सरल, सौम्य, सादगी के प्रतीक थे सुखदेव प्रसाद

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रांची : भाकपा माले (सीपीआइ-एमएल) के कार्यालय सचिव सुखदेव प्रसाद का गुरुवार को रिम्स में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. वह लंबे समय से कैंसर समेत कई बीमारियों से जूझ रहे थे. लोकयुद्ध के संपादक बृजबिहारी प्रसाद ने कहा कि कामरेड सुखदेव के निधन की खबर पाकर वह स्तब्ध हैं. उन्होंने कहा : […]

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रांची : भाकपा माले (सीपीआइ-एमएल) के कार्यालय सचिव सुखदेव प्रसाद का गुरुवार को रिम्स में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. वह लंबे समय से कैंसर समेत कई बीमारियों से जूझ रहे थे. लोकयुद्ध के संपादक बृजबिहारी प्रसाद ने कहा कि कामरेड सुखदेव के निधन की खबर पाकर वह स्तब्ध हैं.

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उन्होंने कहा : कुछ ही दिन पहले उनसे लोकयुद्ध को लेकर बात हुई थी, सोच भी नहीं सकता था कि 50 वर्ष पुराना उनका साथ इतनी जल्दी छूट जायेगा. वह बताते हैं कि सुखदेव से उनका पहला परिचय 1970 में हुआ था, जब वह आसनसोल लोकल कमेटी में थे और वह जेके नगर एल्युमिनियम फैक्ट्री में सुपरवाइजर थे.
उनका मूल नाम रवींद्रनाथ चक्रवर्ती था और वह मुर्शिदाबाद के रहनेवाले थे. आसनसोल-रानीगंज क्षेत्र में अस्सी के दशक के दौरान मजदूरों, कर्मचारियों एवं युवाओं के बीच भूमिगत संगठन निर्माण के दौरान पहचान छुपाने के लिए कामरेड रथिन या रतन का नाम सुखदेव हो गया और उनके अंत तक इसी नाम से उनकी पहचान रही.
दूसरों के बारे में पहले सोचना सिखाया
सुखदेव जी के पुत्र चिरंजीत आज विप्रो में इलेक्ट्रानिक (बीएलएसआइ) इंजीनियर जैसे महत्वपूर्ण पद पर हैं. वह अपने पिता के समर्पण और त्याग को सामान्य बताते हैं. वह कहते हैं कि व्यक्तिवादी सोच से हम सभी उपर थे. हमारे जैसे लोग पहले खुद की चिंता करने के बजाये दूसरों के बारे में सोचते हैं.
माले विधायक विनोद सिंह ने कहा कि पार्टी के साथ अविरल बने रहे, उनका सादगी भरा, आत्म त्याग से भरपूर जन सेवा में कुर्बान जीवन हमेशा हमें प्रेरणा देता रहेगा. भाकपा माले राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि राजनीति में सरल, सौम्य, सादगी के प्रतीक वरिष्ठ नेता के दुखद निधन की खबर स्तब्ध करनेवाला है.
माले नेता सुखदेव प्रसाद को दी गयी अंतिम विदाई
भाकपा माले नेता सुखदेव प्रसाद का अंतिम संस्कार शुक्रवार को रांची शहर के हरमू घाट पर संपन्न हुआ. इसके पहले कार्यालय परिसर में ही श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गयी. राज्य पार्टी कार्यालय में उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद दोपहर करीब 12.30 बजे शवयात्रा निकली, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी के नेता, कार्यकर्ता व समर्थक शामिल हुए.
इस दौरान पार्टी के पोलित ब्यूरो सदस्य स्वदेश भट्टाचार्य, झारखंड राज्य सचिव जनार्दन प्रसाद, बिहार राज्य सचिव कुणाल, किसान महासभा के राष्ट्रीय महासचिव धीरेंद्र झा, माले विधायक विनोद सिंह, पूर्व विधायक राजकुमार यादव, पोलित ब्यूरो सदस्य मनोज भक्त, केंद्रीय कमेटी सदस्य गीता मंडल, शुभेंदु सेन, बशीर अहमद ने उनके पार्थिव शरीर पर फूल माला अर्पित किया.
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