Jharkhand News : झारखंड सरकार का इज ऑफ डूइंग बिजनेस के बजाय इज ऑफ स्टार्ट बिजनेस पर फोकस, जानें नयी उद्योग नीति में क्या है खास

वैसे प्रावधान हैं, जो अब बहुत आवश्यक नहीं हैं, पर एक्ट में प्रावधान रहने की वजह से उद्योग लगाने में परेशानी आती है. ये बातें उद्योग सचिव पूजा सिंघल ने इमर्जिंग झारखंड: स्टेक होल्डर्स काॅन्फ्रेंस में कहीं. होटल बीएनआर में सोमवार को झारखंड इंडस्ट्रीयल इन्वेस्टमेंट एंड प्रोमोशन पॉलिसी-2021 के ड्राफ्ट पर चर्चा की गयी. इसमें 100 से अधिक उद्यमी शामिल हुए. इनसे नीति पर सुझाव भी लिये गये.
Jharkhand News, Ranchi News, Jharkhand new industrial policy 2021 रांची : राज्य सरकार इज ऑफ डूइंग बिजनेस की जगह इज ऑफ स्टार्ट बिजनेस पर फोकस करना चाहती है. यानी पहले उद्योग आरंभ हो, उसके लिए नीतियों को आसान किया जा रहा है. जब एक बार उद्योग आरंभ हो जायेंगे, तो आगे भी बढ़ते चले जायेंगे. राज्य सरकार उद्योग लगाने में बाधक बन रहे 90 प्रावधानों को 31 मार्च के पहले समाप्त कर देगी.
वैसे प्रावधान हैं, जो अब बहुत आवश्यक नहीं हैं, पर एक्ट में प्रावधान रहने की वजह से उद्योग लगाने में परेशानी आती है. ये बातें उद्योग सचिव पूजा सिंघल ने इमर्जिंग झारखंड: स्टेक होल्डर्स काॅन्फ्रेंस में कहीं. होटल बीएनआर में सोमवार को झारखंड इंडस्ट्रीयल इन्वेस्टमेंट एंड प्रोमोशन पॉलिसी-2021 के ड्राफ्ट पर चर्चा की गयी. इसमें 100 से अधिक उद्यमी शामिल हुए. इनसे नीति पर सुझाव भी लिये गये.
श्रीमती सिंघल ने उद्योग नीति के ड्राफ्ट पर कहा कि लैंड बैंक में अभी 2015 एकड़ भूमि है, जहां उद्योग लगाना है. सरकार माइंस और मिनरल पर आधारित उद्योग के अलावा अन्य उद्योगों को भी प्राथमिकता दे रही है. उद्देश्य है ज्यादा से ज्यादा रोजगार का सृजन. उन्होंने बताया कि चान्हो में फार्मास्यूटिकल पार्क, देवघर के देवीपुर में प्लास्टिक पार्क, आदित्युपर में इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग कलस्टर, धनबाद के गोपालगंज में लेदर पार्क बन रहे हैं. यहां निवेश के अपार अवसर हैं.
बहरागोड़ा में 3000 एकड़ में लॉजिस्टिक पार्क बन रहा है. सरकार ने पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया है. इसमें भी निवेश का अवसर है. स्पोर्ट्स एकेडमी में भी सरकार सब्सिडी दे रही है. श्रीमती सिंघल ने बताया कि वर्ष 2016 की उद्योग नीति 31 मार्च को समाप्त हो रही है. एक अप्रैल से नयी नीति लागू हो जायेगी. इस नीति में पहले के प्रावधानों में कई सुधार किये जा रहे हैं. इंसेंटिव राशि भी बढ़ायी गयी है. प्रत्येक जिले में दो प्राथमिकता के उद्योग चिन्हित किये गये हैं. इसमें निवेश करने वालों को अधिक से अधिक सब्सिडी का प्रावधान है.
उद्योग सचिव ने बताया कि सरकार नये उद्योगों को बढ़ावा दे ही रही है. साथ ही बंद पड़े रुग्ण उद्योगों पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है. एनसीएलटी में इन उद्योगों का मामला चल रहा है. सरकार इन्हें दोबारा चालू करने पर विचार कर रही है. जल्द ही मुख्यमंत्री रुग्ण उद्योगों के पुनर्रुद्धार पैकेज की घोषणा करेंगे. इसके पहले उद्योग निदेशक जीतेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि नयी उद्योग नीति की खासियत यह है कि इसमें उद्यमियों से राय ली जा रही है और उसे समाहित भी किया जा रहा है. फार्मास्यूटिकल में सरकार चाहती है कि निवेशक आयें, ताकि यहां दवा बनें.
जियाडा के निदेशक अजय कुमार सिंह ने कहा कि नयी नीति में इंसेंटिव का पैकेज दिया जा रहा है. इस दौरान जियाडा के सचिव सुनील कुमार सिंह ने भी विचार दिये.
पांच लाख से अधिक रोजगार सृजन करना और एक लाख करोड़ से अधिक निवेश प्राप्त करना
टेक्सटाइल एंड अपारेल, ऑटोमोबाइल, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट, इलेक्ट्रिक व्हीकल, एग्रो फूड एंड मीट प्रोसेसिंग, फॉर्मास्यूटिकल, इलेक्ट्रोनिक सिस्टम डिजाइन एंड मैन्यूफैक्चरिंग
स्टार्टअप एंड इंक्यूबेशन, पर्यटन, ब्रेवरीज, डिस्टलरी, कोल्ड ड्रिंक, मिनरल वाटर, लॉजिस्टिक और वेयर हाउस, शिक्षा, हेल्थ केयर, आइटी, नवीकरण ऊर्जा, लाइट एंड मीडियम इंजीनियरिंग
भूमि खरीद पर 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी
पांच वर्षों तक कामगारों के लिए प्रतिमाह एक हजार रुपये सरकार देगी
एक करोड़ रुपये सालाना इंटरेस्ट सब्सिडी
सात वर्षों तक जीएसटी और इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी वापस करने का प्रावधान
50 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी
जीएसटी में 75 से 80 प्रतिशत तक इंसेटिंव
इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी में शतप्रतिशत छूट
एग्रो फूड
35 से 75 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता दी जायेगी
इलेक्ट्रोनिक सिस्टम एंड डिजाइन
पांच वर्षों तक इनकम टैक्स रिमब्रसमेंट
स्टांप ड्यूटी, निबंधन में 100 प्रतिशत वापसी
एक करोड़ रुपये तक ब्याज में सहायता
जीएसटी, पेटेंट, स्टांप ड्यूटी में शतप्रतिशत वापसी
लॉजिस्टिक एवं वेयर हाउस
10 करोड़ तक कैपिटल इंटरेस्ट व इंफ्रा इंटरेस्ट सब्सिडी
मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज और निजी विश्वविद्यालय की स्थापना पर 25 प्रतिशत सब्सिडी
पर्यटन को उद्योग का दर्जा
30 से 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी
मेगा आइटी यूनिट को पांच वर्षों तक इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी माफ
25 लाख की सब्सिडी
स्टांप ड्यूटी में 100 प्रतिशत वापसी
50 प्रतिशत इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी माफ
उपकरणों की खरीद पर जीएसटी माफ
चार प्रतिशत व्हीलिंग चार्ज का अनुदान
लाइट एंड मीडियम इंजीनियरिंग
25 प्रतिशत तक की सब्सिडी
पांच प्रतिशत तक इंटरेस्ट सब्सिडी
80 प्रतिशत एसजीएसटी माफ
Posted By : Sameer Oraon
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By Prabhat Khabar News Desk
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