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झारखंड के सहायक पुलिस कर्मियों को मिला 2 साल का सेवा विस्तार, आंदोलन खत्म

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Jharkhand news : पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर के आवास पर वार्ता में शामिल हुए सहायक पुलिस कर्मी.
Jharkhand news : पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर के आवास पर वार्ता में शामिल हुए सहायक पुलिस कर्मी.
सुनील गुप्ता.

Jharkhand news, Ranchi news : रांची : स्थायीकरण की मांग को लेकर झारखंड के सहायक पुलिस कर्मियों का आंदोलन बुधवार (23 सितंबर, 2020) को खत्म हो गया. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अपील पर आंदोलनरत सहायक पुलिसकर्मियों ने पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर के आवास पर वार्ता करने पहुंचे. वार्ता सफल होने पर सहायक पुलिस कर्मियों ने अपने आंदोलन को खत्म कर दिया है. मंत्री श्री ठाकुर ने कहा कि सहायक पुलिस कर्मियों की सेवा विस्तार 2 साल तक बढ़ा दी गयी है. साथ ही अन्य मांगों पर सचिवों की उच्च स्तरीय समिति गठित कर दी गयी है, जो जल्द ही इनकी अन्य मांगों पर निर्णय लेगी. मालूम हो कि विगत 12 सितंबर, 2020 से 12 नक्सल प्रभावित जिलों के 2350 सहायक पुलिस कर्मी आंदोलन पर रहे.

स्थायीकरण की मांग को लेकर 12 जिला के 2350 सहायक पुलिसकर्मी 12 सितंबर, 2020 से रांची के मोरहाबादी मैदान में आंदोलन कर रहे थे.12 दिनों से चला आ रहा आंदोलन मंत्री के आश्वासन के बाद खत्म हुआ. पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर से घंटो हुई वार्ता के बाद सहायक पुलिस कर्मियों ने हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया. उन्हें 2 साल का अवधि विस्तार दिया गया है. 5 सदस्यीय सचिव स्तर की कमेटी (जिसमें 4 आइएएस व एक डीजीपी स्तर के अधिकारी) 15 दिनों के बाद सहायक पुलिसकर्मियों के वेतन वृद्धि समेत अन्य भत्ता की जानकारी देंगे.

Jharkhand news : 2 साल का सेवा विस्तार मिलने से आंदोलन खत्म कर खुशी- खुशी अपने घर जाते सहायक पुलिसकर्मी.
Jharkhand news : 2 साल का सेवा विस्तार मिलने से आंदोलन खत्म कर खुशी- खुशी अपने घर जाते सहायक पुलिसकर्मी.
सोशल मीडिया.

सहायक पुलिसकर्मियों ने बताया कि मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने उन्हें बुधवार को वार्ता के लिए बुलाये थे. दिन के 11 बजे के करीब सहायक पुलिसकर्मियों का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मंत्री से वार्ता के लिए गये थे. घंटों सहायक पुलिसकर्मियों से वार्ता करने के बाद मंत्री श्री ठाकुर मुख्यमंत्री से मिल कर लौटे और उसके बाद वार्ता करने के बाद शाम 5 बजे 2 साल की अवधि विस्तार एवं वेतन वृद्धि के लिए सचिव स्तर की कमेटी द्वारा निर्णय लेने की बात कही. उसके बाद सभी सहायक पुलिसकर्मी मान गये.

हालांकि, सहायक पुलिसकर्मियों ने कहा कि यदि 15 दिनों बाद उनके हक में सम्मानजनक निर्णय नहीं होता है, तो फिर से आंदोलन करेंगे. सहायक पुलिसकर्मियों ने यह भी कहा कि कोरोना काल है, इसे देखते हुए हमलोगों ने सरकार की बात मान ली है. सभी 12 जिलों के महिला-पुरुष पुलिसकर्मी उनके जिला के पुलिस लाइन से आये बसों पर सवार होकर अपने- अपने जिला चले गये.

नहीं कराया कोरोना जांच

बुधवार को मोरहाबादी मैदान में कोरोना जांच के लिए सदर अस्पताल की मेडिकल टीम पहुंची थी, लेकिन सहायक पुलिसकर्मियों ने जांच नहीं करायी. उनका कहना था कि अब वे लोग अपने जिला में ही कोरोना संक्रमण की जांच करायेंगे.

कब क्या हुआ

- 11 सितंबर की रात ही 12 जिला के पुलिसकर्मी 12 सितंबर से राजभवन पर धरना के लिए पहुंच गये थे

- 12 सितंबर को 2350 महिला- पुरूष पुलिसकर्मी राजभवन पर धरना का प्रयास कर रहे थे, लेकिन उन्हें वहां से हटा दिया गया था, बाद वे लोग मोरहाबादी में आकर धरना देने लगे थे़

- 12 सितंबर को ही डीआजी स्तर के अधिकारी से वार्ता हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला

-13 सितंबर को सीएमओ स्तर की वार्ता हुई, लेकिन वह भी बेनतीजा

- 18 सितंबर को राजभवन व मुख्यमंत्री आवास घेराव करने जाने के दौरान पुलिस के झड़प, लाठी चार्ज आंसु गैस, पथराव के बाद दोनों ओर से कई घायल

-20 सितंबर को पेजजल व स्वच्छता मंत्री मिथिलेश से पांच घंटे वार्ता हुई लेकिन कोई निर्णय नहीं

- 23 सितंबर को मंत्री मिथिलेश ठाकुर से दोबारा वार्ता के बाद निर्णय

Posted By : Samir Ranjan.

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