रांची : गैर आदिवासी ने सीआइडी हाउसिंग सोसाइटी को आदिवासी जमीन बेची

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
शकील अख्तर
रांची : अजय कुमार नामक एक गैर आदिवासी ने अपराध अनुसंधान विभाग (सीआइडी) गृह निर्माण स्वावलंबी सहकारी समिति को 1.46 एकड़ आदिवासी जमीन बेची है. जमीन खरीदने के बाद गृह निर्माण समिति की ओर से ओरमांझी अंचल में म्यूटेशन के लिए आवेदन दिया गया था. जमीन के सीएनटी के दायरे में होने की वजह से अंचलाधिकारी ने म्यूटेशन आवेदन रद्द कर दिया है. हालांकि विक्रेता ने इस जमीन के सीएनटी से मुक्त होने की बात कही थी.
सीआइडी हाउसिंग को-ऑपरेटिव ने अजय कुमार से ओरमांझी अंचल के खाता नंबर 289 के प्लॉट नंबर 1667, 1668 की 1.46 एकड़ जमीन खरीदने के बाद म्यूटेशन के लिए आवेदन दिया था.
समिति की ओर से शैलेंद्र कुमार (वित्त निदेशक) और बैजनाथ सिंह (सीइओ) ने म्यूटेशन के लिए आवेदन दिया था. जांच के बाद अंचलाधिकारी ने म्यूटेशन केस नंबर 954-आर27/2017-18 रद्द कर दिया है. म्यूटेशन अस्वीकार करने का कारण संबंधित जमीन का सीएनटी से प्रभावित होना बताया गया है. खतियान में खाता नंबर 289 का प्लॉट नंबर 1667 अकला महतो और प्लॉट नंबर 1668 लछुमन लोहार के नाम दर्ज है.
साथ ही खतियान में भूमि का प्रकार भुईंहरी दर्ज है. दूसरी तरफ सीआइडी को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी को जमीन की बिक्री करते वक्त अजय कुमार ने अपना पता रातू रोड, पिस्का मोड़ बताया है. साथ ही उन्होंने अपनी जाति भूमिहार ब्राह्मण बताया है.
अजय कुमार ने 16 लाख दो हजार रुपये में जुलाई 2015 में 1.46 एकड़ जमीन सीआइडी हाउसिंग को-ऑपरेटिव सोसाइटी को बेची. बिक्री से संबंधित दस्तावेज में इस बात का उल्लेख किया गया है कि संबंधित जमीन विक्रेता अजय कुमार के पिता गणेश प्रसाद चौधुरी ने 1935 में खरीदी थी.
जिसका दस्तावेज संख्या-1248 (दिनांक- 19 सितंबर 1935), बुक नंबर-एक, वोल्यूम नंबर-30 और पेज नंबर 31-32 है. संबंधित जमीन की रसीद गणेश प्रसाद चौधुरी के नाम से कट रही है. वर्ष 2014-15 में कटी रसीद का नंबर जेएच-01ए /016573 है.
ओरमांझी अंचल में म्यूटेशन के लिए दिया गया आवेदन, तब हुआ खुलासा
30 अगस्त को खबर छपी, तो सीइओ ने उठाये सवाल
समिति के सीइओ का सवाल : समाचार की सूचना देनेवाले का नाम व पता बतायें
सीआइडी हाउसिंग कोऑपरेटिव के सीइओ ललन प्रसाद ने 30 अगस्त को प्रकाशित ‘सीआइडी के अफसरों ने जाति व पता बदल कर जमीन खरीदी’ शीर्षक समाचार पर अपना पक्ष प्रस्तुत किया है. इसमें उन्होंने समाचार की सच्चाई पर कोई सवाल नहीं उठाया है.
उन्होंने यह कहा है कि समाचार को गलत नीयत से प्रकाशित करवा कर समिति के सदस्यों को हतोत्साहित करने का प्रयास किया गया है. समाचार समिति के सदस्य ने नहीं दिया है. सीइओ ने प्रकाशित समाचार के सिलसिले में सूचना देनेवाले का नाम और पता पूछा है.
संवाददाता का जवाब : समाचार सूत्र का नाम और पता नहीं बताया जा सकता 30 अगस्त को प्रकाशित समाचार पूरी तरह सच और दस्तावेज पर आधार है. अगर सच्चाई छपने से सीआइडी को-ऑपरेटिव समिति के सदस्य हतोत्साहित होते हैं, तो यह आश्चर्य का विषय है. सच्चाई बताना समाचार पत्र का काम है.
इसमें नीयत के गलत होने का सवाल नहीं है. यह जरूरी नहीं कि किसी संस्था के सिलसिले में कोई खबर तभी छपे, जब संस्था का कोई सदस्य वह समाचार मुहैया कराये. समाचार पत्र अपने सूत्र का नाम नहीं बताता है. इसलिए किसी का नाम नहीं बताया जा सकता.
Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें