जनजातियों का जीवन बेहतर बनाने में भूमिका निभायें राज्यपाल : राष्ट्रपति

Updated at : 24 Nov 2019 12:51 AM (IST)
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जनजातियों का जीवन बेहतर बनाने में भूमिका निभायें राज्यपाल : राष्ट्रपति

रांची : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और समावेशी विकास को सुनिश्चित करने से जुड़े राष्ट्रीय संकल्पों को पूरा करने में प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश से प्रभावशाली योगदान अपेक्षित है. मुझे विश्वास है कि राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में राज्यों को आगे बढ़ाने […]

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रांची : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और समावेशी विकास को सुनिश्चित करने से जुड़े राष्ट्रीय संकल्पों को पूरा करने में प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश से प्रभावशाली योगदान अपेक्षित है. मुझे विश्वास है कि राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में राज्यों को आगे बढ़ाने के लिए सभी राज्यपाल अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे. अनुसूचित जनजातियों का विकास और सशक्तीकरण समावेशी विकास के साथ-साथ हमारी आंतरिक सुरक्षा के परिदृश्य से भी जुड़ा है.

विकास की दृष्टि से अपेक्षाकृत पीछे रह गयी इन जनजातियों के जीवन को बेहतर बनाने में राज्यपाल संवैधानिक शक्तियों का उपयोग कर सरकार को उचित मार्गदर्शन दे सकते हैं. राष्ट्रपति श्री कोविंद शनिवार को राष्ट्रपति भवन में झारखंड सहित देश के 17 राज्यपाल व उप राज्यपालों की 50वीं बैठक को संबोधित कर रहे थे. बैठक में पहली बार जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के उप राज्यपाल भी शामिल हुए.
राष्ट्रपति ने कहा कि जिस प्रकार स्वच्छ भारत मिशन को एक जन आंदोलन का रूप दिया गया, उसी प्रकार जल शक्ति अभियान को भी जन आंदोलन का रूप देने का प्रयास हमें करना है. उन्होंने कहा कि देश को खाद्यान्न आपूर्ति में स्वावलंबी बनाने वाले हमारे किसान भाई-बहन, अनेक अनिश्चितताओं और कठिनाइयों का सामना करते हैं. उनके कल्याण को ध्यान में रखकर ही किसानों की आय दुगुनी करने का राष्ट्रीय लक्ष्य तय किया गया है.
भारत को सुपर नॉलेज पावर बनाना है : राष्ट्रपति ने कहा कि हमारी नयी शिक्षा नीति का लक्ष्य भारत को सुपर नॉलेज पावर बनाना है. इसे मूर्त रूप देने के लिए उच्च शिक्षा संस्थान शोध और नवाचार को बढ़ावा देने का हर संभव प्रयास करें. ऐसे में राज्यपाल भारत की भावी पीढ़ी को विश्वस्तरीय कौशल एवं ज्ञान प्रदान करने के प्रयासों को समुचित मार्गदर्शन और शक्ति प्रदान करें. विवि को यूनिवर्सिटी सोशल रिस्पांसिबिलिटी यानी यूएसआर के लिए प्रेरित कर सकते हैं.
अनेक उच्च-शिक्षण संस्थानों ने विद्यार्थियों को ग्रामीण समाज से जोड़ने के लिए कदम उठाये हैं. बैठक में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखिरयाल निशंक, जनजातीय कार्यमंत्री अर्जुन मुंडा, जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ राजीव कुमार आदि उपस्थित थे.
समापन कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति, पीएम व गृह मंत्री भी रहेंगे : 24 नवंबर को इस सम्मेलन के समापन सत्र में उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री भी उपस्थित रहेंगे. व्यापक विचार-विमर्श के बाद तय किये गये सारगर्भित विचारों से इन महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर उपयोगी मार्गदर्शन प्राप्त होगा. इस पूरी प्रक्रिया में गृह मंत्रालय ने प्रमुख भूमिका निभायी है.
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