रांची : डॉक्टर मंगाते हैं खून, मरीज को चढ़ाते नहीं और बर्बाद हो जाता है

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 20 Jun 2019 7:29 AM

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रिम्स के स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग का ये हाल है रांची : रिम्स के ब्लड बैंक में वैसे भी खून की किल्लत रहती है. यहां के स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग के डॉक्टर इस मुश्किल को और बढ़ा रहे हैं. जानकारी के अनुसार रिम्स के विभिन्न यूनिट के डॉक्टरों की लापरवाही के कारण पांच […]

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रिम्स के स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग का ये हाल है
रांची : रिम्स के ब्लड बैंक में वैसे भी खून की किल्लत रहती है. यहां के स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग के डॉक्टर इस मुश्किल को और बढ़ा रहे हैं. जानकारी के अनुसार रिम्स के विभिन्न यूनिट के डॉक्टरों की लापरवाही के कारण पांच से सात फीसदी खून अक्सर खराब हो जाता है.
बीते दिनों स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग की एक यूनिट की इंचार्ज ने वार्ड में भर्ती महिला के परिजन से खून मंगाया. खून को 24 घंटे रखवाया और उपयोग नहीं किया. अगले दिन उसे ब्लड बैंक में वापस भेज दिया गया. ज्यादा समय तक सही रख-रखाव नहीं होने के कारण खून खराब हो गया.
जब यह शिकायत ब्लड बैंक के माध्यम से रिम्स निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह के पास पहुंची, तो वे काफी नाराज हुए. निदेशक ने स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अनुभा विद्यार्थी को बुलाकर पूरे मामले की जानकारी ली. उन्होंने कहा कि संकट के दौर में खून का बर्बाद होना गंभीर बात है. अगर मरीज को खून नहीं चढ़ाना था, तो मंगाया क्यों?
अगले दिन क्यों भिजवाया गया? उन्होंने विभागाध्यक्ष को यह सुश्चित करने काे कहा कि खून मंगाते हैं, तो उसका उपयोग आधे घंटा में कर लें. स्त्री विभाग में यह भी शिकायत मिलती है कि खून मंगा कर सामान्य फ्रीज में घंटों रख दिया जाता है, जो सही नहीं है.
खराब खून से मरीज जा सकता है सेप्टीसीमिया में
खून के एक विशेषज्ञ ने बताया कि अगर ज्यादा देर तक खून को बाहर छोड़ दिया जाता है, तो खून खराब हो जाता है. ऐसा खून मरीज को चढ़ाने पर वह सेप्टीसीमिया में जा सकता है. खून से संक्रामक बीमारी तेजी से शरीर में फैलती है, इसलिए मानकोंका पूरा ख्याल रखना चाहिए.
खून के कारण ऑपरेशन नहीं टालें एनेस्थेटिक
एनेस्थीसिया विभाग के डॉक्टर
जरूरत नहीं होने पर भी खून का
मांग पत्र सर्जन को दे देते हैं, लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए. रिम्स के निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह ने कहा है कि मैं खुद यह मॉनिटर करूंगा कि कितने मरीजों का खून के कारण ऑपरेशन टाल दिया गया.
डॉक्टरों द्वारा खून मंगाकर रखे जाने की शिकायतें मिल रही हैं, यह गंभीर मामला है. ब्लड बैंक से निकलनेवाले खून का आधे घंटे के अंदर इस्तेमाल हो जाना चाहिए. इसके लिए सभी विभागाध्यक्षाें को दिशा निर्देश जारी किया गया है. खून खराब हुआ, तो डॉक्टर जिम्मेदार होंगे.
डॉ दिनेश कुमार सिंह, निदेश, रिम्स
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