पहले किसान थे कर्जदार, अब बनेंगे कर्ज देने वाले : रघुवर

By Prabhat Khabar Digital Desk
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मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि छह दशक तक देश में एक पार्टी की सरकार रही. इसने किसानों की दशा-दिशा सुधारने का कोई काम नहीं किया. किसानों को सिर्फ कर्जदार बनाने का काम किया. केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद से किसानों की सुधि ली गयी. अब किसान कर्जदार नहीं, कर्ज देने वाले बनेंगे. केंद्र सरकार ने किसानों की समृद्धि के लिए प्रधानमंत्री कृषि सम्मान योजना की शुरुआत की.
वहीं, राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना शुरू की है. केंद्र व राज्य में भाजपा की डबल इंजन की सरकार रहने के कारण झारखंड के किसानों को 11 हजार से लेकर 31 हजार रुपये प्रति वर्ष दिये जायेंगे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने युवा किसानों की चिंता की है. इनके लिए पेंशन योजना की शुरुआत की गयी है.18-40 वर्ष के किसान प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना का लाभ उठा सकते हैं.
मंच पर ये रहे मौजूद : राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री रघुवर दास, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, संतोष गंगवार, पुरुषोत्तम रूपाला, कैलाश चौधरी, स्पीकर दिनेश उरांव, राज्य सरकार के मंत्री नीलकंठ सिंह, सांसद संजय सेठ और खिजरी विधायक रामकुमार पाहन.
आइये जानते हैं : प्रधानमंत्री किसान मान-धन योजना
इस योजना के तहत किसानों को उम्र के आधार पर 55 से 200 रुपए प्रति माह प्रीमियम पेंशन निधि में अंशदान करना है. 18 से 40 वर्ष के उम्र के किसानों का ही रजिस्ट्रेशन हो सकेगा. किसानों को 60 साल की उम्र पूरी होने के बाद 3000 रुपए मासिक पेंशन मिलेगी. 60 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले अगर किसान की मृत्यु होती है, तो आश्रित पति या पत्नी को पारिवारिक पेंशन के रूप में 1500 रुपए की मासिक पेंशन मिलेगी.
462 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का शिलान्यास
नवोदय विद्यालय की तर्ज पर देश भर में 462 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का शिलान्यास प्रधानमंत्री ने झारखंड की धरती से ऑनलाइन बटन दबा कर किया. झारखंड के 13 जिलों में 69 एकलव्य विद्यालय खोले जा रहे हैं. इन विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 तक के कुल 480 विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा.प्रति छात्र 1.09 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे.
दुकानदारों और स्वरोजगारियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन योजना
इस योजना के तहत 18 से 40 वर्ष के खुदरा व्यापारियों एवं दुकानदारों को भी 60 साल की उम्र पूरी होने के बाद 3,000 रुपए प्रतिमाह पेंशन मिलेगा. सभी छोटे दुकानदारों एवं स्व-रोजगार वाले, जिनका जीएसटी कारोबार 1.5 करोड़ रुपये से कम है, वे इस योजना से जुड़ सकते हैं. योजना स्व-घोषणा पर आधारित है, दस्तावेज की जरूरत नहीं पड़ती है.
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