रांची : विद्यार्थी जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर कभी भी हो सकता है कोई बड़ा हादसा
Updated at : 07 Aug 2019 8:32 AM (IST)
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राजकुमार हिनू यूनाइटेड राजकीयकृत उच्च विद्यालय की स्थिति बदहाल रांची : शिक्षा विभाग द्वारा भले ही शिक्षा का बेहतर माहौल देने का दावा किया जा रहा हो, पर जमीनी हकीकत कुछ और ही है. राजधानी का हिनू यूनाइटेड राजकीयकृत उच्च विद्यालय इसका उदाहरण है. स्कूल का भवन इतना जर्जर हो चुका है कि यहां की […]
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राजकुमार
हिनू यूनाइटेड राजकीयकृत उच्च विद्यालय की स्थिति बदहाल
रांची : शिक्षा विभाग द्वारा भले ही शिक्षा का बेहतर माहौल देने का दावा किया जा रहा हो, पर जमीनी हकीकत कुछ और ही है. राजधानी का हिनू यूनाइटेड राजकीयकृत उच्च विद्यालय इसका उदाहरण है. स्कूल का भवन इतना जर्जर हो चुका है कि यहां की दीवारें और छत कभी भी गिर सकती हैं. छात्र इसी जर्जर भवन के नीचे बैठकर पढ़ने के लिए मजबूर हैं. स्कूल में शिक्षा मंत्री को भी बुलाया गया, लेकिन उसके बाद भी किसी ने सुध नहीं ली. जब विद्यालय के कमरे जर्जर हो गये, तो शिक्षक बरामदे में पढ़ाने लगे, लेकिन अब बरामदा भी जर्जर हो गया है.
हालत यह है कि आज एक ही क्लास के अंदर दो विषयों की कक्षाएं एक साथ चला करती हैं. एक तरफ सातवीं की कक्षा तो दूसरी तरफ आठवीं की. इनके लिए ब्लैक बोर्ड भी एक ही है. विद्यालय भवन को लेकर मंत्री से लेकर विधायक, सांसद और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से गुहार लगायी गयी, लेकिन स्थिति जस की तस है.
स्कूल का ट्रैक रिकॉर्ड बेहतर मजबूरी मेंआते हैं बच्चे
स्कूल को 1980 में ही मान्यता मिली थी. आसपास के इलाके में कोई दूसरा सस्ता स्कूल नहीं होने के कारण गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के करीब 186 बच्चे मजबूरी में इसी स्कूल में आते हैं.
स्कूल में पढ़ाई का बेहतर माहौल और बेहतर ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए नियमित रूप से छात्र विद्यालय आते हैं. लेकिन बच्चों को हमेशा कोई न कोई हादसा होने का डर सताता रहता है. वर्ष 18-19 में मैट्रिक की परीक्षा में 34 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे, जिसमें से 24 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी और आठ द्वितीय श्रेणी में पास हुए थे. महज दो छात्र फेल हुए थे.
बारिश के मौसम में छत से टपकता रहता है पानी
शिक्षकों का कहना है कि बच्चों को इस भवन में पढ़ाने की मजबूरी है. कहने को पानी के लिए सप्लाई नल है, लेकिन उसमें से पानी नहीं आता है. बारिश के मौसम में छत से पानी टपकता है.
ड़कियां और दरवाजे टूटे हुए हैं. पूरे परिसर में नालियों का पानी बहता रहता है. स्कूल में अध्ययनरत बच्चों का कहना है कि अगर उनके लिए दूसरे भवन की व्यवस्था हो जाती, तो अच्छा होता, क्योंकि बरसात के दिनों में इस स्कूल में बैठकर पढ़ाई करना बेहद तकलीफदेह है.
नहीं हैं कई विषयों के शिक्षक
विद्यालय में कई विषयों के शिक्षक नहीं हैं. गणित, भौतिकी, हिंदी और इतिहास के अलावा शारीरिक शिक्षा का एक भी टीचर नहीं है. वहीं आदेशपाल सहित अन्य पदों पर कोई बहाली नहीं हुई है.
हम लोगों से हमेशा पूछते हैं कि कब तक हम लोगों का भवन ठीक होगा. यहां पीने के पानी से लेकर शौचालय तक की समस्या है.
खुशनुमा शम्सी
क्लास की फर्श टूटी हुई है. खेलने के मैदान में कीचड़ है. गणित सहित कई अन्य विषयों के शिक्षक नहीं है.
शुभम, कक्षा दस
मुझे विज्ञान में रुचि है. गणित और भौतिकी सहित कई विषयों के शिक्षक नहीं हैं, जिस कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है.
मनीष मुंडा, कक्षा दस
शिक्षकों के पद जल्दी ही भर दिये जायेंगे. भवन आदि की जांच के लिए अभियंता को वहां भेजकर रिपोर्ट मंगवाली जायेगी. दोनों स्तर पर जल्द कार्यवाही की जायेगी.
अशोक कुमार शर्मा, क्षेत्रीय शिक्षा निदेशक
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