बिजली की आंख मिचाैनी से सो नहीं पा रहे लोग, पर अधिकारी हैं मस्त - हाइकोर्ट

Updated at : 15 Jun 2019 2:20 AM (IST)
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बिजली की आंख मिचाैनी से सो नहीं पा रहे लोग, पर अधिकारी हैं मस्त - हाइकोर्ट

रांची. बिजली की आंख मिचाैनी से आम लोग परेशान हैं. स्थिति ऐसी हो गयी है कि लोग रात-रात भर सो नहीं पा रहे हैं. वहीं अधिकारी मस्त हैं, उन पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता. जो उपभोक्ता बिजली बिल का नियमित भुगतान कर रहे हैं, उन्हें भी सही तरीके से बिजली नहीं मिल रही है. […]

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रांची. बिजली की आंख मिचाैनी से आम लोग परेशान हैं. स्थिति ऐसी हो गयी है कि लोग रात-रात भर सो नहीं पा रहे हैं. वहीं अधिकारी मस्त हैं, उन पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता. जो उपभोक्ता बिजली बिल का नियमित भुगतान कर रहे हैं, उन्हें भी सही तरीके से बिजली नहीं मिल रही है. शुक्रवार को हाइकोर्ट के जस्टिस कैलाश प्रसाद देव की अदालत ने बिजली चाेरी मामले के आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त टिप्पणी की.

उन्होंने कहा कि वह भी नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान करते हैं, लेकिन बिजली निर्बाध रूप से नहीं मिल रही है. इस कारण रात में सो नहीं पा रहे हैं. उन्होंने बिजली चोरी मामले में विभाग के जवाब पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को फटकार लगायी.
अदालत ने ऊर्जा सचिव वंदना डाडेल व झारखंड ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध निदेशक राहुल पुरवार को अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया. दूसरे सत्र में दोनों अधिकारी सशरीर उपस्थित हुए. अदालत ने कहा कि बिजली विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के कारण बिजली की चोरी होती है. वैसे मामलों में विभाग बचाने के लिए तैयार रहता है.
अदालत ने ऊर्जा सचिव से पूछा कि बिजली की इतनी बड़ी चोरी कैसे हुई. इस पर आपके विभाग का जवाब संतोषजनक नहीं है. अदालत ने सचिव को कहा कि अधिकारी गलतियां करते हैं और विभाग उनके पीछे खड़ा रहता है. विभाग उसके खिलाफ किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं करता है. ऐसा क्यों होता है.
उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ विभाग कड़ी कार्रवाई करें, ताकि बिजली की चोरी नहीं हो पाये. अदालत ने विभाग को यह भी बताने का निर्देश दिया कि बिजली विभाग के कनीय अभियंता का कार्य क्या है. अदालत ने महाधिवक्ता के आग्रह को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए पांच जुलाई की की तिथि निर्धारित की.
इससे पूर्व सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता अजीत कुमार ने अदालत से दोबारा जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का देने का आग्रह किया. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी बोकारो जरीडीह ब्लॉक निवासी पवन कुमार उर्फ पप्पू सिंह ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की है. उन पर 1.64 लाख रुपये बिजली चाेरी के आरोप में मामला दर्ज है. एक मार्च 2019 को पूर्व में सुनवाई के दौरान बिजली विभाग को शपथ पत्र दायर कर यह बताने को कहा गया था कि बिजली की चोरी कैसे होती है. विभाग को उसकी जानकारी नहीं होती है. यह कैसे संभव है.
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