खासमहाल की भूमि फ्री-होल्ड करने की दर की समीक्षा करेगी सरकार

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खासमहाल की भूमि फ्री-होल्ड करने की दर की समीक्षा करेगी सरकार

खासमहाल की जमीन पर मालिकाना हक देने और फ्री-होल्ड करने के मामले में सरकार नीति की समीक्षा करेगी़ फ्री-होल्ड करने के लिए सरकार द्वारा तय की गयी दर की भी समीक्षा होगी़

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रांची : खासमहाल की जमीन पर मालिकाना हक देने और फ्री-होल्ड करने के मामले में सरकार नीति की समीक्षा करेगी़ फ्री-होल्ड करने के लिए सरकार द्वारा तय की गयी दर की भी समीक्षा होगी़ राज्यभर में खासमहाल की जमीन को फ्री-होल्ड करने के लिए रैयतों से मार्केट वैल्यू का 15 व 30 प्रतिशत दर लेने का प्रावधान है़

पक्ष-विपक्ष के विधायकों का कहना था कि खासमहाल की जमीन पर मालिकाना हक देने का निर्णय तो सरकार ने लिया है, लेकिन इसकी दर बहुत अधिक है़ सदन में भाजपा विधायक अनंत ओझा के सवाल पर संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम का कहना था कि यह मामला बहुत पुराना है़ सरकार आयी और गयी़ हाइकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मामला गया़ इसमें कुछ दिक्कत है़ इस परेशानी को दूर किया जायेगा़ सरकार इसमें निर्धारित दर की समीक्षा कर निर्णय लेगी़ यह गंभीर मामला है़ 150 वर्ष से लोग मकान बना कर रह रहे है़ं

जीवन की शुरुआत उसी घर से कर रहे हैं, लेकिन उस पर हक नहीं मिल पाया है़ मंत्रिमंडल के अंदर इसे लेकर एकमत बना कर सरकार निर्णय लेगी़ विधायक अनंत ओझा का कहना था कि यह खासमहाल अंग्रेजों के जमाने का काला कानून है़ लोगों के पास कागज है, केवाला है़ लोगों को जमीन पर मुआवजा भी मिला है, लेकिन इस जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो रही है़ साहिबगंज जिला में हजारों आवेदन लंबित है़ं खासमहाल को सरकार ने समाप्त कर दिया है, पर इसको सरल बनाने की जरूरत है़ प्रभारी मंत्री जगरनाथ महतो का कहना था कि मामला पुराना है़

विधायक श्री ओझा यह सवाल दो बार पिछली सरकार में पूछ चुके है़ं इस पर अनंत ओझा ने कहा कि उसके बाद सरकार ने संकल्प जारी कर खासमहाल की जमीन रैयतों को देने का निर्णय भी कर लिया़ लेकिन मैं अब नया मामला लेकर आया हूं, रजिस्ट्री नहीं हो रही है़ मंत्री का कहना था कि उपायुक्तों को निर्देश दिया गया है कि फ्री होल्ड करने के लिए 15 से 30 प्रतिशत दर लेकर मालिकाना हक दे दे़ं

मंत्री के जवाब के बाद श्री ओझा ने कहा कि उपायुक्त रजिस्ट्री नहीं कर रहे हैं. उनको विभाग का आदेश नहीं मिला है़ विधायक नवीन जायसवाल का कहना था कि दर बहुत ही अधिक है़ गरीब परिवार 20 से 25 लाख रुपये ला कर रजिस्ट्री नहीं करा पा रहा है़ इसके बाद पूरे मामले में स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने संसदीय कार्य मंत्री को सरकार का पक्ष रखने को कहा़ इसके बाद मंत्री श्री आलमगीर ने पूरे मामले की समीक्षा करने का आश्वासन सदन को दिया़

खासमहाल की जमीन की रजिस्ट्री नहीं होने के सवाल का संसदीय कार्य मंत्री ने दिया जवाब

पक्ष-विपक्ष के विधायक आये साथ,

फ्री-होल्ड के लिए तय दर को ज्यादा बताया

राज्यभर में खासमहाल की जमीन को फ्री-होल्ड करने के लिए रैयतों से मार्केट वैल्यू का 15 व 30 प्रतिशत दर लेने का प्रावधान है

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प्रीतीश सहाय

लेखक के बारे में

By प्रीतीश सहाय

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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