें रांची लोकसभा सीट भी शामिल है. रांची लोकसभा क्षेत्र में 31.19 फीसदी एसटी और 4.53 फीसदी एससी वोटर हैं. रांची लोकसभा क्षेत्र में रहते हैं 58 फीसदी हिंदू, 15 फीसदी मुस्लिम धर्म के आधार पर देखेंगे, तो रांची लोकसभा क्षेत्र में 58 फीसदी हिंदू रहते हैं. हिंदुओं के बाद सबसे बड़ी आबादी मुस्लिमों की है. इस क्षेत्र में 15 फीसदी मुस्लिम निवास करते हैं. 7 फीसदी ईसाई और 20 फीसदी अन्य धर्म के लोग रांची लोकसभा क्षेत्र में रहते हैं. रांची लोकसभा के लिए राजधानी रांची और सरायकेला-खरसावां जिले के लोग वोट करते हैं. रांची लोकसभा क्षेत्र का जातिगत समीकरण जातिगत समीकरण की बात करें, तो रांची लोकसभा क्षेत्र में अनुसूचित जाति (एससी) की आबादी 4.53 फीसदी है, तो अनुसूचित जनजाति (एसटी) की 31.19 फीसदी. सामान्य एवं अन्य वर्ग के 64.28 फीसदी लोग रांची लोकसभा क्षेत्र में हैं. रांची लोकसभा की आधी आबादी ग्रामीण, तो आधी शहर रांची में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र बराबर हैं. यानी लोकसभा क्षेत्र में 50 फीसदी इलाके ग्रामीण क्षेत्र में आते हैं, तो 50 फीसदी शहरी क्षेत्र में. यहां घरों की संख्या 5,22,872 है. रांची लोकसभा सीट पर मतदाता साक्षरता दर और लिंग अनुपात रांची लोकसभा क्षेत्र में 73 फीसदी लोग साक्षर हैं. 51.79 फीसदी पुरुष वोटर साक्षर हैं, जबकि साक्षर महिला वोटर की हिस्सेदारी 48.21 फीसदी है. इस लोकसभा क्षेत्र का लिंगानुपात 931 है. लगातार बढ़े हैं मतदाता, मतदान प्रतिशत भी बढ़ा रांची लोकसभा क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है. वर्ष 2009 में 16,25,148 वोटर थे. वर्ष 2014 में यह संख्या बढ़कर 16,48,459 हो गई. वर्ष 2019 में यह आंकड़ा बढ़कर 19,15,959 हुई. वर्ष 2024 में रांची लोकसभा क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या बढ़कर 21,88,389 पहुंच गई है. 2014 में मतदान में करीब 13 फीसदी का आया उछाल रांची लोकसभा क्षेत्र में मतदान के आंकड़ों पर गौर करेंगे, तो पाएंगे कि वर्ष 2009 में 50.98 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था. वर्ष 2014 में वोटिंग परसेंटेज में करीब 13 फीसदी का उछाल आया. इस बार 63.82 फीसदी लोगों ने वोट किए. वर्ष 2019 में 66.80 फीसदी वोटिंग हुई, जो रांची में अब तक हुआ सर्वाधिक मतदान है. पिछले 3 चुनावों में 2 बार जीती भाजपा, एक बार कांग्रेस रांची लोकसभा सीट पर पिछले 3 चुनावों में 2 बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जीत मिली है, जबकि एक बार कांग्रेस पार्टी ने जीत दर्ज की है. पिछले दो बार से यानी वर्ष 2014 और वर्ष 2019 में भाजपा के उम्मीदवार जीत रहे हैं. वर्ष 2014 में रामटहल चौधरी ने भाजपा के लिए यह सीट जीती थी, जबकि 2019 में संजय सेठ यहां से जीतकर पहली बार सांसद बने. इसके पहले वर्ष 2009 में कांग्रेस के सुबोधकांत सहाय ने जीत दर्ज की थी. 2014 में रांची लोकसभा सीट पर रामटहल को मिले थे 42.74 वोट वर्ष 2014 में रामटहल चौधरी को 42.74 फीसदी वोट मिले थे, बकि कांग्रेस के सुबोधकांत सहाय को 23.76 फीसदी लोगों ने वोट किया था. तब आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने भी चुनाव लड़ा और उन्हगें 13.56 फीसदी मत मिले. जेवीएम के टिकट पर अमिताभ चौधरी ने भी भाग्य आजमाया था, लेकिन उन्हें महज 6.45 फीसदी वोट ही मिले. बंधु तिर्की ने तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और 4.39 फीसदी वोट पाकर पांचवें स्थान पर रहे. 2019 के चुनाव में संजय सेठ ने सुबोधकांत सहाय को हराया वर्ष 2019 में संजय सेठ ने सुबोधकांत सहाय को पराजित किया और पहली बार संसद पहुंचे. संजय सेठ को 57.21 फीसदी वोट मिला, जबकि सुबोधकांत सहाय को इस बार 34.31 फीसदी मत प्राप्त हुए. टिकट नहीं मिलने से नाराज रामटहल चौधरी ने भाजपा से बगावत कर दी और निर्दलीय चुनाव लड़े. उन्हें महज 2.39 फीसदी वोट मिले. राजू महतो और विद्याधर प्रसाद को क्रमश: 0.76 फीसदी और 0.71 फीसदी मत प्राप्त हुए. 2014 में रांची लोकसभा सीट पर थे 28 उम्मीदवार, इस बार 27 वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में 20 प्रत्याशियों ने भाग्य आजमाया जबकि वर्ष 2014 में 28 उम्मीदवार चुनाव लड़े थे. वर्ष 2019 में 4379 लोगों ने नोटा दबाया था, जबकि वर्ष 2014 में ऐसा करने वाले मतदाताओं की संख्या 6900 थी. बता दें कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में रांची से कुल 27 उम्मीदवार मैदान में हैं. पिछले 3 चुनावों में किस पार्टी को कितने वोट मिले झारखंड में पिछले तीन लोकसभा चुनावों में राजनीतिक दलों को मिले वोट की बात करें, तो भाजपा के मत प्रतिशत में लगातार इजाफा हुआ है, जबकि कांग्रेस के वोट प्रतिशत में उतार-चढ़ाव देखा गया है. वर्ष 2009 में भाजपा को 41.04 फीसदी, वर्ष 2014 में 42.74 फीसदी और वर्ष 2019 में 57.21 फीसदी मत मिले. वहीं, वर्ष 2009 में कांग्रेस को 42.88 फीसदी मत मिले, जबकि वर्ष 2014 में 23.76 फीसदी और वर्ष 2019 में 34.31 फीसदी मत मिले. जेवीएम को वर्ष 2009 में 4.36 फीसदी और वर्ष 2014 में 6.45 फीसदी वोट मिले थे. अनारक्षित सीट है रांची लोकसभा बता दें कि रांची लोकसभा सीट अनारक्षित है. यानी सामान्य वर्ग के लोग यहां से चुनाव लड़ सकते हैं. इस क्षेत्र में 1090 गांव और 16 शहर हैं. इस लोकसभा के अंतर्गत 6 विधानसभा क्षेत्र आते हैं. हटिया, ईचागढ़, कांके, खिजरी, रांची और सिल्ली विधानसभा क्षेत्र के मतदाता रांची का सांसद चुनते हैं. रांची में कौन लोग लड़ रहे हैं चुनाव उम्मीदवार का नामपार्टी का नाममनोज कुमारबहुजन समाज पार्टीयशस्विनी सहायकांग्रेससंजय सेठभारतीय जनता पार्टीधनंजय भगत ‘गांधी’मेरा अधिकार राष्ट्रीय दलधर्मेंद्र तिवारीभारतीय जनतंत्र मोर्चानिपु सिंहराष्ट्रीय जनसंघर्ष स्वराज पार्टीपंकज कुमार रविपीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक)प्रवीण कच्छपसंपूर्ण भारत क्रांति पार्टीविनोद उरांवबहुजन मुक्ति पार्टीबिरेंद्र नाथ मांझीअबुआ झारखंड पार्टीमिंटू पासवानसोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट)रंजना गिरीरिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए)रामहरि गोपआंबेडकराईट पार्टी ऑफ इंडियाश्याम बिहारी प्रजापतिभागीदारी पार्टी (पी)सर्वेश्वरी साहूएकम सनातन भारत दलसोमा सिंहजय महा भारत पार्टीहरिनाथ साहूलोकहित अधिकार पार्टीहेमंती देवीसमता पार्टीअंजनी पांडेनिर्दलीयअरसद अयूबनिर्दलीयऐनुल अंसारीनिर्दलीयकामेश्वर प्रसाद सावनिर्दलीयकोलेश्वर महतोनिर्दलीयदेवेंद्र नाथ महतोनिर्दलीयप्रवीण चंद्र महतोनिर्दलीयमनोरंजन भट्टाचार्यनिर्दलीयसंतोष कुमार जायसवालनिर्दलीय इसे भी पढ़ें Loksabha election 2024 : झारखंड की राजधानी किसकी? 25 मई को होगा फैसला झारखंड की 4 लोकसभा सीट के लिए प्रचार थमा, 25 को 93 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे 81.90 लाख वोटर रांची लोकसभा चुनाव को लेकर क्या है जिला प्रशासन की तैयारी, प्रभात खबर से खास बातचीत में डीसी राहुल सिन्हा ने बताया