1. home Hindi News
  2. state
  3. jharkhand
  4. ranchi
  5. academic session 2020 21 136 lakh students of state waiting for exam prt

Academic session 2020 -21 : परीक्षा के इंतजार में राज्य के 1.36 लाख स्टूडेंट्स

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
परीक्षा के इंतजार में राज्य के 1.36 लाख स्टूडेंट्स
परीक्षा के इंतजार में राज्य के 1.36 लाख स्टूडेंट्स
प्रतीकात्मक तस्वीर

रांची : राज्य में कक्षा आठ से इंटर तक के लगभग 1.36 लाख विद्यार्थी परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं. झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) द्वारा परीक्षा को लेकर फॉर्म जमा लेने की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है, पर परीक्षा की तिथि घोषित नहीं की गयी है. कुछ परीक्षाओं की संभावित तिथि जैक द्वारा घोषित की गयी थी, परंतु बाद में उसे स्थगित कर दिया गया. परीक्षा के आयोजन के लिए जैक ने जुलाई में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को पत्र लिखा था.

मुख्य बिंदू

  • शैक्षणिक सत्र 2020 -21 के पांच महीने बीत चुके हैं

  • जैक ने जुलाई में शिक्षा विभाग को लिखा था पत्र, अब तक नहीं मिला निर्देश

  • सिलेबस कटौती के लिए दो माह पहले बनी कमेटी, लेकिन अब तक निर्णय नहीं हुआ

जैक ने आगामी परीक्षाओं के बारे में जानकारी देते हुए इस संबंध में अनुमति मांगी थी, लेकिन जैक को अब तक शिक्षा विभाग से इस संदर्भ में कोई दिशा निर्देश नहीं मिला. उल्लेखनीय है कि सीबीएसइ बोर्ड ने संपूरक परीक्षा की तिथि घोषित कर दी है. देश में विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं का भी आयोजन शुरू हो गया है.

फरवरी में परीक्षा, लेकिन छात्रों को मालूम नहीं कि सिलेबस में क्या होगा बदलाव

राज्य के सरकारी स्कूलों के पाठ्यक्रम में कटौती के लिए जुलाई में कमेटी गठित की गयी थी, पर अब तक सिलेबस कटौती को लेकर अंतिम निर्णय नहीं हो सका है. जबकि, फरवरी-मार्च में मैट्रिक व इंटरमीडिएट की परीक्षा प्रस्तावित है. विद्यार्थी को इस बात की जानकारी नहीं है कि उनके सिलेबस में क्या बदलाव होने वाला है. इससे मैट्रिक व इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों की तैयारी भी प्रभावित हो रही है. पाठ्यक्रम फाइनल नहीं होने के कारण मॉडल प्रश्न पत्र तैयार करने का काम भी प्रभावित हो रहा है. उल्लेखनीय है कि सीबीएसइ ने भी पाठ्यक्रम में कटौती की है. कटौती के बाद नया सिलेबस जुलाई में जारी कर दिया गया था.

यहां जानिए लंबित परीक्षा व परीक्षार्थियों की संख्या

मैट्रिक इंटर संपूरक 62000

मदरसा परीक्षा 17000

आठवीं की विशेष परीक्षा 42000

मध्यमा परीक्षा 7000

इंटर वोकेशनल परीक्षा 1200

मॉडल विद्यालय प्रवेश परीक्षा 5000

आवासीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा 2000

शिक्षा मंत्री ने कहा : भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप राज्य में भी स्कूल खोलने पर विचार किया जा रहा है. कोविड-19 के कारण जिन परीक्षाओं का आयोजन नहीं हुआ है, उस पर भी जल्द निर्णय लिया जायेगा.

जगरनाथ महतो, शिक्षा मंत्री

शिक्षा मंत्री ने की थी घोषणा : शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने आठ जुलाई को मैट्रिक के रिजल्ट प्रकाशन के दौरान कहा था कि विद्यालय बंद होने के कारण बच्चों का पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है. शिक्षा विभाग द्वारा बच्चों को ऑनलाइन लर्निंग मटेरियल भेजा जा रहा है, पर सभी बच्चों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है. ऐसे में आगामी परीक्षाओं को लेकर बच्चों को क्या राहत दी जा सकती है, इस पर विचार किया जायेगा. इसके बाद शिक्षा विभाग ने सिलेबस में कटौती को लेकर जेसीइआरटी के निदेशक की अध्यक्षता में 13 सदस्यीय कमेटी गठित की, पर आज तक सिलेबस कटौती पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका.

Post by : Pritish Sahay

Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें