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झारखंड : समन के बाद भी ईडी के सामने हाजिर नहीं हुए संयुक्त उत्पाद आयुक्त गजेंद्र सिंह

Updated at : 30 Nov 2023 10:34 AM (IST)
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झारखंड : समन के बाद भी ईडी के सामने हाजिर नहीं हुए संयुक्त उत्पाद आयुक्त गजेंद्र सिंह

सूत्रों के अनुसार, समन मिलने के बाद संयुक्त उत्पाद आयुक्त ने मांगे गये ब्योरे और उससे संबंधित दस्तावेज इडी को सौंपने के लिए सरकार से अनुमति मांगी थी.

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रांची : शराब घोटाले की जांच के दौरान ईडी ने राज्य के संयुक्त उत्पाद आयुक्त गजेंद्र सिंह को समन जारी कर शराब नीति सहित अन्य दस्तावेजों के साथ 29 नवंबर को रांची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में हाजिर होने का निर्देश दिया था. हालांकि, वे ईडी के कार्यालय में नहीं पहुंचे. इडी ने संयुक्त उत्पाद आयुक्त से ‘उत्पाद नीति’ का विस्तृत ब्योरा (वित्तीय वर्ष 2021-22) और इस पर राजस्व पर्षद की सहमति/असहमति से संबंधित जानकारी मांगी थी. साथ ही संबंधित वित्तीय वर्ष के दौरान राज्य में थोक विक्रेताओं, उनके द्वारा फीस के रूप में जमा कराये गये ड्राफ्ट आदि का ब्योरा भी मांगा था.

सूत्रों के अनुसार, समन मिलने के बाद संयुक्त उत्पाद आयुक्त ने मांगे गये ब्योरे और उससे संबंधित दस्तावेज ईडी को सौंपने के लिए सरकार से अनुमति मांगी थी. हालांकि, सरकार ने अब तक इडी की मांग पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है. इसी आधार पर ही संयुक्त उत्पाद आयुक्त बुधवार को इडी कार्यालय में हाजिर नहीं हुए. हालांकि, उन्होंने सरकार द्वारा सहमति दिये जाने के बाद आवश्यक दस्तावेज के साथ इडी कार्यालय में हाजिर होने की सूचना भेजी है.

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60 लोगों से हुई पूछताछ, गिरफ्तार हो चुका है योगेंद्र तिवारी :

इडी ने शराब घोटाले की जांच के दौरान थोक व्यापार के लिए एक ही जिले के बैंक से लाइसेंस फीस बनाने का मामला पकड़ा था. साथ ही राज्य में शराब के व्यापार पर एक ही व्यक्ति द्वारा अपने करीबी लोगों का ग्रुप बना कर कब्जा करने की आशंका जतायी थी. जांच में पाया गया था कि शराब व्यापारी योगेंद्र तिवारी ने राज्य के 19 जिलों में शराब के थोक व्यापार पर अपना एकाधिकार कायम कर लिया था. घोटाले की जांच में छापामारी के दौरान योगेंद्र तिवारी के ठिकानों से इडी को व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े लेखा-जोखा से संबंधित दस्तावेज नहीं मिले थे. जबकि, नियमानुसार इस तरह के दस्तावेज के व्यापारिक प्रतिष्ठान में ही रखना है. शराब घोटाले की जांच के दौरान इडी अब तक 60 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुका है. साथ ही शराब व्यापारी योगेंद्र तिवारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा चुका है.

विभाग ने जिलों से मांगी पांच साल की पूरी रिपोर्ट :

उत्पाद विभाग ने सभी जिलों को पत्र भेज कर पिछले पांच वर्षों के दौरान हुई शराब बिक्री की पूरी रिपोर्ट मांगी थी. जिलों से थोक में शराब की आपूर्ति, बार संचालन और खुदरा शराब बिक्री की पूरी जानकारी मांगी गयी थी. जिलों ने इस संबंध में पूरी जानकारी उपलब्ध करा दी है. जिलों से मिली जानकारी के आधार पर विभागीय स्तर पर इसकी रिपोर्ट तैयार की गयी है.

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