रांची : रिम्स के ओपीडी में आम दिनों के मुकाबले 700 ज्यादा मरीजों का किया गया इलाज

By Prabhat Khabar Digital Desk
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ओपीडी खुलते ही उमड़ी मरीजों की भीड़, पंजीयन काउंटर पर धक्का-मुक्की
रिम्स में सामान्य दिनों में करीब 1500 मरीजों को मिलता है परामर्श, मंगलवार को हुआ 2,247 का इलाज
मेडिसिन ओपीडी में पहुंचे थे 350 से ज्यादा मरीज, छोटी-बड़ी सर्जरी व ब्लड जांच सुचारु
रांची : डॉक्टरों की हड़ताल के कारण सोमवार को राज्य के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों के ओपीडी सेवाएं ठप थी. इधर, मंगलवार को जैसे ही ओपीडी सेवाएं सामान्य हुईं, अस्पतालों में मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी.
रिम्स के ओपीडी में आम दिनों में रोजाना करीब 1500 मरीजों को इलाज किया जाता है, जबकि मंगलवार शाम 4:00 बजे तक यहां कुल 2,247 मरीजों का इलाज किया जा चुका था. इसमें 1461 मरीजों ने ऑफलाइन व 786 मरीजों ने ऑनलाइन पर्ची कटायी थी. यानी रिम्स के ओपीडी में आम दिनों के मुकाबले करीब 700 ज्यादा मरीजों का इलाज किया गया.
इधर, सुबह 8:30 बजे से ही मरीज और उनके परिजन पंजीयन काउंटर पर कतार बनाकर लग गये थे. सुबह नौ बजे से जैसे ही पंजीयन काउंटर खुला मरीज पर्ची कटाने के लिए उमड़ पड़े. मरीज व उनके परिजनों की भीड़ को देखते हुए रिम्स प्रबंधन ने दो अतिरिक्त गार्ड को पंजीयन काउंटर पर लगाया. हालांकि, इसके बावजूद पर्ची कटाने के दौरान हंगामा और धक्का-मुक्की का दौर चलता रहा.महिलाओं काउंटर पर भी मरीजों की लंबी कतार लगी हुई थी.
मेडिसिन और शिशु विभाग के ओपीडी में ज्यादा भीड़
पंजीयन काउंटर से पर्ची कटाने के बाद लोगों को ओपीडी के बाहर भी लाइन में लगना पड़ा. सबसे ज्यादा भीड़ मेडिसिन व शिशु रोग विभाग के ओपीडी में लगी हुई थी. जानकारी के अनुसार सबसे ज्यादा मेडिसिन में 350 से ज्यादा मरीजों ने परामर्श लिया. इसके बाद शिशु विभाग, हड्डी विभाग, सर्जरी विभाग, महिला विभाग व न्यूरो विभाग की ओपीडी में मरीजों की भीड़ लगी हुई थी.
रांची : रिम्स को एनएचएम से मिले छह शव वाहन
अवैध रूप से संचालित कैंटीन को हटाने का निर्देश
रांची : स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने रिम्स प्रबंधन को अस्पताल परिसर में अवैध रूप से संचालित कैंटीनों को हटाने का निर्देश दिया है. स्वास्थ्य मंत्री ने रिम्स निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह को निर्देश दिया है कि कैंटीन के संचालन के लिए नये सिरे से टेंडर निकाला जाये. इसके अलावा निदेशक को रिम्स में संचालित वेस्ट डिस्पोजल कंपनी के खर्च का ऑडिट कराने को कहा है.
रांची. रिम्स में किसी मरीज की मौत के बाद उसके परिजन को अब शव वाहन के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) द्वारा मंगलवार को रिम्स को छह शव वाहन सौंपे गये. शव वाहन मिलने के बाद रिम्स अधीक्षक डॉ विवेक कश्यप ने निदेशक प्रमुख डाॅ राजेंद्र पासवान से इसके संचालन के प्रक्रिया की जानकारी मांगी है.
उनसे पूछा गया है कि वाहन को संचालन किस तरह किया जायेगा. मरीज के परिजन से पैसा लेकर वाहन देना है या फिर नि:शुल्क देना है. अगर पैसा लेना है, तो इसकी दर क्या होगी. विलुप्त होती जाति के परिजनों को नि:शुल्क देना है, तो इसकी प्रक्रिया क्या होगी. अधीक्षक डॉ विवेक कश्यप ने बताया कि निदेशक प्रमुख से जैसा सुझाव आयेगा उसके हिसाब से शव वाहन का संचालन किया जायेगा.
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