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कैबिनेट का निर्णय : जनगणना 2021 में आदिवासी/सरना धर्म कोड को जोड़ने का प्रस्ताव स्वीकृत

By Prabhat Khabar Print Desk
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जनगणना 2021 में आदिवासी/सरना धर्म कोड को जोड़ने का प्रस्ताव
जनगणना 2021 में आदिवासी/सरना धर्म कोड को जोड़ने का प्रस्ताव
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रांची : कैबिनेट ने जनगणना 2021 में आदिवासी/सरना धर्म के लिए अलग कोड आवंटित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने का फैसला किया. इसके लिए राज्य सरकार बुधवार को विशेष सत्र बुलायी है, जिसमें प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जायेगा.

जनगणना 2011 में कुल छह धर्मों के लिए अलग-अलग कोड आवंटित किया गया था. उनमें क्रमश: हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध और जैन धर्म के कोड शामिल थे. हालांकि, सरना या अन्य आदिवासी धर्मावलंबियों के लिए कोई अलग कोड आवंटित नहीं था. जनगणना के समय जनगणना कर्मचारी द्वारा संबंधित व्यक्ति के धर्म के सिलसिले में प्रश्न पूछा जाता है. साथ ही कहा जाता है कि अगर इन छह धर्मों के अलावा कोई अन्य धर्म मानते हों, तो उसका नाम लिखें.

यानी, आदिवासी/सरना धर्म माननेवाले लोगों के लिए अपना धर्म लिखने का प्रावधान जनगणना में था. लेकिन, उसके लिए कोई कोड आवंटित नहीं था. इस कारण से मंत्रिपरिषद ने आदिवासी/सरना धर्म के लिए अलग कोड आवंटित करने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजने का निर्णय लिया.

आदिवासी/सरना धर्म लिखने का उद्देश्य यह है कि जो आदिवासी सरना धर्म मानते हैं, वह सरना लिखेंगे. वहीं, जो आदिवासी खासी, जयंतिया या अन्य धर्म मानते हैं, वह सरना नहीं लिखेंगे, बल्कि आदिवासी लिखेंगे. यह धर्मकोड देशव्यापी होगा.

अन्य फैसले

कोरोना के कारण बीएड के सत्र 2020-22 में नामांकन प्रतियोगिता के बिना ही नामांकन लेने के प्रस्ताव को सहमति. मेरिट लिस्ट ग्रेजुएशन के आधार पर तैयार होगा. काउंसेलिंग झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता बोर्ड के जरिये होगी.

कैबिनेट ने राज्य में गांवों तक बिजली पहुंचाने के काम को पूरा करने के लिए समय सीमा बढ़ा कर वित्तीय वर्ष 2021-22 करने का फैसला किया. रिम्स में एमबीबीएस की सीटें 150 से बढ़ा कर 250 करने के लिए भारत सरकार से एमओयू करने की अनुमति दी गयी. आधारभूत संरचना पर 120 करोड़ खर्च होंगे. कुल राशि का 60% केंद्र और 40% राज्य सरकार देगी.

कैबिनेट ने राज्य 20 सूची कार्यक्रम कार्यन्वयन समिति के कार्यकारी अध्यक्ष स्टीफन मरांडी का वेतन भत्ता बढ़ाने पर सहमति दी. वह हवाई सहित अन्य यात्राओं में अपने साथ तीन व्यक्तियों को ले जा सकेंगे.

झारखंड कैबिनेट के अन्य फैसले

11 नवंबर को विधानसभा का सत्र आहूत करने की स्वीकृति.

9,800 रुपये प्रति क्विंटल की दर से चना बीज राष्ट्रीय बीज निगम से नॉमिनेशन के आधार पर खरीदने का निर्णय.

झारखंड स्वावलंबी सहकारी समिति अधिकरण नियमावली 2020 पर सहमति.

प्रखंड कार्यालय बोलबा, सिमडेगा के पूर्व लिपिक अहसु असुर की आश्रित पत्नी सबीना केरकेट्टा को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के लिए आवेदन देने की समय सीमा बढ़ाने की स्वीकृति

कौशल विकास अब श्रम श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के अधीन काम करेगा

वित्तीय वर्ष 2020-21 में विधायक मद की राशि के एकमुश्त निकासी की घटनोत्तर स्वीकृति, इसके तहत 50 फीसदी राशि की निकासी

कोविड की वजह से अक्तूबर से दिसंबर 2020 तक राजस्व की मिनिमम गारंटी 20 प्रतिशत कम करने का निर्णय

माडा को कोक पर भी बाजार शुल्क वसूलने की अनुमति. अब तक माडा कोयला, आयरन एंड स्टील, एक्सप्लोसिव और सीमेंट पर ही बाजार शुल्क वसूलता था

मानसून सत्र में पेश किये गये वित्त लेखा व विनियोग लेखा और सीएजी की रिपोर्ट पर घटनोत्तर स्वीकृति

एसओआर 2018 की दर पर काम करने की घटनोत्तर स्वीकृति

रांची में दो एवं धनबाद में गठित चार सीबीआइ न्यायालय के लिए कुछ छह आदेशपाल के पदों के सृजन में त्रुटि को संशोधित करने की अनुमति

उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में जल संसाधन विभाग में जंजीर वाहक या चेनमैन के पद का वेतन संशोधित करने का फैसला

182 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों को बोनस देने का फैसला

कैबिनेट ने 4.5 लाख टन धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य निर्धारित करते हुए 182 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों को बोनस देने का फैसला किया. भारत सरकार ने सामान्य धान का समर्थन मूल्य 1868 रुपये और ग्रेड ए धान का समर्थन मूल्य 1888 रुपये तय किया है. यही दर झारखंड में भी लागू होगी. दोनों ही प्रकार के धान पर 182 रुपये की दर से बोनस देने पर सामान्य धान किसानों से 2050 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड ए धान 2070 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जायेगा.

धान खरीदते समय किसान को 50 प्रतिशत का भुगतान कर दिया जायेगा. शेष 50 फीसदी का भुगतान बाद में किया जायेगा. गढ़वा, चतरा व पलामू में एफसीआइ के माध्यम से धान अधिप्राप्ति की जायेगी. शेष जिलों में जेएसएफसी से धान अधिप्राप्ति की जायेगी. इसके लिए राज्य, जिला और प्रखंडस्तरीय समिति गठित होगी. मंत्री राज्यस्तरीय, उपायुक्त जिला स्तरीय और बीडीओ प्रखंड स्तरीय कमेटी के अध्यक्ष होंगे.

posted by : sameer oraon

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