भारत निर्वाचन आयोग ने अफसरों को दिये कई निर्देश, बल्क एसएमएस और बल्क कॉलिंग का प्री सर्टिफिकेशन किया अनिवार्य

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 01 Nov 2019 7:58 AM

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रांची : भारत निर्वाचन आयोग ने कहा है कि बल्क एसएमएस और बल्क कॉलिंग चुनाव के दौरान प्रचार-प्रसार का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है. झारखंड में आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान बल्क एसएमएस और बल्क कॉलिंग का प्री सर्टिफिकेशन अनिवार्य होगा. बल्क एसएमएस व बल्क कॉलिंग प्रसारित करनेवाले सर्विस प्रोवाइडर द्वारा इन पर होने […]

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रांची : भारत निर्वाचन आयोग ने कहा है कि बल्क एसएमएस और बल्क कॉलिंग चुनाव के दौरान प्रचार-प्रसार का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है. झारखंड में आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान बल्क एसएमएस और बल्क कॉलिंग का प्री सर्टिफिकेशन अनिवार्य होगा. बल्क एसएमएस व बल्क कॉलिंग प्रसारित करनेवाले सर्विस प्रोवाइडर द्वारा इन पर होने वाले व्यय की जानकारी देना अनिवार्य होगा.

आयोग ने कहा कि पेड न्यूज पर विशेष नजर रखी जा रही है. प्रत्येक शुक्रवार को पेड न्यूज से संबंधित प्रतिवेदन चुनाव आयोग को भेजा जाना है. निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को चुनाव खर्च को लेकर राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की.

वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों के चुनाव खर्च और मीडिया की भूमिका को लेकर भी अफसरों को कई निर्देश दिये. निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन व्यय पर प्रभावी निगरानी और सतर्कता बरतने का आदेश दिया. कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया पर राजनीतिक विज्ञापन, पेड न्यूज और मीडिया द्वारा आचार संहिता का उल्लंघन से संबंधित मामलों का ध्यान रखें. वीडियो कांफ्रेंसिंग में राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनय कुमार चौबे, अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कृपानंद झा समेत सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी शामिल हुए.

विज्ञापनों का जिला स्तर प्री सर्टिफिकेशन अनिवार्य : चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी विधानसभा क्षेत्र में अभ्यर्थियों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया पर दिये जाने वाले विज्ञापनों का जिला स्तर पर कमेटी गठित कर प्री सर्टिफिकेशन अनिवार्य है.

राजनीतिक दलों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के अलावा सोशल मीडिया पर विज्ञापन के प्रकाशन-प्रसारण के लिए भी राज्य स्तर पर प्री सर्टिफिकेशन लेना जरूरी है. अन्य दिनों में भी इस तरह का कोई भी प्रचार नहीं हो, जिससे आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन होता है.

प्रमंडल स्तर पर चुनाव की तैयारियों की बारी-बारी से होगी समीक्षा : चौबे

राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनय कुमार चौबे ने भी सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की. बताया कि आयोग द्वारा बारी-बारी से सभी प्रमंडलों में चुनाव से संबंधित किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की जायेगी. प्रथम चरण में उत्तरी छोटानागपुर तथा संताल परगना प्रमंडल की समीक्षा होगी. समीक्षा में सभी जिला निर्वाची पदाधिकारियों सह उपायुक्तों के अलावा विभिन्न कोषांगों के नोडल पदाधिकारियों को भी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना है.

नि:शुल्क इलाज होगा चुनाव कर्मियों का कैशलेस सुिवधा उपलब्ध करायी गयी

चुनावी ड्यूटी के दौरान दुर्घटना या बीमार होने पर चुनाव में लगे कर्मियों का नि:शुल्क इलाज कराया जायेगा. चुनाव आयोग ने कर्मचारियों के लिए कैशलेस सुविधा प्रदान की है. इलाज के लिए उन्हें किसी निजी अस्पताल में भी भर्ती कराया जाता है, तो उनसे पैसे की मांग नहीं की जा सकेगी. इस संबंध में जिला निर्वाचन पदाधिकारी राय महिमापत रे ने आदेश जारी किया है. उपायुक्त ने सभी निजी अस्पतालों को ऐसे कर्मचारियों का तत्काल इलाज सुनिश्चित करने का आदेश दिया है.

पहले लोस चुनाव का भाड़ा दें, तब विस चुनाव में चलायेंगे बस

रांची : बस ओनर्स एसोसिएशन झारखंड का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनय कुमार चौबे से गुरुवार को मिला. प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि लोकसभा चुनाव 2019 के लिए भारी संख्या में बसों का अधिग्रहण किया गया था. लेकिन मालिकों को अभी तक भाड़ा का भुगतान नहीं किया गया है. इसी तरह मतदान कराने के लिए मतदान अधिकारियों/कर्मचारियों को पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने बसों का अधिग्रहण किया था.

लेकिन रांची, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला, गढ़वा, लातेहार, मेदनीनगर, चतरा, रामगढ़, धनबाद, पाकुड़ साहेबगंज पुलिस द्वारा इसका भी भुगतान नहीं किया गया है. इससे बस मालिक, चालकों व सह चालकों में आक्रोश है. लोकसभा चुनाव के बकाया का भुगतान नहीं होने पर बस के चालक और सह चालक विधानसभा चुनाव 2019 में बस चलाने से इनकार कर देंगे. प्रतिनिधिमंडल में एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण बुधिया, संरक्षक पवन मंत्री सहित अन्य शामिल थे.

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