अनुच्छेद 370 पर भाजपा ने बनाया खास प्लान

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
देशव्यापी बहस खड़ी करने की पहलएजेंसियां, नयी दिल्लीअनुच्छेद 370 पर शुरु आती सुगबुगाहट के बाद भले ही एनडीए सरकार के स्तर पर इस मुद्दे पर चुप्पी दिख रही हो, मगर भाजपा ने इस मुद्दे पर देशव्यापी बहस खड़ी करने की पहल कर दी है. इस मुद्दे पर बहस की शुरु आत के लिए पार्टी के संवाद सेल ने ऑनलाइन रायशुमारी शुरू की है. इसके जरिये सेल ने अनुच्छेद 370 के नफे नुकसान पर लोगों की राय मांगी है.सेल की योजना इस मुद्दे पर श्वेत पत्र जारी करने के साथ-साथ लोगों की राय को पुस्तक के रूप में सामने लाने की है. पक्षपात के आरोपों से बचने के लिए लोगों की राय का सार तैयार करने के बाद संवाद सेल की योजना इस रायशुमारी के आधार पर कुछ वरिष्ठ पत्रकारों से स्वतंत्र राय लेने की है.1000 से ज्यादा लोगों की राय आयी भाजपा संवाद सेल के सह संयोजक रमन मलिक ने इस रायशुमारी को वक्त की जरूरत बताते हुए अनुच्छेद 370 की वैधता पर ही सवाल खड़े किये. उनका कहना है कि जब जम्मू कश्मीर में इस अनुच्छेद को लागू किया गया, तब न तो देश में चुनी गयी संसद थी और न ही जिस शेख अब्दुल्ला के साथ इस आशय का समझौता हुआ, उनके पास कोई सरकारी पद ही था. इस कड़ी में अब तक 1000 से ज्यादा लोगों की राय आ भी गयी है.इन बिंदुओं पर मांगी जा रही राय अनुच्छेद 370 के जिन बिंदुओं पर राय आमंत्रित की गयी है, उनमें पहला इस अनुच्छेद के प्रावधान, दूसरा अनुच्छेद के कारण सूबे के लोगों को हुए नफे और नुकसान, तीसरा अनुच्छेद स्थायी या अस्थायी और चौथा इस अनुच्छेद का भारत पर अब तक पड़े प्रभाव के बारे में है.कश्मीरी महिलाएं अधिकारों से वंचित यह रायशुमारी ऑनलाइन ग्रुप के जरिये हो रही है, मगर इसमें कोई लिख कर भेजना चाहता है तो उसे भी शामिल किया जा रहा है. भाजपा संवाद सेल के सह संयोजक का मानना है कि इस अनुच्छेद के कारण पूरे जम्मू-कश्मीर ही नहीं पूरे देश को इसका भारी नुकसान उठाना पड़ा है. इसके कारण जम्मू-कश्मीर की महिलाएं मौलिक अधिकारों से वंचित हैं तो इसी अनुच्छेद के कारण राज्य में परिसीमन नहीं हो पाया है. इसके अलावा भूमि कानून लागू न होने के कारण वहां की जमीन पर चुनिंदा परिवारों का ही कब्जा है.
    Share Via :
    Published Date
    Comments (0)
    metype

    अन्य खबरें