भ्रष्टाचार है समाज में असमानता और गरीबी का बड़ा कारण : उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू

By Prabhat Khabar Digital Desk
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आर्यभट्ट सभागार : आइआइएम रांची के व्याख्यान में शामिल हुए वेंकैया नायडू
रांची : लीडर या प्रबंधक को स्मार्ट होना चाहिए. हाइट, वेट, सूट-बूट के टर्म में नहीं, बल्कि दृष्टि, सोच, कुशलता व प्रदर्शन (परफॉर्मेंस) के संदर्भ में. दूसरी अोर गुड गवर्नेंस का मतलब है पारदर्शी (ट्रांसपरेंट), प्रभावी (इफेक्टिव) व समावेशी (इनक्लूजिव) शासन. कौटिल्य के अनुसार, लीडर में सेवक का भाव होना चाहिए.
दरअसल गुड गवर्नेंस की सबसे जरूरी बात सर्विस डिलिवरी है. संयुक्त राष्ट्र संघ के पूर्व महासचिव कोफी अन्नान के शब्दों में गुड गवर्नेंस का मतलब गरीबी हटाना, आम लोगों को सुखी व समृद्ध करना तथा शासन को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है.
उक्त बातें उप राष्ट्रपति एम वेकैंया नायडू ने रविवार को रांची में कहीं. वह रविवार को लीडरशिप एंड गुड गवर्नेंस इन इंडियन कंटेस्ट (भारत के संदर्भ में नेतृत्व गुण व बेहतर प्रशासन) विषय पर अपना व्याख्यान दे रहे थे.
रांची विवि के आर्यभट्ट सभागार में कार्यक्रम का आयोजन अाइआइएम, रांची के अटल बिहारी वाजपेयी सेंटर फॉर लीडरशिप, पॉलिसी एंड गवर्नेंस ने किया था. इस मौके पर श्री नायडू ने कहा कि गुड गवर्नेंस के लिए गुड प्रैक्टिसेस को लागू करना तथा किसी कार्यक्रम या योजना में अाम लोगों की भागीदारी बनाना भी शामिल है. किसी कार्यक्रम की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसमें लोगों की सहभागिता कितनी है. गुड गवर्नेंस से ही रिफॉर्म (बदलाव) होता है.
सही समय पर सही निर्णय जरूरी है. तात्कालिक तौर पर यह दुखदायी लगता है. पर दीर्घ अवधि में इसका लाभ समाज को मिलता है. जैसे देश में जीएसटी (गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स) का लागू होना. श्री नायडू ने प्रबंधन के विद्यार्थियों से कहा कि हमें दुनिया में चल रहे लेटेस्ट ट्रेंड अपनाना चाहिए. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता के साथ आप समझौता नहीं कर सकते.
गांधी जी का दर्शन भी गुड गवर्नेंस से जुड़ा था : इससे पहले राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि गुड गवर्नेंस भारत के लिए कोई नयी बात नहीं है.
प्राचीन भारत में राजधर्म की बात होती थी. गांधी जी का अपना दर्शन भी गुड गवर्नेंस से ही जुड़ा था. राज्यपाल ने कहा कि गुड गवर्नेंस का मतलब नीति के क्रियान्वयन में अाम लोगों खास कर अार्थिक रूप से कमजोर, वंचितों व पिछड़ों का ध्यान रखना है. मौके पर आइआइएम रांची के निदेशक डॉ शैलेंद्र सिंह, फैकल्टी मेंबर व विद्यार्थी उपस्थित थे.
घूम कर सबसे मिले उप राष्ट्रपति: अपने व्याख्यान के बाद उप राष्ट्रपति उपस्थित विद्यार्थियों व अतिथियों से घूम कर मिले. उन्होंने सबका हाथ जोड़-जोड़ कर अभिवादन किया. सीधे रास्ते सभागार से बाहर निकलने के बाद दूसरे दरवाजे से वह सभागार में फिर गये तथा सबका अभिवादन किया. उप राष्ट्रपति की इस सादगी व व्यवहार कुशलता की लोगों ने सराहना की.
रांची : उपराष्ट्रपति को लेकर सुरक्षा के थे पुख्ता इंतजाम
रांची : उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू के आगमन पर राजधानी में सुरक्षा व ट्रैफिक के पुख्ता इंतजाम किये गये थे़ हर जगह पुलिसकर्मी व ट्रैफिक जवान को मुस्तैद किया गया था़ हरमू बाइपास में चप्पे-चप्पे पर जवानों व अफसरों को तैनात किया गया था़ उप राष्ट्रपति की अगवानी के लिए राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू एयरपोर्ट पहुंची थी़
उप राष्ट्रपति दिन के 2:11 बजे के करीब हरमू चौक पहुंचे थे़ उनको देखने के लिए हरमू चौक पर कई लोग खड़े थे़ उपराष्ट्रपति के पहुंचने के दस मिनट पहले से ट्रैफिक को रोक दिया गया था़ उनके जाने के दस मिनट के बाद अचानक रोड पर वाहन आने के कारण थोड़ी देर के लिए हरमू बाइपास जाम हो गया था़ हालांकि सामान्य दिनाें की अपेक्षा ट्रैफिक पुलिस अधिक होने के कारण जाम थोड़ी देर में समाप्त हो गया़
1.30 बजे पहुंचे, एयरपोर्ट के बाहर लोगों का किया अभिवादन
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू दिन के 1.30 बजे रांची पहुंचे. उन्होंने हाथ हिला कर लोगों का अभिवादन किया. दिन के दो बजे उनका काफिला एयरपोर्ट के वीआइपी गेट से बाहर निकला. इसके बाद एयरपोर्ट से हिनू की अोर जानेवाले ट्रैफिक को कुछ देर के लिए रोक दिया गया था.
वहीं हर गली- मुहल्लों के रास्ते जो मुख्य रोड से मिलते हैं, वहां पर सुरक्षा बल को तैनात कर दिया गया था. एयरपोर्ट के अंदर से लेकर बाहर तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गयी थी. एयरपोर्ट पर राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू, मंत्री आलमगीर आलम, मुख्य सचिव डीके तिवारी, डीजीपी कमल नयन चौबे सहित अन्य ने उनका स्वागत किया गया. इसके बाद वे कार्यक्रम के लिए रवाना हुए. उनके आगमन को लेकर सेना के दो हेलीकॉप्टर तैयार रखे गये थे.
गुड गवर्नेंस पर बोले
सुशासन का अर्थ है दूरदृष्टा नेतृत्व, प्रतिबद्ध प्रशासन तथा पारदर्शी प्रणाली का होना
रिफॉर्म, परफॉर्म एंड ट्रांसफॉर्म का मंत्र महत्वपूर्ण
विकास के लिए शांति अपरिहार्य, सामाजिक जनजीवन में अशांति विकास अवरुद्ध करती है
केंद्र व राज्य सरकार टीम इंडिया की तरह काम करे
अटल जी हमारे समय के शिखर पुरुष
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सुशासन व दर्शन की चर्चा करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि अटल जी एक सच्चे जनवादी राजनेता, ओजस्वी सांसद व संवेदनशील कवि थे. सुशासन की उनकी अवधारणा उनके द्वारा प्रधानमंत्री के रूप में किये गये आर्थिक सुधारों व संरचना निर्माण से जाहिर होती है.
चाहे भारत द्वारा किया गया परमाणु परीक्षण हो या कारगिल युद्ध, अटल जी सिर्फ मुस्कुराना ही नहीं बल्कि आवश्यकता पड़ने पर कठोर से कठोर निर्णय लेना भी जानते थे. अटल जी द्वारा देश में प्रारंभ की गयी संपर्क क्रांति से देश में राजमार्गों तथा टेलीकॉम क्षेत्र में व्यापक विस्तार हुआ. सरकार द्वारा 2019 में अटल जी की जन्म तिथि 25 दिसंबर केअवसर पर गुड गवर्नेंस इंडेक्स जारी करने पर खुशी जाहिर करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि इससे राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी तथा वे अपनी क्षमता के अनुसार बेहतर प्रशासन देने का प्रयास करेंगे.
महेश पोद्दार व संजय सेठ मिले
रांची : सांसद महेश पोद्दार व संजय सेठ ने झारखंड दौरे पर आये उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू से राजभवन में मुलाकात की. इस दौरान राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू भी मौजूद थीं. मुलाकात के बाद सांसद द्वय ने कहा कि उपराष्ट्रपति का झारखंड से गहरा लगाव है और पूरी बातचीत में यह बार-बार जाहिर भी हो रहा था.
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