ट्रांसपोर्टर माल लाने से कर रहे इनकार, ट्रकाें का किराया बढ़ा

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रांची : झारखंड में विधानसभा चुनाव को लेकर बड़े वाहनों की धर-पकड़ होने लगी है. इससे खास कर खाद्य सामग्रियों की ट्रांसपोर्टिंग प्रभावित होने लगी है. थोक से लेकर खुदरा व्यापारी काफी परेशान हैं. नतीजा यह हो रहा है कि प्रमुख थोक मंडियों में दाल, तेल, मसाला, आलू, प्याज सहित कई सामानों की आवक कम […]

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रांची : झारखंड में विधानसभा चुनाव को लेकर बड़े वाहनों की धर-पकड़ होने लगी है. इससे खास कर खाद्य सामग्रियों की ट्रांसपोर्टिंग प्रभावित होने लगी है. थोक से लेकर खुदरा व्यापारी काफी परेशान हैं. नतीजा यह हो रहा है कि प्रमुख थोक मंडियों में दाल, तेल, मसाला, आलू, प्याज सहित कई सामानों की आवक कम होने लगी है. राज्य के बाहर के कई ट्रांसपोर्टर माल लेकर आने से मना करने लगे हैं. यहीं नहीं, किराया भी अधिक मांगने लगे हैं.

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प्रति टन 500 रुपये तक वृद्धि
दूरी के हिसाब से किराये में भी वृद्धि होने लगी है. 200 से 500 रुपये प्रति टन की वृद्धि हुई है. बनारस से आनेवाले सामान में लगभग 200 रुपये प्रति टन और नयी दिल्ली से आने वाले ट्रकों का किराया लगभग 400 से 500 रुपये प्रति टन बढ़ गया है.
व्यापारी अगर 20 टन माल मंगाते हैं, तो लगभग 10,000 रुपये किराया और बढ़ गया है. व्यापारियों का कहना है कि बड़े वाहनों के अलावा छोटे वाहनों को भी पकड़ने से काफी परेशानी हो रही है. इससे खुदरा दुकानों में सामानों की आपूर्ति बाधित हो रही है. इस कारण आम उपभोक्ताओं को वस्तुएं उपलब्ध
कराने में दुकानदारों को काफी कठिनाई हो रही है.
वाहनों को नहीं किया जाये जब्त
रांची चेंबर अध्यक्ष शंभु गुप्ता ने कहा कि प्रशासन खाद्य पदार्थों में लगे वाहनों को चुनाव में अधिग्रहण से विमुक्त रखे, तभी खाद्य सामग्रियां उचित मूल्य पर मिल सकेंगी.
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